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नितिन नवीन का पंजाब दौरा BJP की किस्मत बदल देगा? इस रणनीति पर काम करेगी पार्टी

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन का पंजाब दौरा खत्म हो चुका है और वह दिल्ली लौट चुके हैं। इस दौरे में उन्होंने पार्टी की आगामी रणनीति के बारे में संकेत दिए हैं।

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पंजाब दौरे के दौरान नितिन नबीन, Photo Credit: BJP

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भारतीय जनता पार्टी ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर अब राज्य में काम करना शुरू कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने खुद राज्य का दौरा किया। इससे पहले दिल्ली में नेताओं की कई राउंड बातचीत हो चुकी है। इस दौरे पर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य के आगामी चुनाव के लिए अपनी रणनीति की एक झलक भी जनता के सामने रखी। पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। हालांकि, पार्टी के अंदर अभी भी कई सीनियर नेता गठबंधन के पक्ष में हैं लेकिन पार्टी ने अपना स्टैंड साफ कर दिया है। 

 

नितिन नवीन के पंजाब दौरे के दौरान मंच पर पहली बार ट्रेडिशनल तीन तस्वीरों के साथ चौथी तस्वीर भी नजर आई। इस चौथी तस्वीर में भारतीय जनता पार्टी की आगमी रणनीति की और इशारा है। बीजेपी ने नए अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ ही अपने सरकार बनाने के लिए महाराजा रणजीत सिंह यानी शेर ए पंजाब का मॉडल सामने रख दिया है। उनकी तस्वीरें अब बीजेपी की ट्रेडिशनल तस्वीरों के साथ रखी जाने लगी हैं। 

 

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खालसा राज

पंजाब में सिख आबादी बहुसंख्यक है और बीजेपी को अब तक एक गैर सिख पार्टी और हिंदुओं की पार्टी माना जाता था। पार्टी के मंच पर आमतौर पर पंजाब में भी मंच पर पार्टी के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपध्याय और भारत माता की तस्वीरें होती थी लेकिन इस बार उन्होंने महान सिख शासक महाराजा रणजीत सिंह की तस्वीर को भी मंच पर रखा। बीजेपी इससे एक सिख राज और सुशासन का संदेश दे रही है। आम आदमी पार्टी ने इसी तरह भगत सिंह का चेहरा सामने रखकर पंजाब में अपनी पकड़ को मजबूत किया था। महाराजा रणजीत सिंह के जरिए पार्टी पंथक सिख वोटों को अपनी और आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। 

एक मुलाकात के कई मायने

नितिन नवीन ने इस दौरे के दौरान कृषि अर्थशास्त्री और पद्म भूषण डॉ. सरदार सिंह जोहल से मिले। इनका नाम देश के प्रमुख कृशि अर्थशास्त्रीयों में शामिल है। यह एक साधारण मुलाकात लग सकती है लेकिन इसके कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। 2020 के विवादित कृषि कानूनों के बाद और आंदोलन के बाद किसानों का एक बड़ा वर्ग पार्टी के खिलाफ हो गया है। बीजेपी को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में इस मुलाकात के जरिए पार्टी ने किसानों के बीच संदेश देने की कोशिश की है। किसान पंजाब की राजनीति में अहम हिस्सेदारी रखते हैं। 

 

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रणनीति पर मंथन

पंजाब के इस दौरे पर नितिन नवीन ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी रणनीति को लेकर मंथन किया। इस दौरान उन्होंने पार्टी के जीते हुए उम्मीदवारों और पिछले चुनाव में हारे हुए उम्मीदवारों से मीटिंग की। इस दौरान नितिन नवीन ने उन नेताओं से भी बातचीत की जो नए अध्यक्ष की नियुक्ति से खुश नहीं हैं। उन्होंने साफ संदेश दे दिया है कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों में अकेले सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। 


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