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यूपी के नए मंत्रियों को क्यों नहीं मिल रहे मंत्रालय? इनसाइड स्टोरी

उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल में शामिल किए गए मंत्रियों को मंत्रालय नहीं मिलने का कारण सत्ता के भीतर मची खींचतान है। क्यों है ऐसा, आइए समझते हैं।

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। Photo Credit: PTI

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उत्तर प्रदेश  में 10 मई को नए कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चैधरी, मनोज कुमार पांडेय, राज्य मंत्री कृष्णा पासवान, कैलाश सिंह राजपूत, सुरेंद्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार सोमेंद्र सिंह तोमर और अजीत पाल को शपथ दिलाई गई। शपथ के दो दिन बाद मंत्रियों को उनके कार्यालय आवंटित कर दिए गए; सात दिन बीतने के बाद भी मंत्रियों को मंत्रालय आवंटित नहीं गिए गए। इसको लेकर विपक्ष भी सरकार पर सवाल उठा रहा है। पार्टी में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। नए मंत्री मलाईदार मंत्रालयों को पाने के लिए दिल्ली तक की दौड़ लगाने में व्यस्त है।
 

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दोनों डिप्टी सीएम सहित कई मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की संभावना

नए मंत्रियों को उनकी राजनीतिक हैसियत के विभाग देने को लेकर पार्टी में खींचतान चल रही है। इसके कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में अमित शाह सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से वार्ता की। आलाकमान ने मुहर लगा दी है। प्रदेश स्तर के संगठन के नेताओं से भी बात की जा रही है। सूत्रों की मानें तो डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी स्वास्थ्य विभाग को छोड़ना चाहते है। केशव प्रसाद मौर्य भी अपने विभाग को लेकर संतुष्ट नहीं है। 

 

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लोक निर्माण विभाग को लेकर बढ़ी माथापच्ची

केशव प्रसाद मौर्य पहली बार  की सरकार  में लोक निर्माण विभाग के मंत्री थे। दूसरी टर्म की सरकार में उनको विभाग नहीं दिया गया। जितिन प्रसाद को लोक निर्माण विभाग दिया गया। उनके केंद्र में जाने के बाद से लोक निर्माण विभाग मुख्यमंत्री ने अपने आधीन कर लिया। अब दोनों डिप्टी सहित अन्य मंत्री इस विभाग को पाने के लिए बेचैन हैं।

अखिलेश का तंज विभागों की पर्ची क्या ऊपर से आएगी

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मंत्रियों को विभाग नहीं दिए जाने पर कहा, 'अब क्या उनके विभागों की पर्ची भी ऊपर से आएगी। मंत्रालयों में देरी की वजह असली सिर्फ यह है कि विभाग की कमीशन कमाई के बंटवारे के डबल इंजन आपस में टकरा रहे हैं। दीर्घ प्रतीक्षा के बाद जो नए मंत्री बने है वो बचारे तो दर्शक दीर्घा में बैठकर, गेंद को इधर उधर जाते हुए देख रहे हैं। बीजेपी डबल इंजन बाकी सब मंत्रियों को डब्बा कर देता है।'


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