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ज्ञानेश कुमार विवाद: PM, शाह और CEC को राहुल गांधी ने देशद्रोही क्यों कहा?

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि वोट चोरी की वजह से लोकतंत्र कमजोर हो रहा है। ज्ञानेश कुमारो को इस्तीफा देना चाहिए। पढ़ें रिपोर्ट।

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लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी। Photo Credit: PTI

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लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि अब चुनाव आयोग की ओर से कराई गई वोट चोरी से जुड़े सबूत सामने आ रहे हैं। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि दो-दो चुनाव आयुक्तों ने ज्ञानेश कुमार के फैसले पर सवाल उठाए लेकिन ज्ञानेश कुमार ने मनमानी की। 

राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि ज्ञानेश कुमार ने चुनावों में धांधली की है, जिससे भारतीय जनता पार्टी (BJP) को चुनावों में बढ़त मिली है। उन्होंने कहा है कि सिस्टम की तबाही के लिए चुनाव आयोग जम्मेदार है। उन्होंने यह भी दावा किया कि साल 2024 में भी चुनाव आयोग ने धांधली की थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त को कानून से ऊपर रखा।

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'बीजेपी के खिलाफ गायब हो गई है सत्ता विरोधी लहर'

राहुल गांधी ने कहा, 'मैं एक राजनीतिक परिवार से आता हूं और पिछले 50 सालों से राजनीति देख रहा हूं। कोई नेता इस देश में यह बात नहीं कर सकता है। बीजेपी के खिलाफ विरोधी लहर न जाने कहां गायब हो गई है? इसका क्या कारण है? 2 दिन पहले इसका कारण 2 चुनाव आयुक्तों ने दिया था। भारत के वोट को खत्म कर दिया गया है।'

राहुल गांधी, नेता विपक्ष, लोकसभा:-
वोट चोरी हुई है तो जो कानून बनाए गए हैं, वे सभी अवैध कानून हैं। ज्ञानेश कुमार के ऊपर कंट्रोलर हैं। वे स्वयं काम नहीं कर रहे हैं।

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'जो कानून पास किए गए, वे सभी अवैध, 2 जूनियर ने किया अच्छा काम'

राहुल गांधी ने क्या कहा, 'देश एक नई जगह पहुंच गया है। हमारे इतिहास में लोकतंत्र पर इस प्रकार का आक्रमण पहले कभी नहीं हुआ है। 2024 का चुनाव फेक था और विधानसभा के चुनाव भी फेक थे। देश इस जगह कभी नहीं पहुंचा है। जो कानून पास किए गए हैं वे सभी अवैध हैं और जो लोग हमारी संस्थाओं को चला रहे हैं वे भी अवैध हैं। ज्ञानेश कुमार के 2 जूनियर्स ने बहुत अच्छा काम किया है।'

राहुल गांधी के आरोप क्या हैं?

राहुल गांधी ने बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान उन्होंने अपने पुराने 'वोट चोरी' वाले दावे को फिर दोहराया। राहुल गांधी ने हरियाणा, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि इन राज्यों से एंटी इनकम्बेंसी यानी सत्ता विरोधी लहर अचानक कैसे गायब हो गई।

किस आधार पर बोल रहे हैं राहुल गांधी?

राहुल गांधी का यह बयान इंडियन एक्सप्रेस अखबार की एक जांच रिपोर्ट के बाद आया है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार चुनाव आयोग के नाम पर लिए गए फैसलों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।

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CEC नियुक्ति पर पहले भी जताई थी आपत्ति

राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान एक असहमति नोट दिया था। इसमें कहा गया था कि यह पद स्वतंत्र होना चाहिए और कार्यपालिका के नियंत्रण से मुक्त रहना चाहिए। उनका आरोप है कि उनके इस नोट को नजरअंदाज कर दिया गया। 

मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति फिलहाल चीफ इलेक्शन कमिश्नर एंड अदर इलेक्शन कमिश्नर्स एक्ट 2023 के तहत होती है। इसमें तीन सदस्यों वाली एक उच्च स्तरीय समिति नाम की सिफारिश करती है जिसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं।

'एंटी इनकम्बेंसी अचानक गायब कैसे हो जाती है'

राहुल गांधी ने एएनआई के अनुसार कहा कि हरियाणा में पिछले 50 साल से सत्ता एक पार्टी से दूसरी पार्टी के बीच बदलती रही है लेकिन अचानक वहां एंटी इनकम्बेंसी गायब हो गई। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भी ऐसा ही हुआ और उत्तर प्रदेश में भी, जहां कभी समाजवादी पार्टी तो कभी बीएसपी की बारी आती थी लेकिन अब यह गायब हो गई। उन्होंने मध्य प्रदेश और गुजरात का भी उदाहरण दिया। गांधी ने कहा कि विपक्ष किसी नेता की लोकप्रियता और सरकार के प्रदर्शन को समझ सकता है लेकिन यह समझ पाना मुश्किल है कि एंटी इनकम्बेंसी अचानक कैसे खत्म हो जाती है।

'वोट चोरी से कानून चोरी और फिर संस्था चोरी'

राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने कई बार सवाल उठाए लेकिन उन्हें अनदेखा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि भारत के लोगों ने इस पर भरोसा किया लेकिन देश के संस्थागत ढांचे ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी से कानून चोरी और कानून चोरी से संस्था चोरी की एक कड़ी बन गई है। उन्होंने कहा कि अगर वोट चोरी हुई है और संसद में बैठे सांसद चोरी के वोट के आधार पर हैं तो वे जो भी कानून बना रहे हैं वह गैरकानूनी है।

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BJP ने बताया 'झूठ की गूंज'

कांग्रेस नेता के इस बयान पर BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पलटवार किया। उन्होंने राहुल गांधी के भाषण को 'डैम्प स्क्विब' और 'झूठ की गूंज' करार दिया। भंडारी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 2014 से BJP के खिलाफ कोई एंटी इनकम्बेंसी नहीं है, यह झूठ है क्योंकि सच यह है कि BJP 2014 से अब तक 20 चुनाव हार चुकी है। उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए रायबरेली सीट का जिक्र किया, जहां कांग्रेस लगातार 16 बार जीत चुकी है।


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