मुस्लिम धर्म में मुहर्रम का महीना सबसे पाक महीनों में से एक है। इसी महीने को इस्लाम में नए साल की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस महीने के 10वें दिन को आशूरा कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इसी दिन पैगंबर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन कर्बला के युद्ध में शहीद हो गए थे। इसी वजह से आशूरा के दिन मुस्लिम धर्म के लोग शोक और मातम मनाते हैं। साथ ही कई लोग रोजा रखकर इमाम हुसैन को याद करते हैं।
इस साल भी जून महीने की 27 या 28 तारीख को आशूरा होगा, जिस दिन मुस्लिम धर्म के लोग खास परंपराएं निभाएंगे। जहां एक तरफ कई लोग आशूरा के दिन रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करेंगे, वहीं कई लोग मुहर्रम के 10 दिनों तक खास प्रकार की परंपराएं निभाएंगे। आइए जानते हैं कि इस महीने के शुरुआती 10 दिनों में लोगों को क्या करना चाहिए।
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मुहर्रम में क्या करें?
1. फाका रखना - इस महीने के 10वें दिन मुस्लिम धर्म के लोग फाका रखते हैं। फाका का मतलब रोजा रखना होता है। लोग इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हैं। माना जाता है कि मुहर्रम की 9वीं और 10वीं तारीख को रोजा रखना पुण्यकारी माना जाता है।
2. इबादत करें - इस महीने लोगों को सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा नमाज पढ़नी चाहिए और अधिक से अधिक अल्लाह को याद करना चाहिए।
3. परंपराओं का पालन करें - कई शिया मुस्लिम मुहर्रम के दौरान सिर पर कंघी का इस्तेमाल नहीं करते हैं और दाढ़ी भी नहीं कटवाते हैं। आशूरा के दिन लोग असर की नमाज पढ़ने के बाद शिकनी यानी गम का खाना खाते हैं।
4. नेकी करें - इस महीने लोगों को सामान्य दिनों से ज्यादा नमाज पढ़नी चाहिए और ज्यादा से ज्यादा अल्लाह को याद करना चाहिए। साथ ही पुण्य कर्म करना चाहिए, जिससे लोगों को सवाब मिलता है।
5. सदका दें - मुहर्रम के महीने में लोगों को जरूरतमंदों को दान देना चाहिए। दान देने की परंपरा चारों पाक महीनों में अपनानी चाहिए। खासकर आशूरा के मौके पर लोगों को भंडारा खिलाना चाहिए।
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क्या न करें?
1. जुल्म न करें - धार्मिक मान्यता के अनुसार इस महीने लोगों को दूसरों पर जुल्म और अन्याय नहीं करना चाहिए। इसका मतलब यह है कि लोगों को झूठ, धोखा, हिंसा और किसी भी प्रकार के अत्याचार से बचना चाहिए। धार्मिक जानकारों का मानना है कि इन चार पाक महीनों में किए गए गुनाहों का पाप सामान्य दिनों की तुलना में अधिक माना जाता है। इसलिए गुनाह करने से बचना चाहिए।
2. हिंसा न करें - मुस्लिम धर्म के मुताबिक मुहर्रम, रजब, जुल-कादा और जुल-हिज्जा सबसे पाक महीने माने जाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इन चारों महीनों में लोगों को हिंसा और युद्ध से बचना चाहिए। कुरआन की सूरह अल-बकरा में भी अमन और शांति पर जोर दिया गया है।
नोट - इस खबर में दी गई जानकारी सामान्य धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।