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UP में सपा का साथ देगी CJP? अखिलेश यादव से बंद कमरे में मिले आशुतोष रांका

यूपी के विधानसभा चुनाव से पहले CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने अखिलेश यादव से मुलाकात करके सत्ताधारी खेमे में खलबली मचा दी है। यह मुलाकात लखनऊ में ही हुई है।

Akhilesh Yadav Ashutosh

अखिलेश यादव और आशुतोष रांका, Photo Credit: Social Media

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विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका की मुलाकात ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। सपा मुख्यालय में दोनों के बीच बंद कमरे में करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत हुई। मुलाकात को लेकर दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक तौर पर अभी कुछ नहीं कहा गया है लेकिन शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर आने वाले दिनों में सपा और CJP के एक साथ दिखाई देने के कयास लगाए जा रहे हैं। 


बताया जा रहा है कि आशुतोष रांका अपने कुछ साथियों के साथ सपा मुख्यालय पहुंचे और अखिलेश यादव से मुलाकात की। बैठक में करीब सात लोग मौजूद थे। सीजेपी प्रवक्ता ने जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान सपा प्रमुख और सांसदों की ओर से मिले समर्थन के लिए आभार जताया। उस आंदोलन में डिंपल यादव सहित सपा के सांसदों के पहुंचने और समर्थन देने का भी उल्लेख किया गया।पिछले माह सीजेपी के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान आशुतोष रांका और उनकी टीम पर जयपुर में हमला हुआ था। उस समय भी सपा प्रमुख ने एक्स पर पोस्ट कर घटना की निंदा की थी और छात्रों व युवाओं से जुड़े मुद्दों के साथ उनके समर्थन में खड़े होने का संदेश दिया था।

 

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शिक्षा और पेपर लीक के मुद्दे पर सपा पहले से हमलावर

मुलाकात में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों के साथ जैन-जी और जैन-अल्फा से राजनीतिक संवाद को लेकर भी चर्चा हुई। सपा पहले से ही भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरती रही है। पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर पार्टी लगातार सवाल उठाती रही है। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर सपा प्रदेशभर में विलय किए गए परिषदीय स्कूलों के बाहर कार्यक्रम करने की तैयारी में है। ऐसे में माना जा रहा है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में सपा की राजनीति का प्रमुख हिस्सा बन सकते हैं।

 

सीजेपी अपने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान को आगे बढ़ा रही है। संगठन की ओर से सरकारी स्कूलों की स्थिति, शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के विस्तार और युवाओं से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक स्तर पर उठाने की संभावनाओं को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच चर्चा की बात सामने आ रही है।


सियासी नजरिए से देखें तो विधानसभा चुनाव से करीब एक साल पहले हुई यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि शिक्षा, रोजगार और पेपर लीक जैसे मुद्दे सीधे युवाओं से जुड़े हैं। सपा इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सीजेपी भी अपने अभियान के जरिए इन्हें प्रमुखता से उठा रही है।

 

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औपचारिक गठजोड़ नहीं लेकिन संवाद के संकेत

अखिलेश यादव और आशुतोष रांका की मुलाकात के बाद फिलहाल किसी राजनीतिक गठजोड़ या औपचारिक सहयोग की घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, दोनों के बीच भविष्य की रणनीति और सहयोग को लेकर चर्चा होने की बात सामने आ रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सपा और सीजेपी कई मुद्दों, विशेषकर शिक्षा-परीक्षा से जुड़े मामलों में एक-दूसरे के समर्थन में खड़े दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर बनती यह संभावित नजदीकी प्रदेश की सियासत में नए समीकरणों की आहट मानी जा रही है। 


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