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अरविंद केजरीवाल को अचानक याद आए राम, पंजाब खोने का डर या कुछ और वजह?

अरविंद केजरीवाल इन दिनों राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर लगातार हमला बोल रहे हैं। राजनीतिक जानकार इसे पंजाब चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं।

Arvind Kejariwal in Ram Mandir

राम मंदिर में अरविंद केजरीवाल, Photo Credit: AAP

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आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल बीते कुछ दिनों से अयोध्या राम मंदिर में हुए चंदा चोरी के मामले पर भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोल रहे हैं। कुछ दिन पहले ही वह खुद राम मंदिर पहुंचे थे। उन्होंने खुद को सच्चा सनातनी भी बताया है। भारतीय जनता पार्टी उन पर चढ़ावा चोरी के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगा रही है। राजनीतिक जानकार इस राष्ट्रीय राजनीतिक के साथ-साथ पंजाब की राजनीति से जोड़कर भी देख रहे हैं। जानकारों का मानना है कि पंजाब में सरकार बचाने के लिए अरविंद केजरीवाल हिंदू वोटर्स को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। 

 

आम आदमी पार्टी ने साल 2022 में पंजाब में पहली बार सरकार बनाई थी। उस चुनाव में शिरोमणि अकाली दल के कई वोटर्स और कई हिंदू वोटर्स ने भी पार्टी को वोट किया था। इसी कारण पार्टी को बंपर जीत मिली और पहली बार सत्ता में आई। हालांकि, इसके बाद 2024 में हुए और उसमें आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा था। पार्टी को सिर्फ 6 लोकसभा सीटों पर जीत मिली औ इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का वोट प्रतिशत बढ़ा। इसके पीछे मुख्य वजह राम मंदिर का मु्द्दा माना गया था। 

 

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राम मंदिर के कारण बढ़ा बीजेपी का वोट शेयर?

भारतीय जनता पार्टी को 2024 के लोकसभा चुनाव में करीब 19 प्रतिशत वोट मिला था। यह पार्टी का अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन था। वोट शेयर बढ़ने के पीछे एक वजह तो यह थी कि पार्टी ने ज्यादा सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। इसके अलावा राम मंदिर के मुद्दे को पार्टी के पक्ष में माना गया और इसके कारण ही वोट प्रतिशत बढ़ा। पंजाब में बीजेपी को शहरी हिंदुओं की पार्टी के रूप में ही देखा जाता है और अकाली दल के साथ पार्टी कई सालों तक चुनाव लड़ती रही। 2020 में अकाली दल किसान कानूनों के कारण बीजेपी और एनडीए से अलग हो गया था। इसके बाद बीजेपी अकेले चुनाव लड़ रही है। 

पंजाब में कितने ताकतवर हिंदू वोटर?

पंजाब एक सिख बहुल राज्य है लेकिन यहां हिंदू आबादी भी राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जाती है। साल 2011 की जनगणना के अनुसार, पंजाब में हिंदुओं की आबादी कुल 38.5 फीसगी है। राज्य में 45 विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां हिंदू वोटर्स की संख्या ज्यादा है। कुछ क्षेत्रों में हिंदू वोटर्स जीत-हार तय करते हैं। 

हिंदुओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश

आम आदमी पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव के लिए नए समीकरण बनाने की कोशिश में है। पार्टी ने सिख वोटर्स को लुभाने के लिए बेअदबी को लेकर कानून बनाया। हालांकि, यह दांव आम आदमी पार्टी पर उल्टा ही पड़ गया क्योंकि कानून पर अकाल तख्त ने सवाल उठाए हैं। इसके बाद आम आदमी पार्टी अब हिंदुओं को अपने पाले में करने की कोशिश कर रही है और इसी क्रम में पार्टी ने पंजाब से दिल्ली तक हिंदुओं से जुड़े मुद्दे उठाने शुरू कर दिए हैं। पंजाब में बजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है और अमृतसर में मंदिर बनाने की घोषणा की गई है। इसी कड़ी में अरविंद केजरीवाल राम मंदिर में चंदा चोरी का मु्द्दा उठा रहे हैं जिससे उन्हें पंजाब में लाभ मिल सके। 

 

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हिंदुओं पर सबकी नजर

पंजाब में आगमी विधानसभा चुनाव को लेकर तमाम राजनीतिक दल हिंदू वोटर्स को अपने पाले में करने की कोशिश कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी को पारंपरिक तौर पर हिंदुओं की पार्टी माना जाता है लेकिन पार्टी का ग्राउंड पर कम प्रभाव होने के कारण हिूदूं ज्यादा संख्या में पार्टी को वोट नहीं करते हैं। पहले हिंदू कांग्रेस पार्टी के समर्थक रहे और 2022 में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच हिंदुओं के वोटों का बंटवारा माना जाता है। 

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