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मराठी vs उत्तर भारतीय: BMC चुनाव में जौनपुर वाले कृपाशंकर क्यों चर्चा में आए?

महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों से पहले मराठी बनाम गैर मराठी की राजनीति एक बार फिर से तेज होती दिख रही है। इसकी वजह इस बार कृपाशंकर सिंह बने हैं।

kripashankar singh and sanjay raut

कृपाशंकर सिंह और संजय राउत, Photo Credit: Khabargaon

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बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) का चुनाव इस बार ठाकरे परिवार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए नाक की लड़ाई बन गया है। कुछ दिन पहले जब राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक मंच पर थे तब राज ठाकरे ने कहा था कि मुंबई का मेयर मराठी होगा। अब बीजेपी नेता कृपाशंकर सिंह ने 'उत्तर भारतीय मेयर' का जिक्र करके मुंबई की राजनीति में खलबली मचा दी है। उन्होंने यह बयान मीरा-भायंदर महानगर पालिका के संदर्भ में दिया था लेकिन अब इस पर शिवसेना (उद्धव बाला साहब ठाकरे) ने बीजेपी को घेर लिया है। दूसरी तरफ बीजेपी के ही नेता नितेश राणे ने कहा है कि मुंबई का मेयर मराठी और हिंदू होगा। पिछले ही साल एक और नेता ने कहा था कि किसी 'खान' को कभी मुंबई का मेयर नहीं बनने दिया जाएगा। ये बयान बता रहे हैं कि BMC चुनाव में एक बार फिर से मराठी बनाम गैर मराठी की राजनीति का बोलबाला होने वाला है।

 

लंबे समय से BMC पर काबिज रही शिवेसना में दो धड़े होने के बाद अब उद्धव ठाकरे ने अपने चचेरे भाई राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) से गठबंधन किया है। दूसरी तरफ बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। लंबे समय से मराठा और हिंदुत्व की राजनीति करती आई शिवसेना (UBT) के साथ राज ठाकरे के आने से बीजेपी कोशिश कर रही है कि मराठा बनाम गैर मराठा का मुद्दा फिर से उछले।

 

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BJP पर भड़के संजय राउत

 

अब कृपाशंकर सिंह के बहाने बीजेपी को घेरते हुए शिवसेना (UBT) के सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने कहा है, 'बीजेपी मुंबई में यहां के भूमिपुत्रों यानी मराठी लोगों का मेयर नहीं बनाना चाहती है। वह कृपाशंकर के माध्यम से माहौल बिगाड़नी चाहती है। कृपाशंकर हिंदी भाषी लोगों का नेता नहीं है, यूपी में लोगों ने उनका पराभव किया है। उनके खुद के राज्य में। अब अगर मुंबई में आकर वह उत्तर भारतीयों की राजनीति वह करते हैं तो बीजेपी मराठी और गैर-मराठी का विवाद करना चाहती है, हम यह नहीं चाहते हैं। यहां के हिंदी भाषी, गुजराती भाषी सब हमेशा से शिवसेना को समर्थन देते आए हैं लेकिन जब उसने देखा कि पूरा मराठी मानुष एक हो गया है तो ये लोग मराठी, गैर मराठी करने लगे। मैं कृपाशंकर जी को और दिल्ली में बैठे उनके आका को कहना चाहता हूं कि मुंबई का मेयर मराठी होगा।'

 

 

 

 

कृपाशंकर सिंह ने क्या कहा था?

 

दरअसल, 2024 के लोकसभा चुनाव में कृपाशंकर सिंह भले ही यूपी की जौनपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़े हों लेकिन उनकी राजनीतिक कर्मभूमि महाराष्ट्र और मुंबई ही रही है। इस बार BMC के चुनाव में भी वह काफी सक्रिय हैं। हाल ही में मीरा-भायंदर के चुनाव के बारे में कृपाशंकर सिंह ने कहा था, 'हम इतने उत्तर भारतीय नगर सेवक चुन देंगे कि महापौर भी उत्तर भारतीय ही बनेगा।'

 

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इस बारे में बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले से जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मुझे जानकारी नहीं है कि कृपाशंकर ने क्या कहा लेकिन मेयर कौन होगा, यह बीजेपी का राज्य संसदीय बोर्ड और चुने गए पार्षद तय करेंगे।' बता दें कि कृपाशंकर सिंह जौनपुर लोकसभा सीट से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़े थे लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली थी। तब समाजवादी पार्टी के बाबू सिंह कुशवाहा 5 लाख से ज्यादा वोटर पाकर विजेता बने थे और बीजेपी के कृपाशंकर सिंह 4 लाख से ज्यादा वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे थे।

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