दिल्ली में कांग्रेस को अपने पुराने दफ्तर यानी 24 अकबर रोड बंगले को नहीं छोड़ना चाहती है। 24 अकबर रोड़ कई बड़ी राजनीतिक गतिविधियों का गवाह रहा है और अब यह आधिकारिक तौर पर कांग्रेस का मुख्यालय नहीं है लेकिन पार्टी की गतिविधियों का अहम केंद्र है। इस इमारत में अभी भी कांग्रेस के कई ऑफिस हैं। इसी इमारत से सटा हुआ सोनिया गांधी का आवास 10 जनपथ है। कांग्रेस पार्टी अब इस बंगले को अपने पास रखने के लिए किसी पूर्व मुख्यमंत्री को राज्यसभा भेज सकती है।
24 अकबर रोड़ बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी को किसी पूर्व सीएम को राज्यसभा भेजना ही होगा। यह बंगला काफी बड़ा है और किसी आम सांसद को यह बंगला आवंटित नहीं किया जाता है। यह टाइप 8 बंगला है। यह बंगला आमतौर पर किसी पूर्व मुख्यमंत्री को मिलता है अगर वह सांसद बन जाता है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी 24 अकबर रोड़ स्थित बंगले को अपने पास रखने के लिए किसी पूर्व सीएम को राज्यसभा भेज सकती है।
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सिद्धारमैया के नाम की चर्चा
कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया अब पूर्व सीएम होने वाले हैं। कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व के निर्देश के अनुसार वह किसी भी समय इस्तीफा दे सकते हैं। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने उन्हें केंद्रीय टीम में आने के लिए कहा है और कर्नाटक से खाली होने वाली राज्यसभा सीट ऑफर की है। हालांकि, अभी तक सिद्धारमैया की ओर से इस पर जवाब नहीं दिया गया है। बताया जा रहा है कि वह कर्नाटक की राजनीति ही करना चाहते हैं लेकिन अगर वह राज्यसभा आते हैं तो पार्टी 24 अकबर रोड़ बंगला उनके नाम पर आवंटित करवा सकती है।
कमलनाथ और दिग्विजय सिंह
मध्य प्रदेश से भी कांग्रेस पार्टी को एक राज्यसभा सीट मिल सकती है। ऐसे में पार्टी यहां से भी किसी पूर्व सीएम को दिल्ली भेज सकती है। कांग्रेस पार्टी के नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह दोनों इस लिस्ट में आते हैं। हालांकि, दिग्विजय सिंह पहले ही चुनाव लड़ने से मना कर चुके हैं। कमलनाथ के नाम की चर्चा लंबे समय से हो रही है। माना जा रहा है कि उन्हें केंद्रीय टीम में जगह दी जा सकती है। बताया जा रहा है कि इस हफ्ते कमलनाथ ने दिल्ली पहुंचकर कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात भी की है और राज्यसभा चुनाव को लेकर लंबी चर्चा की है। संभवत वह मध्य प्रदेश से राज्यसभा जा सकते हैं लेकिन पार्टी को क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा है।
अशोक गहलोत भी रेस में
राजस्थान की एक सीट के लिए कांग्रेस पार्टी अशोक गहलोत के नाम की घोषणा कर सकती है। पार्टी हलकों में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को राज्यसभा के रास्ते राष्ट्रीय राजनीति में लाने के विकल्पों पर विचार किए जाने की चर्चाएं हैं। हालांकि, अभी तक गहलोत की तरफ से इस बारे में कोई संकेत नहीं दिए गए हैं। गहलोत को राजनीति का जादूगर कहा जाता है और 2022 में पार्टी ने उन्हें अध्यक्ष बनने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने सीएम की कुर्सी छोड़ने से मना कर दिया था। अब पार्टी उन्हें राज्यसभा के जरिए केंद्रीय टीम में ला सकती है। इससे पार्टी की राज्य में जारी गुटबाजी भी खत्म हो सकती है।
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नामों को लेकर अटकलें तेज
कांग्रेस पार्टी किन चेहरों पर दांव लगाती है इसकी घोषणा का इंतजार है। कुछ महीने पहले पार्टी ने अपने सीनियर नेताओं के बजाय स्थानीय नेताओं पर भरोसा जताया था। हरियाणा, हिमाचल से राज्यसभा के लिए जिला अध्यक्ष और स्थानीय कार्यकर्ताओं को मौका दिया गया। पार्टी नई पीढ़ी को तरजीह दे रही है लेकिन इस बार पार्टी के लिए एक पूर्व सीएम का दिल्ली पहुंचना बहुत जरूरी है। अगर ऐसा नहीं होता तो पार्टी को 24 अकबर रोड़ खाली करना पड़ सकता है।