• AYODHYA
17 Feb 2026, (अपडेटेड 17 Feb 2026, 12:31 PM IST)
राम मंदिर में अब आम लोग, पूरे मंदिर परिसर के दर्शन कर सकेंगे। अभी तक, मंदिर के सीमित क्षेत्रों में ही घूमने की इजाजत थी। 19 मार्च के बाद भक्तों को पास सिस्टम दिया जाएगा।
अयोध्या के राम मंदिर परिसर में अब राम मंदिर आंदोलन के दौरान बलिदान देने वाले कार सेवकों के लिए स्मारक और पुराने राम मंदिर से जुड़े स्मारक को विकसित करने का काम किया जा रहा है। कारसेवकों के लिए बने स्मारक का काम मार्च तक पूरा हो जाएगा, अप्रैल तक, उस जगह, जहां रामलला 'विराजमान' हुए थे, उसे बना लिया जाएगा। श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया है कि अभी सिर्फ दो स्थलों का निर्माण चल रहा है।
कारसेवकों के स्मारक और पुराने मंदिर, दोनों को स्मारक के तौर पर संरक्षित किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई है कि दोनों काम जल्द ही पूरे होने वाले हैं। नृपेंद्र मिश्रा ने कहा है कि उम्मीद है कि 31 मार्च या 30 अप्रैल तक ये काम खत्म हो जाएंगे। कारसेवकों का स्मारक करीब 11 मीटर ऊंचा है। अस्थाई मंदिर को वंशी पहाड़पुर के लाल पत्थरों से विकसित किया जाएगा। करीब 70 फीसदी तक काम पूरा हो चुका है।
मंदिर परिसर में म्यूजियम भी बन रहा है, जिसमें कुल 20 गैलरी होंगी। इनमें राम जन्मभूमि आंदोलन और भगवान राम से जुड़ी कहानियां दिखाई जाएंगी। अभी इन गैलरियों के लिए विषय चुना जा रहा है। म्यूजियम में आम श्रद्धालुओं को सितंबर के बाद सीमित संख्या में जाने की अनुमति दी जा सकती है।
नृपेंद्र मिश्रा,राम जन्मभूमि मंदिर कंस्ट्रक्शन समिति, अध्यक्ष:- अभी हम जिस मुख्य निर्माण की देखरेख कर रहे हैं, वह खास तौर पर स्मारक और पुराना मंदिर है, जहां भगवान विराजमान थे। उसे एक स्मारक के तौर पर रखा जाएगा। ये दोनों अभी बन रहे हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि यह 31 मार्च या 31 अप्रैल तक पूरा हो जाएगा।
रामलला दरबार, राम मंदिर। Photo Credit: Ram Janmbhoomi
कब सभी जगह दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु?
नृपेंद्र मिश्रा,राम जन्मभूमि मंदिर कंस्ट्रक्शन समिति, अध्यक्ष:-
अभी, म्यूजियम की 20 गैलरी में दिखाए जाने वाले कंटेंट के लिए एक स्क्रिप्ट लिखी जा रही है। मैं रिक्वेस्ट करूँगा कि सितंबर के बाद आम विज़िटर्स को लिमिटेड बेसिस पर म्यूज़ियम आने दिया जाए... यह तय किया गया है कि 19 मार्च को प्रेसिडेंट के दौरे के बाद, भक्तों को शुरू में पास सिस्टम के ज़रिए सभी जगहों पर जाने दिया जाएगा।
नृपेंद्र मिश्रा ने कहा, 'संग्रहालयों में जाने के लिए सामान्य रूप से कोई पास नहीं बनाया जाएगा। सबको मौका मिलेगा। कुछ जगहों के लिए पास बनाया जा सकता है। जैसे हनुमान जी की गैलरी है। अगर कोई वहां जाएगा तो 12 मिनट की पूरी कहानी दिखाई जाएगी। उसके बैठने की व्यवस्था की जाएगी। जितनी सीटें होंगी, उतने ही लोग जा सकेंगें।'
हनुमान गैलरी में क्या होगा खास?
राम मंदिर परिसर में ही हनुमान पर केंद्रित एक गैलरी है। उसे IIT चेन्नई की ओर से तैयार किया जा रहा है। 30 सितंबर तक इसका काम पूरा हो जाएगा। तब लोग जा सकेंगे।
कब पूरा मंदिर घूम सकेंगे श्रद्धालु?
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 मार्च को अयोध्या आने वाली हैं। उनके दौरे के बाद पहले पास सिस्टम से श्रद्धालुओं को सभी जगहों पर जाने की इजाजत मिलेगी। श्रद्धालु 'रामलला' के साथ-साथ अब म्यूजियम और अन्य स्थलों का भी दौरा कर सकेंगे। उन्होंने कहा है कि मार्च-अप्रैल तक कुछ अहम फैसले लिए जाएंगे, जिसके बाद म्यूजियम और अन्य सुविधाएं धीरे-धीरे आम श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएंगी।