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24 या 25 सितंबर कब है अनंत चतुर्दशी? जानें गणेश विसर्जन की सही तारीख और मुहूर्त

अनंत चतुर्दशी गणेश उत्सव के खत्म होने का प्रतीक है। इस दिन सभी भक्त अपने घर से गणेश भगवान की प्रतिमा को जल में विसर्जित करेंगे। तो यहां जानें अनंत चतुर्दशी की सही तारीख क्या है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- AI Generated

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अब पूरे देश में लाखों भक्त गणेश उत्सव का त्योहार मना रहे हैं। यह उत्सव 14 सितंबर से शुरू हुआ था। जब भक्तों ने गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया था। गणेश चतुर्थी के कुछ दिनों बाद अनंत चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाता है, जो गणेश उत्सव के खत्म होने का प्रतीक है। गणेश चतुर्थी पर सभी भक्त अपने घर पर गणेश भगवान की प्रतिमा स्थापित करते हैं। जबकि अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन की परंपरा निभाई जाती है। इस दिन सभी भक्त गणेश भगवान को अपने घर से विदा करते हैं।

 

गणेश उत्सव मनाने वाले कई भक्त गणपति बप्पा को डेढ़ दिन अपने घर में स्वागत करते हैं। तो कई लोग गणेश जी को 5 दिन या 7 दिन तक अपने घर में विराजित करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भक्तों को 10 दिनों तक गणेश भगवान को अपने घर में स्थापित करना चाहिए, जिसके बाद 11वें दिन अनंत चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाता है। इस दौरान भक्त साफ जल में गणेश भगवान की प्रतिमा को विसर्जित करते हैं। अब सवाल उठता है कि अनंत चतुर्दशी त्योहार की तारीख क्या है? आइए जानते हैं।

 

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अनंत चतुर्दशी कब है?

धार्मिक जानकारों के अनुसार, अनंत चतुर्दशी पर्व भादो महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मनाया जाता है। इस हिसाब से सितंबर महीने की 24 सितंबर को चतुर्दशी तिथि है। हालांकि, 24 सितंबर रात 11 बजकर 19 मिनट पर चतुर्दशी तिथि शुरू होगी, जो अगले दिन यानी 25 सितंबर की रात 11 बजकर 7 मिनट पर खत्म होगी। ऐसे में अनंत चतुर्दशी की उदय तिथि 25 सितंबर को होगी। इस वजह से लोगों को 25 सितंबर को ही गणेश विसर्जन की परंपरा निभानी चाहिए।

पूजा का शुभ मुहूर्त

धार्मिक जानकारों के अनुसार, अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश जी की दोपहर को पूजा करनी चाहिए। उसके बाद शाम को गणेश भगवान की प्रतिमा का विसर्जन करना चाहिए। तो ऐसे में सवाल उठता है कि पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है। आइए जानते हैं।

 

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लाभ चौघड़िया- सुबह 7:41 से लेकर 9:11 बजे तक

अमृत चौघड़िया- सुबह 9:11 से लेकर 10:42 बजे तक

शुभ चौघड़िया- दोपहर 12:12 बजे से लेकर 1:43 बजे तक

लाभ चौघड़िया- रात 9:14 से लेकर 10:44 बजे तक

 

इन सभी मुहूर्त में सबसे शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 12 मिनट से लेकर 1 बजकर 43 मिनट तक है। इसी दौरान भक्तों को गणेश भगवान की विधिवत पूजा करनी चाहिए, उसके बाद गणेश जी का विसर्जन करना चाहिए।

 

नोट- यह लेख धार्मिक मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।


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