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अखिलेश यादव के सामने ही भिड़े दो नेता, पार्टी ने भंग की एटा-कासगंज की इकाइयां

रविवार को समाजवादी पार्टी ने एटा और कासगंज जिलों के 250 नेताओं को बैठक के लिए लखनऊ बुलाया था। इसी दौरान अखिलेश यादव के सामने पार्टी के दो नेता आपस में भिड़ गए।

akhilesh yadav

सपा प्रमुख अखिलेश यादव।

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समाजवादी पार्टी के दो क्षेत्रीय नेता पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के सामने ही भीड़ गए। सपा प्रमुख लखनऊ में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बैठक कर रहे थे। इसी दौरान बैठक के बीच दो नेता आपस में भिड़ गए और दोनों के बीच कहासुनी हो गई। उन्होंने अखिलेश यादव का भी लिहाज नहीं किया। दोनों नेता एटा और कासगंज जिले के बताए जा रहे हैं। 

 

दोनों नेताओं की बहस के बाद अखिलेश यादव ने एटा और कासगंज जिले की सभी इकाइयां भंग कर दी हैं। लखनऊ में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर पार्टी की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में एटा और कासगंज के करीब 250 पार्टी नेता और पदाधिकारी को बुलाया गया था। इसी बैठक के दौरान एटा जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र सिंह यादव और सपा नेता मंजीत यादव के बीच बहस हो गई।

 

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अखिलेश यादव के सामने हुई झड़प 

मंजीत यादव पूर्व विधान परिषद अध्यक्ष रमेश यादव के भतीजे हैं। दोनों नेताओं के बीच कहासुनी लगातार बढ़ती चली गई। यह पूरा मामला अखिलेश यादव के सामने हो रहा था। इस बहस के बाद अखिलेश यादव नाराज हो गए और उन्होंने इसी दौरान बड़ा फैसला लेते हुए दोनों जिलों की सभी इकाइयां भंग कर दी। 

कार्यकारिणी को भी भंग किया

इसके अलावा समाजवादी पार्टी ने दोनों जिलों के सभी फ्रंटल संगठनों के अध्यक्ष और उनकी कार्यकारिणी को भी भंग कर दिया। सपा की प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल एटा और कासगंज के सभी पदाधिकारियों को भी भंग कर दिया गया है। 

 

बता दें कि एटा में चार विधानसभा सीटें हैं। इन सभी चारों सीटों पर बीजेपी के विधायक हैं। वहीं कासगंज की चार विधानसभा सीटों में तीन पर बीजेपी और एक पर समाजवादी पार्टी का विधायक है।

 

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अखिलेश यादव ने नाराज होकर क्या कहा?

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और पूर्व विधान परिषद अध्यक्ष के भतीजे के बीच हुई बहस के बाद नाराज सपा अध्यक्ष बीच में ही बैठक छोड़कर वहां से निकल गए। इस दौरान अखिलेश यादव ने नाराज होते हुए कहा, 'ये दोनों बड़े नेता हैं, इन सब से सुझाव मांग लिया जाएगा... आप जाइए यहां से, जो करना है करिए जाके। जब आदमी पार्टी का कहना नहीं मान रहा.. व्यवहार खराब है तो हम किसपर सर मारें बताओ?'

 

 

 

दोनों नेताओं को पार्टी कार्यालय से बाहर निकाला

सपा प्रमुख ने दोनों नेताओं के लिए कहा कि ये सब पैसे की गर्मी है। एक चीज याद रखना, जिसके बाद ज्यादा पैसा हो जाएगा वो छोड़कर चला जाएगा। वे अपनी मर्जी से काम करने लगेगा। कोई बात नहीं। अखिलेश यादव के इतना कहते ही सुरक्षाकर्मियों ने दोनों नेताओं को पार्टी कार्यालय से बाहर निकाल दिया।


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