कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने बहरामपुर लोकसभा सीट से सांसद यूसुफ पठान से संपर्क किया था। उनसे अपनी सीट छोड़ने का आग्रह किया, ताकि यहां उपचुनाव जीत कर ममता बनर्जी लोकसभा पहुंच सके। दावा यह भी किया गया कि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने ममता बनर्जी की तरफ से यूसुफ पठान से संपर्क किया। शनिवार को पहले सौरव गांगुली और बाद में टीएमसी सांसद यूसुफ पठान ने अपनी प्रतिक्रिया दी। दोनों ने इन अटकलों को अफवाह बताया।
मीडिया रिपोर्ट और अटकलों पर टीएमसी सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने कहा, 'काफी समय से एक खबर वायरल हो रही है कि ममता बनर्जी ने मुझसे बहरामपुर लोकसभा सीट से इस्तीफा देने को कहा है, ताकि वह वहां से चुनाव लड़ सकें। ममता बनर्जी ने इस मामले पर मुझसे कभी बात नहीं की। यह दावा पूरी तरह से गलत है। न तो ममता बनर्जी और न ही पार्टी के किसी नेता ने मुझसे सांसद पद से इस्तीफा देने को कहा है।'
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गांगुली बोली- मुझ पर गलत और झूठे आरोप लगाए गए
यूसुफ पठान से पहले सौरव गांगुली ने शनिवार को अपना बयान जारी किया। अपने पत्र में गांगुली ने 4 जून को बंगाल के एक स्थानीय अखबार में छपे लेख का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अखबार के लेख में उन पर गलत तरीके से आरोप लगाया गया था कि मैंने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ से बहरामपुर लोकसभा संसदीय क्षेत्र के सांसद यूसुफ पठान से संपर्क किया। आरोप यह भी लगाया गया कि मैंने ममता बनर्जी की तरफ से यूसुफ पठान को अपने पद से इस्तीफा देने को कहा, ताकि ममता बनर्जी वहां से उपचुनाव लड़ सकें।
'अफवाह और अटकलों पर विश्वास न करें'
लेख में यह भी आरोप लगाया गया कि यूसुफ पठान इस पर राजी नहीं हुए। गांगुली ने आगे कहा कि यह आरोप झूठे हैं। 'मैं मीडिया से अनुरोध करूंगा कि वे छपी और प्रकाशित खबरों की सच्चाई की जांच किए बिना अफवाहों और अटकलों पर विश्वास न करें। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि मेरे बारे में लेख में लगाए गए इन आरोपों की सच्चाई और प्रमाणिकता की जांच-पड़ताल करना जरूरी नहीं समझा गया।'
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ममता बनर्जी ने कभी यूसुफ से बात करने को नहीं कहा: गांगुली
गांगुली ने आगे कहा, 'लेख में मुझ पर लगाए गए आरोप सच्चाई को पूरी तरह नजरअंदाज करते हैं। आप समझेंगे कि ऐसी स्थितियों में लेख प्रकाशित करने से पहले उसमें किए गए दावों की सच्चाई की जांच-पड़ताल करने के लिए उचित सावधानी बरतना और भी जरूरी था। इसलिए यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ममता बनर्जी ने मुझसे कभी भी यूसुफ पठान तक कोई संदेश पहुंचाने को नहीं कहा, चाहे वह उनकी संसदीय सीट छोड़ने के बारे में हो (जैसा कि आरोप लगाया गया है) या किसी और बात के बारे में। इन हालात में और किसी भी स्थिति में मैंने कभी यूसुफ पठान से ऐसी या किसी अन्य बात की खातिर संपर्क नहीं किया।'