समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री
अखिलेश यादव
ने रविवार को बीजेपी के ऊपर अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी से फायदा उठाने के लिए धर्म का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। वहीं, यूपी के मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ
ने सपा प्रमुख के अयोध्या और हिंदू धार्मिक परंपराओं के प्रति कमिटमेंट पर सवाल उठाते हुए जवाब दिया।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने सनातन धर्म को व्यवसाय करने का जरिया बना लिया है। उन्होंने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'समाजवादी लोग चाहते हैं कि सनातन धर्म की रक्षा हो, लेकिन सनातन धर्म की आड़ में पूरा व्यवसाय चलाया जा रहा है। बीजेपी को अपना नाम बदलकर 'भाचपा' रख लेना चाहिए– चतुराई, चंदा, चोरी और चालबाजी।'
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'बीजेपी की डिक्शनरी में न धर्म और ना शर्म बची है'
उन्होंने कहा, 'बीजेपी की डिक्शनरी में न तो धर्म बचा है और न ही शर्म। उनकी प्राथमिकता धर्म नहीं, बल्कि पैसा है। उनके लिए 'नेशन फर्स्ट' नहीं बल्कि 'डोनेशन फर्स्ट' है।' राम मंदिर में दान में हुई चोरी और उसमें भारी गड़बड़ियों के बारे में बात करते हुए अखिलेश यादव ने बीजेपी से सवाल पूछा कि हिंदू धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक पर ऐसी घटना कैसे हो सकती है?
इतने बड़े धोखे की कल्पना कौन कर सकता था?
उन्होंने कहा, 'जन विश्वास के साथ इतने बड़े धोखे की कल्पना कौन कर सकता था? सीसीटीवी वीडियो से पता चलता है कि कितनी बार कैमरे बंद किए गए थे। क्या ये कहने की जरूरत है?' सपा प्रमुख ने कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में बीजेपी की हार तय है। उन्होंने कहा, 'बीजेपी को न तो चंदा मिलेगा, न चढ़ावा, न ही वोट। 2027 में PDA गठबंधन के साथ समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी।'
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला जारी रखते हुए आगे कहा, 'जो लोग सब पर चोरी का झूठा आरोप लगाते थे, अब भगवान ने उनकी चोरी का पर्दाफाश कर दिया है। इससे ज्यादा शर्मनाक और क्या हो सकता है? अयोध्या जैसी पवित्र जगह पर उन्होंने भगवान के लिए रखे गए चंदे की चोरी की है।'
सीएम योगी को भी दिया जवाब
सीसीटीवी वीडियो पर एक और तंज कसते हुए उन्होंने कहा, 'CCTV में 'CC' का मतलब अब 'चंदा चोरी' और 'चढ़ावा चोरी' हो गया है। गरीब औरतें अब पूछ रही हैं कि अगर चढ़ावा चोरी हो रहा है तो वे चढ़ावा क्यों चढ़ाएं।' उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हाल ही में की गई आलोचना का भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने राम मंदिर के उद्घाटन के बाद वहां न जाने की बात कही थी।
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योगी आदित्यनाथ का अखिलेश को जवाब
सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाथरस में एक रैली के दौरान अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर हिंदू धार्मिक परंपराओं का विरोध करने और अयोध्या के विकास का क्रेडिट लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'अखिलेश जी, आप अयोध्या की चिंता मत करो, पश्चाताप करो। कम से कम एक बार भगवान श्री राम लला के दर्शन तो कर लो। कम से कम इससे आपको सद्बुद्धि तो आएगी। आओ, खुलकर बोलो कि जैसे श्री राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन चला था, वैसे ही श्री कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए भी एक कैंपेन चलना चाहिए।'
मुख्यमंत्री ने कहा, 'मैं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का एक बयान पढ़ रहा था। वह कह रहे थे कि अगर उनकी सरकार आई तो वह अयोध्या को धार्मिक शहर बनाएगी। आप कौन सा धार्मिक शहर बनाएंगे? आपने अपना इतिहास देखा है। आपके लोगों ने राम भक्तों पर गोली चलाई। आपकी सरकार ने उन्हें गोली मारी।'