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ऐश्वर्य राज सिंह की क्यों जयंत चौधरी ने सौंपी यूपी RLD की कमान? समीकरण समझिए

राष्ट्रीय लोक दल अपने संगठन का विस्तार पूर्वी उत्तर प्रदेश में करना चाहती है। ऐश्वर्य राज सिंह पर RLD इसी वजह से दांव लगा रही है।

Jayant Chaudhry

ऐश्वर्य राज सिंह और जयंत चौधरी। Photo Credit: RLD/X

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राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने ऐश्वर्य राज सिंह को उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी है। राष्ट्रीय लोक दल ने उन्हें प्रदेश इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष रामाशीष राय ने अचानक इस्तीफा देकर पार्टी को चौंका दिया था। उनका कहना था कि जयंत चौधरी, अपने मकसद से भटक रहे हैं, किसानों की मांगे नहीं पूरी की जा रहीं हैं। 

रामाशीष राय ने जैसे ही इस्तीफा दिया, ऐश्वर्य राज सिंह ने कमान संभाल ली। अचानक नेतृत्व बदलने के इस फैसले ने सबको चौंका दिया है। अब तक राष्ट्रीय लोक दल की राजनीति पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक ही केंद्रित रही है, अब इस पार्टी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में पैठ बनाने की कोशिश की है। अवध क्षेत्र से आने वाले नेता को बड़ा पद देकर यह कवायद करने की कोशिश की जा रही है। 

विधानसभा चुनावों में अब एक साल से भी कम वक्त बचा है, ऐसे में पार्टी का जोर है कि जल्द से जल्द संगठन स्तर पर खुद को और मजबूत किया जाए, जिससे ज्यादा सीटों पर दावेदारी मजबूत की जाए और गठबंधन पर दबाव बनाया जाए। 

यह भी पढ़ें: 36 सीटों पर RLD का दावा! जयंत चौधरी ने बढ़ाया दबाव, BJP की बढ़ी टेंशन

कौन हैं ऐश्वर्य राज सिंह?

ऐश्वर्य राज सिंह राष्ट्रीय लोक दल से जुड़े रहे हैं। 43 साल की उम्र में वह पहले राष्ट्रीय सचिव जैसी अहम जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वह 'टीम आरएलडी' पर जोर देते हैं। जयंत चौधरी चाहते हैं कि पार्टी अब सिर्फ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छोटे दल की छवि से बाहर निकले। ऐश्वर्य राज सिंह उनकी इस योजना को आगे बढ़ा सकते हैं। ऐश्वर्य राज सिंह युवा हैं और उनसे बेहतर रिश्ते रखत हैं। 

राज परिवार से आते हैं ऐश्वर्य राज सिंह

ऐश्वर्य राज सिंह पूर्वांचल के बस्ती जिले से आते हैं। वह राज परिवार से आते हैं। युवाओं को राष्ट्रीय लोक दल से जोड़ने में माहिर हैं। वह पहले RLD के IT सेल के लिए काम करते थे। बाद में वह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़े। साल 2017 में वह विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। 

ऐश्वर्य राज सिंह से क्या उम्मीदें हैं?

पूर्वी उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय लोक दल के लिए नया अखाड़ा है। यहां भारतीय जनता पार्टी मजबूत स्थिति में है, ऐसे में गठबंधन के ऐसे साथी जिसका प्रदर्शन, पूर्वी उत्तर प्रदेश में शून्य रहा है, जो समाजवादी पार्टी का सहयोगी रह चुकी है, उसे टिकट देने से बचेगी। ऐश्वर्य राज सिंह के लिए वह प्लान तैयार करना बड़ी जिम्मेदारी है, जिसके सहारे जयंत चौधरी, अपनी महत्वाकांक्षा पूरी करना चाहते हैं। 


पूर्वांचल में आरएलडी को मजबूती देने की जिम्मेदारी नए प्रदेश अध्यक्ष ऐश्वर्य राज सिंह पर है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी को पूरे प्रदेश में मजबूत बनाने का बड़ा दायित्व अब उनके कंधों पर है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आरएलडी की जड़ें पहले से मजबूत हैं, इसलिए अब पार्टी पूर्वी उत्तर प्रदेश पर जोर दे रही है। 

यह भी पढ़ें: कभी 4 राज्यों में था दबदबा, अब UP के चंद जिलों में सिमट गई है जयंत चौधरी की RLD

ऐश्वर्य राज सिंह क्या करेंगे?

ऐश्वर्य राज सिंह को पूर्वी यूपी समेत राज्य के बाकी क्षेत्रों में भी पार्टी के कार्यकर्ताओं को सक्रिय और संगठित करने की मुख्य भूमिका निभानी होगी। राष्ट्रीय लोक दल आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट चुकी है। पार्टी संगठन में निकट भविष्य में और बदलाव होने की संभावना जताई जा रही है।

जयंत चौधरी को पुरानी राह पर लौटाएंगे?

 2022 के विधानसभा चुनाव में आरएलडी ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया था। यह गठबंधन अचानक टूटा था। नए गठबंधन के तले जयंत चुनाव लड़ेंगे या नए विकल्प तलाशेंगे, अभी तक यह साफ नहीं है। रामाशीष राय ने पार्टी की नीतियों और नेतृत्व से असंतोष जताते हुए आरएलडी छोड़ा है। पार्टी उनकी चिंताओं पर अपना रुख बदलती है या नहीं, यह अभी तक साफ नहीं है। 

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