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नवदुर्गा ही नहीं, देवी के हैं और भी रूप; कौन-सी देवी किस शक्ति की हैं प्रतीक?

11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र का पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान सभी लोग मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना करेंगे। नवरात्र मनाने से पहले जानें मां के 9 स्वरूप किस शक्ति के प्रतीक हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- AI Generated

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सनातन धर्म में शारदीय नवरात्र बेहद खास त्योहार माना जाता है। इस दौरान सभी भक्त देवी मां के 9 अलग-अलग स्वरूपों की आराधना करेंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब भगवान राम रावण से युद्ध कर रहे थे, तब उन्होंने रावण से युद्ध करने के लिए मां दुर्गा के 9 रूपों की आराधना की थी। जिसके बाद उन्हें देवियों का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। इन्हीं शक्तियों के प्रभाव से उन्होंने रावण को हरा दिया। इसी वजह से विजयदशमी मनाने से पहले 9 दिनों तक नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। कई लोगों को लगता है कि दुर्गा मां के सिर्फ नौ ही स्वरूप हैं, जिनकी आराधना शारदीय नवरात्र के दौरान की जाती है। जबकि कई धर्मशास्त्रों के अनुसार, दुर्गा मां के सिर्फ 9 स्वरूपों के अलावा कई अन्य स्वरूप भी हैं।

 

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल 11 अक्टूबर से लेकर 19 अक्टूबर तक शारदीय नवरात्रि का त्योहार मनाया जाएगा। इस दौरान शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की आराधना की जाएगी। अब सवाल उठता है कि दुर्गा मां इन स्वरूपों के अलावा और कौन-कौन से स्वरूप हैं। इसके साथ ही सवाल उठता है कि नवरात्रि में पूजे जाने वाली दुर्गा मां के नौं स्वरूप किस शक्ति के प्रतीक हैं? आइए जानते हैं।

 

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मां दुर्गा के हैं कई स्वरूप

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भक्त दुर्गा मां के जिन नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं, वे दुर्गा मां की नौ शक्तियों का प्रतीक हैं। इसके अलावा देवी मां के कई अन्य रूप हैं, जिन्हें दुर्गा मां का उग्र रूप माना जाता है। उन देवी स्वरूपों के नाम हैं- काली, तारा, त्रिपुरसुंदरी, भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला। इसके अलावा तीन और स्वरूप हैं सरस्वती, लक्ष्मी और पार्वती, जिन्हें ज्ञान, धन और बल का प्रतीक माना जाता है।

नवरात्र में पूजे जाने वाले 9 देवियां

मां शैलपुत्री- शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-पाठ की जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शैलपुत्री देवी मां पार्वती का स्वरूप हैं। इनकी आराधना करने से लोगों को चुनौतियों से लड़ने का वरदान मिलता है। इस साल शारदीय नवरात्रि के पहले दिन 11 अक्टूबर को मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी।

 

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मां ब्रह्मचारिणी- 12 अक्टूबर के दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-पाठ की जाएगी। मां के इस स्वरूप को तप, साधना और संयम का प्रतीक माना जाता है।

 

मां चंद्रघंटा- धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो व्यक्ति मां चंद्रघंटा की पूजा-आराधना करते हैं, उन्हें देवी मां के आशीर्वाद से साहस, शौर्य और आत्मविश्वास मिलता है। इस बार नवरात्र के तीसरे दिन यानी 13 अक्टूबर को भक्त चंद्रघंटा जी की आराधना करेंगे।

 

मां कूष्मांडा-मां कूष्मांडा को सकारात्मक ऊर्जा और प्रकाश का स्वरूप माना जाता है। उनकी ऊर्जा सूर्य के समान तेजस्वी है। इसके साथ ही माना जाता है कि मां कूष्मांडा की आराधना करने से व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। 14 अक्टूबर को मां कूष्मांडा की पूजा की जाएगी।

 

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मां कात्यायनी-15 अक्टूबर को मां कात्यायनी जी की पूजा-पाठ की जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां कात्यायनी ने महिषासुर से युद्ध किया था। इस वजह से उन्हें शक्ति, साहस और अन्याय के खिलाफ युद्ध करने वाली देवी के स्वरूप में माना जाता है।

 

 मां कालरात्रि-यह दुर्गा मां के उग्र स्वरूपों में से एक हैं, जो अपने भक्तों को नकारात्मक शक्तियों से बचाती हैं। मां कालरात्रि नकारात्मक शक्तियों का विनाश करती हैं। इनकी आराधना 17 अक्टूबर को की जाएगी।


 मां महागौरी-धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां महागौरी शांत स्वरूप हैं। इनकी आराधना करने से व्यक्ति को मन की शांति मिलती है।

 

 मां सिद्धिदात्री-नवरात्र के आखिरी दिन यानी 19 अक्टूबर को मां सिद्धिदात्री की पूजा-पाठ की जाएगी। इन्हें ज्ञान का प्रतीक माना जाता है।

 

नोट: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

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