पश्चिम बंगाल की बदली हुई राजनीति में एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी ने अपना दबदबा बनाए रखा है। आज रेजीनगर और नंदीग्राम सीट पर हुए विधानसभा उपचुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं और इन दोनों सीटों पर बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की है। मुस्लिम बुहल रेजीनगर विधानसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी शंकरव सरकार ने और नंदीग्राम से हसी रानी रथ ने जीत हासिल की। इन उपचुनावों में
ममता बनर्जी
की टीएमसी से अलग होकर अलग गुट बनाने वाले ऋतब्रत बनर्जी की डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस (DTC) को बड़ा झटका लगा है।
पश्चिम बंगाल में इस साल हुए विधानसभा चुनाव में
सुवेंदु अधिकारी
ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने नंदीग्राम सीट को छोड़ दिया था और इस सीट से बीजेपी ने सुवेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हसी रानी रथ को टिकट दिया था। इसके अलावा रेजीनगर सीट से ममता बनर्जी की पार्टी से अलग हुए हुमायुं कबीर ने जीत दर्ज की थी लेकिन बाद में उन्होंने इस सीट को छोड़ दिया था। यह मुस्लिम बहुल सीट है और इस सीट पर भी बीजेपी को जीत मिली है।
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ऋतब्रत बनर्जी गुट का क्या हुआ?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की टीएमसी की बुरी हार के बाद उनकी पार्टी में टूट देखने को मिली। ममता बनर्जी के खिलाफ जाकर ऋतब्रत बनर्जी ने अलग गुट बनाया और विधायकों के समर्थन से नेता प्रतिपक्ष बन गए। इसके साथ ही उन्होंने टीएणसी पार्टी पर भी अपना दावा किया है। हालांकि, उपचुनाव में चुनाव आयोग ने दोनों ही गुटों के पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद ऋतब्रत बनर्जी के गुट ने डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस (DTC) नाम चुना।

डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस यानी ऋतब्रत बनर्जी के गुट ने इस उपचुनाव में दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। रेजीनगर सीट पर पार्टी ने सफिउज्जमान शेख को टिकट दिया था लेकिन वह बुरी तरह हार गए। उन्हें सिर्फ 2044 वोट मिले हैं। वहीं, बीजेपी के उम्मीदवार ने 75 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर के साथ यह सीट जीत ली है। हुमायुं कबीर की पार्टी दूसरे और कांग्रेस पार्टी तीसरे नंबर पर रही।

वहीं, नंदीग्राम की बात करें तो इस सीट पर बीजेपी ने एक बार फिर से जीत दर्ज की है। इस सीट पर बीजेपी उम्मीदवार हसी रानी रथ को कुल 1,64,227 वोट मिले। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को महज 41,674 वोट मिले। ऋतब्रत बनर्जी के गुट के उम्मीदवार को सिर्फ 853 वोट मिले। वह इस सीट पर पांचवे नंबर पर रहे। इन दोनों सीटों पर डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है।