श्रीनगर लोकसभा सीट के सांसद आगा सैय्यद रुहुल्लाह मेहदी ने मंगलवार को अपनी संसदीय सीट और जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) से इस्तीफा देने का औपचारिक एलान कर दिया है। बडगाम के बेहिश्त-ए-जहरा पार्क में उन्होंने एक बड़ी रैली के बीच यह एलान किया है। सैय्यद रुरुल्लाह मेहदी ने यह इशारा पहले ही कर दिया था कि वह नेशनल कॉन्फ्रेंस के वादों से खुश नहीं हैं। उन्होंने पार्टी पर चुनावी वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया है।
आगा सैय्यद रुहुल्लाह मेहदी के पिता, आगा सैयद मेहदी की आज 26वीं पुण्यतिथि है। इस दिन उनके समर्थक हजारों की संख्या में बेहिश्त-ए-जहरा पार्क में जुटे थे। समर्थकों की जुबान पर रुहुल्लाह मेहदी की तारीफ वाले नारे थे। रुहुल्लाह मेहदी ने पहले ही कहा था कि वह 3 नवंबर को सीट और पार्टी से इस्तीफा देंगे।
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क्यों अचानक पद से इस्तीफा दिया?
आगा सैय्यद रुहुल्लाह मेहदी का कहना है कि वह सिद्धांतों के आधार पर यह फैसला ले रहे हैं। उनके मुताबिक अनुच्छेद 370 की बहाली, राजनीतिक और निर्दोष कैदियों की रिहाई और लोगों के अधिकार तय करने जैसे वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। सैय्यद रुहुल्लाह मेहदी ने हॉर्स ट्रे़डिंग की आशंका को भी खारिज किया। उनका कहना था कि वह जनता से किए गए वादों को लेकर सैद्धांतिक रुख अपना रहे हैं।
क्या कह रहे हैं सैय्यद रुहुल्लाह मेहदी के समर्थक?
वाहीपोरा के एक शख्स ने ANI से कहा कि लोगों को पता चला था कि आगा सैय्यद रुहुल्लाह मेहदी जीवन का बड़ा फैसला लेने वाले हैं। उन्होंने कहा कि वह फैसला सही या गलत है, यह वह नहीं कह सकता, लेकिन समर्थक मेहदी के साथ हैं। उनके मुताबिक सैय्यद मेहदी ने जनता के लिए बड़ा त्याग किया है।
कौन हैं आगा सैय्यद रुहुल्लाह मेहदी?
रुहुल्लाह मेहदी 19 सितंबर 1976 को बडगाम में पैदा हुए थे। वह 2024 में नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार के रूप में श्रीनगर सीट से करीब 1.8 लाख वोटों के अंतर से जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। इससे पहले वे 2002 से 2018 तक बडगाम से विधायक रहे।
2009 से 2014 तक वह उमर अब्दुल्ला सरकार में मंत्री भी रहे। अनुच्छेद 370 हटने के बाद उन्होंने पार्टी के रुख से दूरी बना ली थी। उन्होंने 28 जुलाई 2020 को पार्टी के मुख्य प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया था। 2015 में उन्हें यह जिम्मेदारी मिली थी।
2024 में एक बार फिर पार्टी के साथ उनके रिश्ते ठीक हुए और श्रीनगर सीट से वह चुनावी मैदान में उतरे। इस चुनाव में उन्होंने महबूबा मुफ्ती की अगुवाई वाली पार्टी पीडीपी के वाहिद पारा को करारी हार दी थी।
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अब क्या करेंगे सैय्यद रुहुल्लाह मेहदी?
सैय्यद रुहुल्लाह मेहदी अब नए सिरे से अपनी सियासत शुरू कर सकते हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि वह नया दल बनाकर अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करने वाले हैं। सैय्यद आगा के रिश्ते पीडीपी से भी ठीक नहीं हैं। ऐसे में वह अपनी मांगों को लेकर कश्मीर की नई सियासी पार्टी के तौर पर आगे बढ़ने का फैसला कर सकते हैं।