भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महाराष्ट्र यूनिट के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने लातूर की एक जनसभा में कहा था कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की यादें, राज्य से मिटा दी जाएंगी। विलासराव देशमुख के बेटे और फिल्म अभिनेता रितेश देशमुख ने कहा है कि उनके पिता की यादें मिटाई नहीं जा सकती हैं।
रितेश देशमुख ने रवींद्र चह्वाण को जवाब देते हुए कहा, 'मैं हाथ जोड़कर कहना चाहता हूं जो लोग जनता के लिए जीते हैं, उनके नाम लोगों के दिल में गहरी छाप छोड़ जाते हैं। लिखे हुए को मिटाया जा सकता है, लेकिन गहरी छाप को नहीं।'
वीरेंद्र चव्हाण ने कहा था कि दिवंगत कांग्रेस के दिग्गज नेता विलासराव देशमुख की यादें उनके गृह नगर लातूर से मिटा दी जाएंगी। वीरेंद्र, एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए वह ऐसा बयान दे गए, जिसकी वजह से वह कांग्रेसी नेताओं के निशाने पर है।
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वीरेंद्र चव्हाण:-
आपका उत्साह देखकर मैं 100 फीसदी भरोसे से कह सकता हूं कि विलासराव देशमुख की यादें इस शहर से मिट जाएंगी।
कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता विलासराव देशमुख पर दिए गए बयानों की आलोनचा की है। कांग्रेसी नेताओं ने कहा है कि राज्य के विकास में उन्होंने अपना जीवन समर्पित किया था, बीजेपी उन्हें कमतर आंक रही है। कांग्रेस ने कहा कि ऐसे बयान, अहंकार और विलास राव देशमुख की विरासत के प्रति अज्ञानता को दर्शाते हैं।
कांग्रेस नेता अमित देशमुख ने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीजेपी नेता ऐसे बयान दे रहे हैं। उन्होंने लातूर के जनभावनाओं का अपमान किया है। हम उनके इस बयान की निंदा करते हैं। विलासराव देशमुख ने हर किसी के लिए काम किया है। बीजेपी नेताओं को सच्चाई स्वीकार करनी चाहिए।'
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कौन थे विलासराव देशमुख?
विलासराव देशमुख महाराष्ट्र के दो बार मुख्यमंत्री रहे थे। अक्तूबर 1999 में से जनवरी 2003 और नवंबर 2004 से दिसंबर 2008 तक उन्होंने राज्य की कमान संभाली थी।
बयान पर रवींद्र चह्वाण ने माफी मांगी
रवींद्र चह्वाण ने अपने बयान पर माफी मांग ली है। उन्होंने कहा है, 'मैंने अपने बयान में विलासराव देशमुख की आलोनचा नहीं की है। कांग्रेस उनके नाम पर वोट मांग रही है। उनके बेटे की भावनाएं हैं, वह मेरे दोस्त हैं, अगर वह दुखी हो रहे हैं तो मैं उनसे माफी मांग रहा हूं। मेरे बयान को राजनीति के चश्मे से न देखा जाए। लातूर का विकास हो, यह ज्यादा जरूरी है।'