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मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर हल्का हाथ क्यों रख रहे हैं राहुल गांधी?

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और YSRCP अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार (13 अगस्त,2025) को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर 'वोट चोरी' वाले बयान को लेकर हमला किया था।

Rahul Gandhi and Chandrababu Naidu

राहुल गांधी और चंद्रबाबू नायडू। Photo Credit- PTI

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आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और YSRCP अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार (13 अगस्त,2025) को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर  'वोट चोरी' वाले बयान को लेकर हमला किया। उन्होंने इस दौरान देश की राजनीति को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए। जगन मोहन ने इसमें ऐसे दावे किए कि अगर वह हकीकत में बदल जाएं तो भारत का राजनीतिक परिदृष्य ही बदलकर रख दे। दरअसल, जगन मोहन रेड्डी के इन दावों में तीन किरदार मुख्य हैं, जिनको लेकर उन्होंने बात की। 

 

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता इन दिनों लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में वोटों की चोरी का मुद्दा उठाकर बीजेपी, केंद्र की मोदी सरकार और चुनाव आयोग को घेर रहे हैं। वह जनता को सीधे ये बता रहे हैं कि बीजेपी ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर वोटों की चोरी की है। उन्होंने कहा है कि चुनाव आयोग ने लोकसभा के साथ में महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार आदि राज्यों में कथित तौर पर वोटों की चोरी की है।

 

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आंध्र प्रदेश पर चर्चा करने से बच रहे हैं राहुल

राहुल गांधी ने इसी कड़ी में कहा है कि जिन राज्यों में बीजेपी और उसकी सहयोगियों की सरकारें हैं वहां वोटों की चोरी हुई है। उन्होंने कर्नाटक में भी ऐसा ही दावा किया है। इसी को लेकर आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि राहुल गांधी आंध्र प्रदेश में वोटिंग खामियां पर चर्चा करने से बच रहे हैं और केवल दिल्ली या अन्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। रेड्डी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंथ रेड्डी के जरिए राहुल गांधी से संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और कांग्रेस हाईकमान के बीच हॉटलाइन कनेक्शन है।

टीडीपी के खिलाफ कोई बयान दिया है?

जगन मोहन रेड्डी ने अपने दावे के समर्थन को सही करार देते हुए कहा कि क्या कांग्रेस ने टीडीपी के खिलाफ कोई बयान दिया है? रेड्डी ने कहा कि राहुल गांधी आंध्र प्रदेश में वोट चोरी का मुद्दा क्यों नहीं उठा रहे हैं? बता दें कि लोकसभा चुनावों के साथ ही आंध्र प्रदेश में विधानसभा के चुनाव भी हुए थे। रेवंत रेड्डी कांग्रेस में आने से पहले टीडीपी में ही थे। जगन मोहन ने कहा है कि यही वजह यह है कि कांग्रेस और टीडीपी के बीच संपर्क बना हुआ है। पूर्व सीएम रेड्डी के दावे के बाद बीजेपी के अंदर हड़कंप मच गया है।

 

इसी दौरान जगन रेड्डी ने कहा कि यही वजह है कि राहुल गांधी चंद्रबाबू नायडू और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल पर हल्का हाथ रख रहे हैं। YSRCP अध्यक्ष रेड्डी ने राहुल गांधी के चुनावी मुद्दों को चुनिंदा तरीके से उठाने पर भी सवाल उठाया। दरअसल, राहुल गांधी देशभर में जिस वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं, वही मुद्दा जगन मोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के लिए उठाया है। उनका कहना है कि आंध्र प्रदेश में भी वोटों की चोरी की गई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पूरे देश में वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं लेकिन वह इसमें आंध्र प्रदेश की बात नहीं कर रहे हैं।

 

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चंद्रबाबू नायडू के रेवंत रेड्डी से संबंध?

इसी बात पर शक जताते हुए उन्होंने चंद्रबाबू नायडू के रेवंत रेड्डी से संबंध होने और राहुल गांधी से संपर्क होने का दावा किया है। जगन मोहन ने कहा, 'राहुल गांधी अरविंद केजरीवाल के बारे में क्यों नहीं बात करते? केजरीवाल खुद विधायक का चुनाव हार गए। राहुल गांधी आंध्र प्रदेश के बारे में क्यों नहीं बोलते? चंद्रबाबू नायडू रेवंत रेड्डी के जरिए उनसे संपर्क में हैं। ऐसे राहुल गांधी के बारे में मैं क्या कहूं, जो खुद ईमानदार नहीं हैं।'

 

जगन मोहन रेड्डी ने विशेष तौर से आंध्र प्रदेश में वोट गिनती में खामियों को भी उजागर किया और कहा कि राहुल गांधी दिल्ली में वोट चोरी की बात करते हैं, लेकिन आंध्र प्रदेश में घोषित और गिने गए वोटों में 12.5 फीसदी का अंतर क्यों नहीं उठाते? उन्होंने इसे गंभीर विषय बताया क्योंकि वास्तविक अंतर 2.5 प्रतिशत था।

नेताओं की जिम्मेदारी

पूर्व सीएम जगन मोहन ने इस मौके पर यह भी कहा कि आंध्र प्रदेश में घोषित और गिने गए वोटों के बीच अंतर 12.5 प्रतिशत था, जो चिंताजनक है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में नेताओं की जिम्मेदारी बनती है कि वे जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाएं। रेड्डी ने राहुल गांधी की इस चुप्पी को न केवल संदिग्ध बताया बल्कि इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति गंभीर नजरअंदाजी भी करार दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए चिंता की बात?

जगन मोहन रेड्डी जो दावे कर रहे हैं उसमें अगर सच्चाई है और राहुल गांधी सच में चंद्रबाबू नायडू के संपर्क में हैं तो यह बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए चिंता की बात है। पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी जादुई बहुमत का आंकड़ा नहीं छू पाई थी। बीजेपी को 240 सीटें ही मिली थीं, जबकि केंद्र में सरकार बनाने के लिए 272 सीटें चाहिए होती हैं। बहुमत का आंकड़ा नहीं मिलने के बावजूद बीजेपी ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बना ली।

 

इस सरकार में चंद्रबाबू नायडू की पार्टी तेलुगु देशम पार्टी (TDP) की बड़ी भूमिका है। पार्टी केंद्र सरकार में शामिल है। तेलुगु देशम पार्टी के पास 16 सांसद हैं, जो वर्तमान में मोदी सरकार को अपना समर्थन दे रहे हैं। इसके अलावा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (JDU) 12, शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के 7, एलजेपी (रामविलास) के 5, जनसेना पार्टी के 2, जेडीएस के 2 और छोटी पार्टियों के सांसद भी बीजेपी को अपना समर्थन देकर मोदी सरकार में शामिल हैं। मगर, इसमें मुख्य तौर पर दो क्षेत्रिय पार्टियों की चर्चा होती है। वह पार्टियां चंद्रबाबू नायडू (16) और नीतीश कुमार (12) की ही हैं।

क्यों बच रहे हैं राहुल गांधी?

अगर, चंद्रबाबू नायडू कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संपर्क में हैं तो वह नहीं चाहेंगे कि जगन मोहन रेड्डी का साथ देकर चंद्रबाबू नायडू की सरकार को अस्थिर करें या जनता में उनके प्रति अविश्वास पैदा करें। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू को अपने पाले में करने के लिए और मोदी सरकार को अस्थिर करने के लिए ही शायद राहुल आंद्र प्रदेश में जगन मोहन के दावों को नजरअंदाज कर रहे हों।

 

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने 7 अगस्त को चुनाव आयोग के खिलाफ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने दस्तावेजों के साथ में आंकड़े पेश किए थे। उन्होंने दस्तावेज में दावा किया था कि बड़े स्तर पर देशभर में धांधली हुई है। कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी की आरोप लगाया था। उनका कहना है कि वोटर लिस्ट में बड़े स्तर पर धांधली की गई है। बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप के बीच कांग्रेस ने शिकायत और समर्थन के लिए एक नया वेब पोर्टल शुरू कर दिया है।


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