समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव की एक टिप्पणी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में खलबली मचा दी है। शिवपाल यादव ने जेल में बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां के बारे में कहा है कि 2027 में सपा की सरकार बनी तो आजम को गृहमंत्री बनाया जाएगा। अब उनके इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेताओं समेत मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ
तक ने प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी के नेताओं का कहना है कि सपा अराजकता फैलाना चाहती है और दंगे कराना चाहती है। इसके बावजूद सपा इस बयान को अपने लिए फायदेमंद देख रही है। शायद यही वजह थी कि जब
अखिलेश यादव
से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसका सीधा जवाब नहीं दिया।
माना जा रहा है कि इसके पीछे समाजवादी पार्टी की ही एक छिपी हुई रणनीति है। एक तरफ सपा के मुखिया अखिलेश यादव पीडीए के सहारे चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। इस PDA के अलग-अलग मायने बताकर वह अलग-अलग वर्गों को साधने की कोशिश में जुटे हुए हैं। दूसरी तरफ मुलायम सिंह यादव के साथ संघर्ष करके सपा को खड़ा करने वाले शिवपाल को अपने पुराने MY यानी मुस्लिम यादव समीकरण को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है। यही वजह है कि वह प्रदेश में जहां भी जा रहे हैं, वह योजनाबद्ध तरीके से होने वाला है।
क्या है प्लान?
बीते कुछ महीनों में समाजवादी पार्टी ने ऐसे वर्गों तक पहुंचने की कोशिश की है जो पारंपरिक तौर पर सपा के साथ नहीं रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा को इसी फार्मूले से कामयाबी मिली थी। ऐसे में सपा यह भी चाहती है कि नए वर्गों को साधने के चक्कर में पुराने कहीं से भी न साथ छोड़ें। आजम खान और समाजवादी पार्टी के रिश्तों को लेकर कई बार ऐसा कहा जा चुका है कि आजम और उनका परिवार अखिलेश यादव से नाराज हैं। कई बार दोनों तरफ से इस पर सफाई भी दी गई लेकिन अब सपा की कोशिश है कि कहीं से भी ऐसा कोई मैसेज जमीन तक न जाए।
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यही कारण है कि अब यह मामला शिवपाल यादव को सौंप दिया गया। वह संभल और रामपुर जैसे मुस्लिम बहुल जिलों में जाकर कह रहे हैं कि सपा की सरकार आई तो फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएंगे। इसी क्रम में आजम खान के लिए उन्होंने साफ कह दिया कि सरकार आने पर उन्हें गृहमंत्री बनाया जाएगा। कोशिश यह है कि इसके जरिए मुस्लिमों को अपने साथ जोड़े रखा जाए। इसके अलावा, एक और संदेश देने की कोशिश है कि जिन लोगों के खिलाफ भी सरकारी कार्रवाई हुई है सपा उनके साथ खड़ी है। संभवत: यही वजह रही कि शिवपाल ने यह बयान संभल से दिया।
संभल वही जिला है जहां की जामा मस्जिद को लेकर खूब विवाद हुआ और कई लोगों पर मुकदमे हुए। संभल में कई मजारों, कब्रिस्तानों पर बुलडोजर भी चल चुके हैं और तब सपा ने खुलकर ऐसे लोगों का साथ नहीं दिया था। अब सपा चाहती है कि ऐसे लोगों की नाराजगी दूर करते हुए उन्हें अपने साथ जोड़े रखा जाए। यही काम शिवपाल यादव कर रहे हैं। वह अलग-अलग जिलों में जाकर मुस्लिम संगठनों के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं ताकि पार्टी के साथ उनका जुड़ाव जारी रहे।
क्या कर रहे हैं शिवपाल यादव?
रामपुर के दौरे पर गए शिवपाल यादव ने जेल में जाकर आजम खान से मुलाकात की। उन्होंने स्थानीय मुस्लिम नेताओं और धर्मगुरुओं और पार्टी के कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की। आजम खान के बारे में उन्होंने कहा कि उन पर जो जुल्म और अत्याचार हो रहे हैं उनका बदला लिया जाए।
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संभल में हुई हिंसा पर आई जांच रिपोर्ट पर असहमति जताते हुए शिवपाल यादव ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए जानबूझकर ऐसी जांच कराई जाएगी। उन्होंने आजम खान के अलावा कई अन्य नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई का जिक्र किया और कार्यकर्ताओं से कहा कि 2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री और आजम खान को गृहमंत्री बनाना है।
दरअसल, चंद्रशेखर आजाद और असदुद्दीन ओवैसी की बढ़ती गतिविधियों और उनके संभावित गठबंधन को देखते हुए सपा चाहती है कि किसी भी सूरत में मुस्लिमों का वोट ना बटे। लगभग 20 फीसदी मुस्लिम वोटर प्रदेश की लगभग 140 सीटों पर असर डालते हैं। पिछले दो चुनाव से बहुमत से दूर रह जा रही सपा चाहती है कि वह अपने मुस्लिम और यादव वोटबैंक को एकजुट रखते हुए अन्य वर्गों को जोड़ने की कोशिश कर रही है।