समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता राजकुमार भाटी एक बार फिर चर्चा में हैं। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसके आधार पर कहा जा रहा है कि राजकुमार भाटी ने धर्म परिवर्तन कर लिया। कई सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा गया है कि राजकुमार भाटी ने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया है। अब राजकुमार भाटी ने इस पर सफाई दी है। उन्होंने एक वीडियो जारी करके कहा है कि वह बौद्ध धर्म का बहुत सम्मान करते हैं लेकिन ना तो उन्हें धर्म परिवर्तन करने की जरूरत है और ना ही उनका ऐसा इरादा है। राजकुमार भाटी का कहना है कि वह हिंदू पैदा हुए हैं और अभी भी हिंदू धर्म में ही हैं। खुद राजकुमार भाटी के सोशल मीडिया पोस्ट से पता चलता है कि यह एक 'विशाल धम्म दीक्षा समारोह' था जिसे भारतीय बौद्ध सभा की ओर से आयोजित किया गया था।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि राजकुमार भाटी जब मंच पर मौजूद थे तभी एक शपथ ली जा रही थी। खुद राजकुमार भाटी भी शपथ ले रहे थे। इस शपथ में कहा जा रहा था, 'मैं ब्रह्मा, विष्णु, महेश को कभी भगवान नहीं मानूंगा और ना ही कभी मैं उनकी पूजा करूंगा। मैं राम और कृष्ण को भगवान नहीं मानूंगा और ना ही कभी उनकी पूजा करूंगा। मैं गौरी-गणपति आदि हिंदू धर्म के किसी भी देवी-देवताओं को नहीं मानूंगा और ना ही उनकी पूजा करूंगा। मैं इस बात पर कभी विश्वास नहीं करूंगा कि ईश्वर ने कभी अवतार लिया है। मैं इस बात को कभी नहीं मानूंगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार हैं।'
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रोचक बात है कि सोशल मीडिया पर सक्रिय कई बौद्ध धर्म अनुयायियों ने इसी वीडियो के बाद राजकुमार भाटी का बौद्ध धर्म में स्वागत भी कर डाला। हालांकि, राजकुमार भाटी ने धर्म बदलने की बात से इनकार किया है। आपको बता दें कि राजकुमार भाटी जो शपथ ले रहे थे वे डॉ भीमराव आंबेडकर की बौद्ध धर्म दीक्षा का हिस्सा हैं। 14 अक्टूबर 1956 को डॉ आंबेडकर ने अपने लाखों समर्थकों को यही शपथ दिलाई थी। इसमें आखिरी शपथ है- 'मैं यह पवित्र प्रतिज्ञा करता हूं कि आज से मैं बौद्ध धर्म के अनुसार आचरण करूंगा।'
राजकुमार भाटी ने क्या बताया?
अपने वीडियो में राजकुमार भाटी ने कहा है, 'कल 20 अक्टूबर को दिल्ली में रानी झांसी रोड पर अंबेडकर भवन में भारतीय बौद्ध सभा के एक कार्यक्रम में मुझे मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था। राजनीतिक कार्यकर्ता होने के नाते मुझे जहां भी सम्मान से बुलाया जाता है तो मैं सभी धर्म, सभी जाति, सभी समुदाय और सभी वर्गों के कार्यक्रमों में उपस्थित होता हूं। मैं गुरुद्वारे में भी जाता हूं, मैं मुस्लिम भाइयों की मजलिस में भी शामिल होता हूं और यज्ञ-हवन, पूजा-पाठ में भी शामिल होता हूं।'
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उन्होंने आगे कहा है, 'मैं वहां पर अतिथि के तौर पर गया था। वहां पर आयोजकों की ओर से बाबा साहब की 22 प्रतिज्ञाएं भी बोली गई थीं। इस कार्यक्रम के बाद बीजेपी के आईटी सेल ने अफवाह फैला रखी है कि राजकुमार भाटी ने धर्म परिवर्तन कर लिया और हिंदू धर्म छोड़ दिया। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि बौद्ध धर्म के प्रति मेरा बहुत स्नेह है। महात्मा बुद्ध की शिक्षाओं के प्रति मैं बहुत आकर्षण रखता हूं लेकिन ना तो मैं धर्म परिवर्तन की कोई जरूरत समझता हूं और ना ही मेरा कोई इरादा है। हम किसी के भी धर्म के अनुयायी होते हुए मानवता की सेवा कर सकते हैं।'
बीजेपी को आड़े हाथ लेते हुए राजकुमार भाटी ने कहा है, 'मैं ऊंच-नीच के खिलाफ, छुआछूत के खिलाफ, भेदभाव के खिलाफ और पाखंड के खिलाफ बोलता रहता हूं और बोलता भी रहूंगा। मैं जिस तरह हिंदू धर्म में पैदा हुआ था, उसी तरह आज भी हिंदू धर्म में मौजूद हूं। मुझे उन लोगों पर बहुत हंसी आती है जो दिन-रात राजनीतिक भाषणों में बाबा साहब का नाम लेते हैं लेकिन उनकी 22 प्रतिज्ञाएं बोलते समय हमारे उपस्थित रहने से भी उनके पेट में दर्द हो जाता है और वे हमारे खिलाफ दुष्प्रचार करने लगते हैं। कृपया इस तरह के दुष्प्रचार में ना फंसें।'