उत्तर प्रदेश में सलार मसूद गाजी और महाराजा सुहेलदेव के नाम पर सियासी पारा हाई है। 14 जून को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी बहराइच के मटेरा क्षेत्र में एक रैली को संबोधित करेंगे। खबरों के मुताबिक रैली से पहले ओवैसी सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर चादर भी चढ़ाएंगे। उधर, कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बेटे और सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने खुले शब्दों में ओवैसी को चेतावनी दी है।
अरविंद राजभर ने कहा कि अगर ओवैसी गाजी की मजार पर चादर चढ़ाने जाएंगे तो महाराजा सुहेलदेव के वंशज चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके चुनाव लड़ने पर हमें कोई दिक्कत नहीं है। मगर सलार मसूद गाजी की मजार पर चादर नहीं चढ़ाने देंगे। अरविंद ने आगे कहा कि ओवैसी अपने चुनाव अभियान की शुरुआत पराजय की धरती से करने जा रहे हैं। इससे आप उनका हश्र समझ सकते हैं।
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सीएम योगी ने भी बढ़ाया सियासी पारा
सीएम योगी शनिवार को आजमगढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने एक जनसभा में महाराजा सुहेलदेव का का उल्लेख किया और ओवैसी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बहराइच का नेजा मेला आंक्राता सालार मसूद के नाम पर लगता था। हमने कहा कि मेले का आयोजन महाराजा सुहेलदेव के नाम होना चाहिए। महाराजा सुहेलदेव ने विदेशी आक्रांताओं को नेस्तनाबूद किया। उनके डर की वजह से विदेशी आक्रांता भारत की धरती पर कदम नहीं रखते थे।
शौकत अली का विवादित बयान
बता दें कि सालार मसूद गाजी की मजार यूपी के बहराइच में स्थित है। सालार मसूद महमूद गजनवी का भांजा था। बहराइच के युद्ध में महाराजा सुहेलदेव ने उसे शिकस्त दी थी। हालांकि एआईएमआईएम के यूपी प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने शुक्रवार को एक विवादित बयान दिया। उनका कहना है कि महाराजा सुहेलदेव ऐतिहासिक नहीं, बल्कि काल्पनिक पात्र हैं। अगर वह सच में राजा थे तो उनसे जुड़े किले, महल और ऐतिहासिक प्रमाण होने चाहिए थे।
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200 विधानसभा सीटों पर ओवैसी की निगाह
शौकत अली के मुताबिक पार्टी बहराइच की रैली से अपने चुनावी अभियान का आगाज करेगी। करीब 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी है। ओवैसी चुनाव अभियान की शुरुआत सपा की कब्जे वाली सीट से करेंगे। मटेरा विधानसभा क्षेत्र से सपा की मारिया शाह विधायक हैं। जाहिर से बात है कि ओवैसी की निगाह मुस्लिम बहुल सीटों पर हैं। अगर चुनाव में ओवैसी का जनाधार बढ़ा तो इसका खामियाजा सीधे समाजवादी पार्टी को ही उठाना पड़ सकता है।