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PM मोदी का पंजाब दौरा, रविदासियों को साधने के लिए क्या-क्या कर रही है BJP?

पीएम मोदी 17 जुलाई को पंजाब आ रहे हैं और इस यात्रा से 2027 के लिए समीकरण साधने की कोशिश करेंगे। बीजेपी रविदासिया समुदाय पर खास जोर दे रही है और पार्टी की रणनीति का अहम बिंदु है।

PM Modi In punjab

पंजाब में पीएम मोदी, Photo Credit: Social Media

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को पंजाब आ रहे हैं और छह महीने में यह उनका दूसरा दौरा है। इससे पहले 1 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री मोदी पंजाब आए थे। उस दौरे में उन्होंने जालंधर के डेरा सचखंड बल्लां में गुरु रविदास जयंती समारोह में हिस्सा लिया, आदमपुर हवाई अड्डे का नाम श्री गुरु रविदास जी एयरपोर्ट रखा और हलवारा एयरपोर्ट के नए सिविल टर्मिनल का उद्घाटन किया था। अब इस दौरे में पीएम मोदी ई रेलवे परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे और जालंधर से वाराणसी के लिए एक ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। भले ही पीएम मोदी की यह यात्रा परियोजनाओं के उद्घाटन के लिए है लेकिन इसे 2027 चुनाव की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। 


17 जुलाई को पीएम मोदी  110 साल पुराने जालंधर कैंटोनमेंट रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे, जिसका केंद्र सरकार ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जीर्णोद्धार किया है। इसके अलावा जालंधर और वाराणसी के बीच एक और ट्रेन सेवा की आधारशिला भी रखेंगे। इस ट्रेन का नाम 'श्री गुरु रविदास जी महाराज' एक्सप्रेस रखा गया है। 

 

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यात्रा से साध रहे समीकरण

पीएम मोदी की इस यात्रा से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता काफी उत्साहित हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इस यात्रा को बीजेपी की चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। बीजेपी पंजाब में रविदासिया समुदाय पर खास ध्यान दे रही है। 1 फरवरी को पीएम मोदी रविदासिया समाज के सबसे बड़े डेरे सचखंड बल्लां में आए थे। इसके साथ ही डेरा सच्चखंड बल्लां के प्रमुख  संत निरंजन दास को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। बता दें कि रविदासिया समाज पंजाब में दलितों की सबसे बड़ी आबादी वाला समाज है। यही कारण है कि बीजेपी इस समाज को केंद्र में रखकर अपनी रणनीति बना रही है और दलित वोटबैंक को अपनी और आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। 

संत निरंजन दास जी को पद्म श्री से सम्मानित किया गया

 

 

पीएम मोदी जालंधर से वाराणसी के लिए एक ट्रेन भी शुरू करेंगे। इस ट्रेन का नाम भी रविदासिया समाज के आदर्श के नाम पर 'श्री गुरु रविदास जी महाराज' रखा गया है। बता दें कि वाराणसी पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र है और इसी वाराणसी में संत रविदास का जन्म हुआ था। वाराणसी में संत रविदास की जन्मस्थल पर एक मंदिर भी बना है, जहां हर साल पंजाब से हजारों श्रद्धालु जाते हैं। ऐसे में पीएम मोदी रविदासिया समाज के बीच मजबूत पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। 

दोआबा और दलित समीकरण साधने की कोशिश

पीएम मोदी पंजाब के दोआबा रीजन में आ रहे हैं और इस रीजन में 33.34 प्रतिशत आबादी दलितों की है। दलितों में रविदासिया समुदाय का सबसे ज्यादा हिस्सा है। 2011 की जनगणना के अनुसार, दोआबा रीजन की कुल जनसंख्या 52.08 प्रतिशत थी और उसमें 19.48 लाख लोग यानी करीब 37 प्रतिशत दलित हैं। इस रीजन में दलितों में सबसे ज्यादा आबादी रविदासिया समुदाय की ही है और इसका अंदाजा आंकड़ों से लगाया जा सकता है कि कुल दलित आबादी 19.48 लाख में से 11.88 लाख लोग यानी करीब 61 प्रतिशत रविदासिया समुदाय से ही आते हैं। ऐसे में अगर बीजेपी इस समुदाय का विश्वास जीतने में सफल हो जाती है तो उन्हें इस रीजन में बढ़त मिल सकती है और यह पार्टी के लिए बहुत अहम होगी। 

दोआबा का राजनीतिक गणित

पंजाब का दोआबा क्षेत्र ब्यास और सतलुज नदियों के बीच स्थित है। इस समृद्ध और उपजाऊ भौगोलिक क्षेत्र में चार प्रमुख जिले आते हैं जिनमें जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर और शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) शामिल हैं। इस क्षेत्र में कुल 23 विधानसभा सीटें हैं और इन में से 8 सीटें दलित समुदाय के लिए रिजर्व हैं। पंजाब में कुल 117 विधानसभा सीटें हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने इस क्षेत्र में एक सीट पर जीत दर्ज की थी।

 

कांग्रेस पार्टी को जहां पूरे पंजाब में झटका लगा था वहीं इस क्षेत्र से पार्टी ने 23 में से 10 सीटों पर जीत दर्ज कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में खुद को स्थापित किया था। 18 में से 10 सीटें इसी क्षेत्र से आई थी। आम आदमी पार्टी ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की थी और अकाली दल के खाते में भी एक सीट गई थी। हालांकि, 2022 के बाद अब आम आदमी पार्टी के पास कुल 12 सीटें हो चुकी हैं। दो उपचुनाव और अकाली दल के विधायक ने आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया है। 

 

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2027 चुनाव की तैयारी

पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं और भारतीय जनता पार्टी इन चुनावों में अकेले मैदान में उतरने का मन बना चुकी है। पार्टी अलग-अलग समुदायों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है। इसी क्रम में पीएम मोदी की यह रैली शामिल है। इसके अलावा सिख समुदाय और जट्ट सिखों को साथ लाने के लिए पार्टी ने केवल सिंह ढिल्लों को प्रधान बनाया है। संगठन में भी बीजेपी लगातार बदलाव कर रही है। ऐसे में पीएम मोदी की इस यात्रा से बीजेपी को दोआबा क्षेत्र में मदद मिलेगी और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी ग्राउंड तैयार कर रही है। बीजेपी सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी है।


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