बहुजन समाज पार्टी (BSP) में एक बार फिर बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है। BSP सुप्रीमो मायावती ने अपने छोटे भतीजे और आकाश आनंद के छोटे भाई ईशान आनंद को पार्टी का मुख्य सेक्टर प्रभारी नियुक्त किया है। ईशान को करीब 15 राज्यों में संगठन के कामकाज की निगरानी और समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। इस फैसले के बाद BSP की राजनीति में आकाश आनंद की भूमिका और ईशान के बढ़ते कद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
ईशान आनंद अब करीब 15 राज्यों में BSP के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा करेंगे। उन्हें इन राज्यों में पार्टी की गतिविधियों, संगठन की स्थिति और कार्यकर्ताओं से जुड़े मामलों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है।बताया गया है कि ईशान अपनी जिम्मेदारियों से जुड़ी रिपोर्ट अपने पिता और BSP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार को देंगे। पार्टी के इस फैसले को संगठन में ईशान की सक्रिय भूमिका बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है।
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आकाश आनंद के बाद ईशान को जिम्मेदारी
ईशान आनंद को यह अहम जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है, जब उनके बड़े भाई आकाश आनंद को लेकर BSP में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं। मायावती ने पिछले सप्ताह आकाश आनंद से चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर का पद वापस ले लिया था। मायावती ने उन्हें राजनीतिक रूप से अपरिपक्व बताते हुए यह फैसला लिया था। इससे पहले मार्च में आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित किया गया था। करीब एक महीने बाद उनकी BSP में वापसी हुई थी और मई में उन्हें दोबारा चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
नई पीढ़ी को आगे बढ़ा रही हैं मायावती?
ईशान आनंद को 15 राज्यों की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद BSP के भीतर नई पीढ़ी की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक हलकों में इसे पार्टी के संगठन को मजबूत करने और युवा नेतृत्व को आगे लाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि, आकाश आनंद को पार्टी से दोबारा बाहर किए जाने को लेकर चल रही चर्चाओं पर अभी किसी अंतिम फैसले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मीडिया रिपोर्टों में उनके दोबारा निष्कासन की अटकलें लगाई जा रही हैं।
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अशोक सिद्धार्थ को लेकर मायावती का सख्त रुख
आकाश आनंद के ससुर और BSP नेता अशोक सिद्धार्थ को लेकर भी मायावती पहले ही सख्त फैसला ले चुकी हैं। उन्हें दोबारा पार्टी से बाहर किया गया है। मायावती ने स्पष्ट किया है कि अशोक सिद्धार्थ के लिए BSP के दरवाजे बंद हो चुके हैं। ऐसे में ईशान आनंद को बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी दिए जाने को BSP की मौजूदा रणनीति में अहम बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 15 राज्यों की जिम्मेदारी मिलने के बाद ईशान पार्टी संगठन में किस तरह की भूमिका निभाते हैं और आकाश आनंद की राजनीतिक स्थिति क्या रहती है।