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शिवसेना के पहले बागी सांसद ने तोड़ी चुप्पी, शिंदे सेना में जाने की बताई वजह

शिवसेना (UBT) के एक बागी सांसद ने पहली बार सार्वजनिक तौर से कन्फर्म कर दिया कि वह एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने जा रहे हैं।

Shiv Sena UBT MP

उद्धव ठाकरे।

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शिवसेना (UBT) के बागी सांसद नागेश अष्टीकर ने रविवार को पहली बार सार्वजनिक तौर से कन्फर्म कर दिया कि वह एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने साफ करते हुए कहा कि शिंदे की पार्टी में जाने का फैसला उद्धव ठाकरे के खिलाफ किसी गुस्से या नाराजगी की वजह से नहीं बल्कि अपने चुनाव क्षेत्र में फंड जुटाने और विकास के काम पूरे करने की वजह से लिया है।

 

नागेश अष्टीकर शिवसेना (UBT) के बागी छह सांसदों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि उनके चुनाव क्षेत्र में कई वाकास के काम रुके हुए थे क्योंकि सरकार से फंड नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि अपने समर्थकों और जनता के हितों को ध्यान में रखकर यह फैसला लेना पड़ा है। 

 

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नागेश अष्टीकर ने कहा क्या है?

अष्टीकर ने कहा, 'फंड नहीं मिल रहे थे और विकास के काम आगे नहीं बढ़ रहे थे। लोगों के काम के लिए, सत्तारुढ़ की तरफ जाना जरूरी हो गया है।' इसके बाद अष्टीकर ने जोर देकर कहा कि उनके फैसले का विचारधारा से कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही कहा कि वह शिवसेना की कोर राजनीतिक पहचान नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने विचारधारा नहीं छोड़ी है। मैं सिर्फ शिवसेना से शिवसेना सेना में जा रहा हूं, कहीं और नहीं।'

'मैं उद्धव साहेब से नाराज नहीं हूं'

उन्होंने कहा, 'मैं उद्धव साहेब से नाराज नहीं हूं, लेकिन सत्ता के बिना लोगों का काम नहीं हो रहा है। संजय राउत उनके लिए पिता जैसे हैं और उनके फैसले से नाराज नहीं हैं।'

 

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यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि छह बागी सांसदों में से किसी ने भी अब तक सार्वजनिक रूप से बगावत की पुष्टि नहीं की है, जबकि 2022 के बंटवारे के बाद से शिवसेना UBT के लिए यह सबसे बड़ा राजनीतिक संकट बन गया है।

ओमप्रकाश निंबालकर बाद में लेंगे फैसला

इस बीच शिवसेना (UBT) के छह बागी सांसदों में से एक ओमप्रकाश राजे निंबालकर ने रविवार को कहा कि वह अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों से सलाह-मशविरा करने के बाद ही अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में कोई फैसला लेंगे। वहीं, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी को उम्मीद है कि निंबालकर पार्टी छोड़कर नहीं जाएंगे।


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