तेलंगाना में कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर विवाद हो गया है। परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री पार्टी भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के ऊपर हमला किया है। पार्टी का कहना है कि सीएम अपने 'फसलों पर खून' और 'बेल्ट ट्रीटमेंट' वाले बयानों के लिए माफी मांगें। पिछले दिनों सीएम रेवंत ने बीआरएस को लेकर विवादित बयान दिए थे।
बीआरएस ने पानी होने के बावजूद, राज्य में मौजूदा सूखे के दौरान कालेश्वरम प्रोजेक्ट के कन्नेपल्ली पंप हाउस से किसानों को सिंचाई का पानी देने के मुद्दे पर रेवंत रेड्डी पर दबाव बना रही है।
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सीएम रेवंत रेड्डी ने क्या कहा?
हालांकि, बीआरएस को जवाब देते हुए सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि BRS प्रोजेक्ट की सामान्य बातें समझे बिना सिर्फ इसका राजनीतिकरण कर रही है। उन्होंने कहा कि BRS नेताओं को उनके झूठ के लिए 'बेल्ट ट्रीटमेंट' की जरूरत है।
सीएम का विवादित बयान
उन्होंने यह भी कहा कि अगर बीआरएस नेताओं को काट दिया गया, तो 'उनका खून, ईगो और चर्बी खेतों में फैल जाएगी और किसान अपनी फसलों के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।' सीएम रेड्डी ने पूर्व मंत्री KTR और हरीश राव को बेशर्म नेता बताया। साथ ही दोनों नेताओं को कालेश्वरम प्रोजेक्ट में कूद जाना चाहिए ताकि राज्य का 'शनि' खत्म हो जाए।
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बिना शर्त माफी मांगे रेवंत रेड्डी-BRS
वहीं, बीआरएस के सीनियर नेता हरीश राव ने रविवार को कालेश्वरम लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट के मुद्दे पर सीएम रेवंत रेड्डी के बयान की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के बेल्ट ट्रीटमेंट और फसलों पर खून वाले बयान गलत थे और बिना शर्त माफी की मांग की।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरीश राव ने रेवंत रेड्डी पर सिंचाई के पानी को लेकर किसानों की चिंताओं को दूर करने के बजाय अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री की तुलना एक 'सनकी' से की। उन्होंने कहा कि रेड्डी की बातें इस पद पर बैठे किसी व्यक्ति के लिए ठीक नहीं हैं।