उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी में नए प्रदेश प्रभारी को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। पार्टी की ओर से अभी तक किसी नाम का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन संगठन और राजनीतिक गलियारों में पांच बड़े नेताओं के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। इनमें राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, पूर्व प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शामिल हैं।
बीजेपी इन नेताओं के संगठनात्मक अनुभव और चुनावी ट्रैक रिकॉर्ड को देखते बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। माना जा रहा है कि पार्टी उत्तर प्रदेश जैसे सबसे अहम राज्य की जिम्मेदारी किसी अनुभवी रणनीतिकार को सौंपा जाएगा। सुनील बंसल और बीएल संतोष का नाम भी चर्चा में है। यूपी की सियासत में प्रभारी की भूमिका बेहद अहम होती है। टिकट बंटवारे से लेकर प्रचार तक की दशा और दिशा ये पदाधिकारी तय करते हैं।
5 चेहरे जिनकी खूब हो रही है चर्चा
विनोद तावड़े भारतीय जनता पार्टी के अनुभवी संगठनकर्ता माने जाते हैं। महाराष्ट्र की राजनीति से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे तावड़े ने कई राज्यों में संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने में भूमिका निभाई है। शांत लेकिन प्रभावी संगठनात्मक शैली उनकी पहचान मानी जाती है। सुनील बंसल का नाम उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के सबसे सफल संगठनकर्ताओं में गिना जाता है। 2014 के लोकसभा चुनाव, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में बूथ प्रबंधन और संगठन विस्तार की रणनीति के कारण उन्हें भारतीय जनता पार्टी की बड़ी चुनावी सफलताओं का प्रमुख शिल्पकार माना जाता है। उत्तर प्रदेश के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों पर उनकी गहरी पकड़ है।
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बैजयंत पांडा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं और ओडिशा की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं। पार्टी उन्हें रणनीतिक सोच, मीडिया प्रबंधन और चुनावी अभियानों के लिए अहम जिम्मेदारियां देती रही है। कई राज्यों में चुनावी प्रबंधन में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
बी.एल संतोष भारतीय जनता पार्टी संगठन के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री के रूप में संगठन विस्तार, नियुक्तियों और चुनावी रणनीति में उनकी केंद्रीय भूमिका रहती है। उन्हें पार्टी का 'बैक रूम स्ट्रैटेजिस्ट' भी माना जाता है और संगठन में उनका कद बेहद ऊंचा है।
धर्मेंद्र प्रधान केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री होने के साथ भारतीय जनता पार्टी के कुशल चुनावी प्रबंधकों में भी शामिल हैं। उन्होंने ओडिशा, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में चुनावी जिम्मेदारियां निभाई हैं। संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने की उनकी क्षमता को पार्टी में विशेष महत्व दिया जाता है।
पहली बार यूपी दौरे पर आ रहे हैं नितिन नवीन
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 4 और 5 जुलाई को पहली बार उत्तर प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। उनका यह पहला आधिकारिक दौरा संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान वह मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ
, दोनों उपमुख्यमंत्रियों, प्रदेश भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष, संगठन पदाधिकारियों और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग दौर की बैठक करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, बैठकों में संगठन की कार्यशैली, आगामी चुनावों की तैयारियों, सदस्यता अभियान, राजनीतिक रणनीति और सरकार-संगठन के समन्वय जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। प्रदेश प्रभारी के नाम पर आधिकारिक एजेंडा भले सामने न आया हो, लेकिन चल रही चर्चाओं के बीच इस दौरे पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
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दिल्ली के फैसले पर टिकी निगाहें
उत्तर प्रदेश 2027 विधानसभा चुनाव और 2029 लोकसभा चुनाव की दृष्टि से भारतीय जनता पार्टी के लिए सबसे महत्वपूर्ण राज्य है। ऐसे में प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति को लेकर पार्टी कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती। माना जा रहा है कि व्यापक संगठनात्मक समीक्षा और शीर्ष नेतृत्व के मंथन के बाद ही अंतिम फैसला होगा।फिलहाल, पांच नामों को लेकर अटकलें तेज हैं, लेकिन अंतिम मुहर भारतीय जनता पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व ही लगाएगा। आने वाले दिनों में यह फैसला उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की आगामी राजनीतिक रणनीति की दिशा तय कर सकता है।