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सपा का तीसरा राज्यसभा प्रत्याशी कौन होगा, सलीम शेरवानी या आलोक रंजन?

UP राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के तीसरे प्रत्याशी को लेकर रहस्य बरकरार है।तीसरे प्रत्याशी के रुप में पूर्व प्रमुख सचिव आलोक रंजन व पूर्व सांसद सलीम शेरवानी के नामों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है।

 Salim Iqbal Sherbani,  Alok Ranjan,

पूर्व सांसद सलीम इकबाल शेरबानी, पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन, Photo Credit : Social Media

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उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया के बीच समाजवादी पार्टी ने अपने दो प्रत्याशियों के नाम साफ कर दिए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े धनराज परिमल नथवानी ने बुधवार को पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया। इसके साथ ही सपा की दो सीटों पर स्थिति स्पष्ट हो गई है,लेकिन तीसरे प्रत्याशी को लेकर सस्पेंस अभी भी बरकरार है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि तीसरी सीट के लिए सपा सलीम इकबाल शेरवानी को मैदान में उतारेगी या पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन पर भरोसा जताएगी? दोनों नाम पिछले कई दिनों से पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं में प्रमुखता से सामने आते रहे हैं। 

 

सपा ने बुधवार को प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किया। दोनों ने नामांकन भी दाखिल कर दिया। धनराज नथवानी रिलायंस समूह से जुड़े हैं और उनके पिता परिमल नाथवानी राज्यसभा सांसद हैं। सपा की ओर से उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने को पार्टी की रणनीति में एक अलग तरह के कदम के तौर पर देखा जा रहा है। अब तीसरे प्रत्याशी के नाम का ऐलान बाकी है। पार्टी के भीतर इस सीट को लेकर कई नामों पर चर्चा हुई लेकिन सलीम इकबाल शेरवानी और आलोक रंजन का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा है। पहले की चर्चाओं में आलोक रंजन को लेकर यह बात सामने आई थी कि पार्टी की ओर से उनसे किए गए वादे को पूरा करने की बात भी कही गई थी। 

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सलीम शेरवानी ने खुद जताई दावेदारी

सलीम इकबाल शेरवानी ने अखिलेश यादव से मुलाकात कर राज्यसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। मुलाकात के बाद शेरवानी ने कहा था कि उन्होंने पार्टी अध्यक्ष के सामने अपनी इच्छा रखी है और उन्हें बताया गया कि उम्मीदवारों के नाम बाद में घोषित किए जाएंगे। शेरवानी बदायूं से पांच बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे हैं। राज्यसभा में मुस्लिम प्रतिनिधित्व को लेकर उनकी पुरानी मांगें भी चर्चा में रही हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने सपा के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दिया था, हालांकि बाद में उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया था। अब राज्यसभा टिकट के लिए उनका नाम फिर चर्चा में है।

 

आलोक रंजन भी दावेदार

दूसरी ओर पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन का नाम भी सपा के संभावित प्रत्याशियों में लगातार बना हुआ है। वह पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में उनके सलाहकार रहे हैं और पार्टी की नीतियों तथा चुनावी रणनीति से जुड़े रहे हैं। वर्ष 2024 में भी सपा ने उन्हें राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया था, हालांकि वह चुनाव नहीं जीत सके थे। ऐसे में तीसरी सीट पर पार्टी का फैसला अब खासा महत्वपूर्ण हो गया है। सलीम शेरवानी का नाम पार्टी के पुराने और अल्पसंख्यक चेहरे के तौर पर चर्चा में है जबकि आलोक रंजन का नाम संगठन, प्रशासनिक अनुभव और अखिलेश के करीबी रणनीतिकार के तौर पर सामने आया है। हालांकि अंतिम फैसला सपा नेतृत्व को ही करना है।

 

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तीसरी सीट के लिए जुटाना होगा अतिरिक्त समर्थन

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। मौजूदा विधानसभा संख्या बल के आधार पर एक राज्यसभा सदस्य के निर्वाचन के लिए 37 प्रथम वरीयता मतों की जरूरत होगी। सपा के लिए दो सीटों पर स्थिति अपेक्षाकृत स्पष्ट होने के बाद तीसरे प्रत्याशी को लेकर अतिरिक्त समर्थन जुटाने की चुनौती होगी। पार्टी की ओर से तीसरे नाम की औपचारिक घोषणा अभी नहीं की गई है। ऐसे में रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी के नामांकन के बाद अब सपा की राजनीति का सबसे बड़ा सस्पेंस तीसरे राज्यसभा प्रत्याशी के नाम पर टिक गया है सलीम शेरवानी या आलोक रंजन? फैसला होने तक दोनों नामों को लेकर चर्चाएं जारी रहने की संभावना है।


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