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'रिकॉर्ड कर लो ना कांग्रेस में जा रहा, ना BJP में...', उमेश कुमार ने दिया जवाब

उत्तराखंड के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार एक बार फिर चर्चा में हैं। कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं पर उन्होंने कहा है कि वह आखिर कांग्रेस में क्यों शामिल हो जाएंगे?

हरीश रावत और उमेश कुमार

हरीश रावत पर बरसे उमेश कुमार, Photo Credit: Social Media

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उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों हलचल मची हुई है। कांग्रेस हाई कमान की सहमति के बगैर नोटिस निकालने के चक्कर में हरीश रावत को तलब कर लिया गया है। हरीश रावत ने अपनी यात्रा रोकने से पहले कई पोस्ट किए। एक में उन्होंने लिखा कि कांग्रेस में उन लोगों को लाने की कोशिश की जा रही है जिन्होंन कांग्रेस की सरकार गिरा दी थी। माना गया कि उनका इशारा पत्रकार से नेता बने विधायक उमेश कुमार की ओर था। अब उमेश कुमार ने इस पर जवाब देते हुए कहा है कि वह ना तो कांग्रेस में जा रहे हैं और ना ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह जन निर्माण पार्टी में शामिल होंगे और उसी के टिकट पर खानपुर से विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे।

 

2022 में खानपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीतने वाले उमेश कुमार इस बार पार्टी के टिकट पर उतरने की तैयारी में हैं। जून 2026 में उनकी पत्नी सोनिया शर्मा ने जन निर्माण पार्टी का गठन किया। निर्दलीय विधायक होने के नाते उमेश कुमार अभी इसमें शामिल नहीं हुए हैं लेकिन वह कह चुके हैं कि चुनाव से पहले वह पार्टी में शामिल हो जाएंगे। अब उन्होंने हरीश रावत को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि उनके कर्मों की वजह से ही स्टिंग ऑपरेशन हुआ था।

क्या बोले उमेश कुमार?

उमेश कुमार ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा है, 'लगातार जो कुछ लोग हैं, वे चाहे हरीश रावत के हों या किसी के हों, उनको लगता है कि कांग्रेस में सारा बवाल मुझे कांग्रेस ज्वाइन कराने की वजह से हो रहा है तो मैं आपको साफ बता देता हूं कि मैं जन निर्माण पार्टी ज्वाइन करने की बात कह चुका हूं। मैं जल्दी ही जन निर्माण पार्टी की सदस्यता लूंगा। मैं उसी के टिकट पर खानपुर विधानसभा से चुनाव लड़ूंगा। हरदा (हरीश रावत) मैं आपको बताना चाहता हूं कि आप मेरा झूठा प्रचार करवाकर कुछ कर पाएंगे तो यह नहीं होगा।'

 

यह भी पढ़ें: न संगठन में हैं, न हैं चेहरा, फिर बाहरी कांग्रेसियों को खटक क्यों रहे हरीश रावत?

 

उन्होंने आगे कहा, 'आपने एक ट्वीट किया कि 2016 में हमारी सरकार गिराने वाले को कांग्रेस में लाने की की कोशिश हो रही है। मुझे आपकी पार्टी में आने का कोई शौक ही नहीं है। किस कांग्रेस में आप मुझे लाने की बात कर रहे हो? क्या आपको लगता है कि मैं प्रदेश कांग्रेस में आना चाहूंगा? हरदा, इस प्रदेश कांग्रेस के बड़े-बड़े दिग्गज नेता मेरे मित्र रहे हैं और बहुत सारे तो ऐसे रहे हैं जो मेरे दरवाजे पर बैठे रहे हैं। उनमें से एक आप भी हो जो दिन में दो बार मुझसे बात करते थे। अपने दिल से पूछ लेना एक बार। आप कहते हो स्टिंग ऑपरेशन। वह तो आपके कर्मों की वजह से हुआ। क्या उस स्टिंग ऑपरेशन में खरीद-फरोख्त मैं कर रहा था? सरकार आप बचाना चाहते थे क्योंकि आपने कर्म ऐसे कर दिए थे कि आपकी सरकार गिरना तो तय ही था लेकिन शायद मेरे भाग्य में लिख दिया गया था कि वह मेरे द्वारा गिरे।'

हरीश रावत पर जमकर बरसे उमेश कुमार

उमेश कुमार ने हरीश रावत को आड़े हाथ लेते हुए कहा है, 'आपको क्या लगता है कि मैं कांग्रेस में शामिल होकर हरीश रावत जिंदाबाद के नारे लगाऊंगा? अरे आपके नारे लगाने से अच्छा तो मैं राजनीति से संन्यास लेना बेहतर समझूंगा। क्यों आऊं मैं तुम्हारी कांग्रेस में? उमेश कुमार आज भी जहां खड़ा है न, वहां आपसे बड़ा है। आपसे हल्का नहीं हूं मैं। आपके यहां कोई इतना बड़ा कद्दावर नेता भी नहीं है। मान-सम्मान सबका मैं करता हूं लेकिन किसी को अगर यह गलतफहमी हो कि उमेश कुमार आपसे डरता है तो यह गलत है। आप तो सीएम थे तब मैं आपसे नहीं डरा। आप आइए खानपुर, किसने मना किया है।'

बीजेपी में जाने की चर्चाओं पर उमेश कुमार ने कहा, 'ना मैं बीजेपी में जाने वाला हूं और ना ही मैं कांग्रेस में शामिल हो रहा हूं क्योंकि मैं उन नेताओं के जिंदाबाद के नारे नहीं लगा सकता जो कल तक मेरी दहलीज पर बैठते थे। मेरा जमीर जिंदा है। जनता चाहेगी तो राजनीति करूंगा नहीं चाहेगी तो घर चला जाऊंगा। आप इस तरह का प्रचार-प्रसार ना करें। आप कितने बड़े ड्रामेबाज हैं, यह इस प्रदेश को आज तक समझ ही नहीं आया।'

 

यह भी पढ़ें: 'आप बिना पूछे यात्रा कर रहे हैं, इसे बंद करें', हरीश रावत को हाई कमान की दो टूक

हरीश रावत ने क्या लिखा था?

दरअसल, जब हरीश रावत को प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा की ओर से नोटिस मिला तो वह X पर लगातार कई बातें लिखने लगे। इसी क्रम में उन्होंने एक पोस्ट लिखी थी जिसके बाद तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे। अपने पोस्ट में हरीश रावत ने लिखा था, 'रहीमन देखि दिनन के फेर। 2016 में कांग्रेस की सरकार को गिराने में जो व्यक्ति इंस्ट्रूमेंट बना, आज उस व्यक्ति को कुछ नए ब्रांड के हरिद्वार व इसके आस-पास के हुड़दंगिए कांग्रेसी महिमामंडित करने में लगे हुए हैं। पहले उनका लोकसभा के चुनाव के वक्त में प्रयास था और अब तो प्रयास और गहरा है।'

 

उन्होंने आगे लिखा था, 'जो सरकार गिराने का माध्यम/इंस्ट्रूमेंट बना, वह तो अब वंदनीय दिखाई दे रहा है क्योंकि अपार दौलत है और अधिकांश दौलत का बड़ा हिस्सा 2016 में हमारी सरकार गिराने के बाद खरीदा गया है। जिस व्यक्ति ने सरकार बचाने के लिए प्राण लगाए, संघर्ष किया, वह आज उनकी नजर में विलन है और जिस व्यक्ति के कारण उत्तराखंड से 10 साल के लिए कांग्रेस की विदाई हुई, वह व्यक्ति उनके लिए आज हीरो है।' 


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