अग्नि को लेकर दुनिया के अलग-अलग धर्मों और सभ्यताओं में चली आ रही आस्था हमेशा चर्चा का विषय बनी रहती है। आधुनिक समय में जब धर्म और परंपराओं को नए नजरिए से देखने की कोशिश हो रही है, तब यह सवाल अहम हो गया है कि आखिर कौन-कौन से धर्म अग्नि को पवित्र मानते हैं और उनकी परंपराएं हिंदू धर्म से कितनी मिलती-जुलती हैं। वैदिक काल से लेकर पारसी, यूनानी, रोमन और एशियाई सभ्यताओं तक अग्नि केवल ऊर्जा का स्रोत नहीं बल्कि ईश्वर का प्रतीक, शुद्धि का माध्यम और धार्मिक अनुष्ठानों की साक्षी रही है।
हिंदू धर्म में यज्ञ, विवाह और संस्कारों में अग्नि की अनिवार्य भूमिका हो या पारसी धर्म में अग्नि मंदिरों की परंपरा, इन सभी मान्यताओं के पीछे एक साझा सांस्कृतिक विरासत दिखाई देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अग्नि उपासना केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के विकास, नैतिक मूल्यों और जीवन-दर्शन को समझने की एक गहरी कड़ी है, जो आज भी दुनिया के कई धर्मों को आपस में जोड़ती है।
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हिंदू धर्म
- हिंदू धर्म में अग्नि को देवता का दर्जा प्राप्त है।
- ऋग्वेद का पहला मंत्र ही 'अग्निमीळे पुरोहितम्' से शुरू होता है।
अग्नि का महत्व
- यज्ञ, हवन, विवाह, गृहप्रवेश, अंत्येष्टि – हर संस्कार में अग्नि को अनिवार्य माना जाता है
- अग्नि को देवताओं और मनुष्यों के बीच दूत माना गया है
- विवाह में अग्नि सात फेरे की साक्षी मानते हैं
- अग्नि शुद्धिकरण और कर्मफल का प्रतीक माना जाता है
अन्य अग्निपूजक धर्मों से संबंध
हिंदू धर्म को सभी अग्निपूजक परंपराओं की मूल प्रेरणा माना जाता है।
पारसी (जरथुस्त्र धर्म)
यह सबसे प्रसिद्ध अग्निपूजक धर्म माना जाता है।
मुख्य मान्यताएं
- अग्नि को ईश्वर 'अहुरा मज्दा' की शुद्धता का प्रतीक माना जाता है
- अग्नि मंदिरों में सदैव अग्नि प्रज्वलित रहती है
- अग्नि की पूजा होती है लेकिन उसे ईश्वर नहीं माना जाता
हिंदू धर्म से समानता
- यज्ञ जैसी अग्नि परंपरा
- अग्नि को शुद्धता और सत्य का प्रतीक मानना
- संस्कृत और अवेस्ता भाषा में कई शब्द समान
- दोनों धर्म इंडो-ईरानी परंपरा से जुड़े माने जाते हैं
वैदिक-ईरानी (प्राचीन आर्य धर्म)
हिंदू और पारसी धर्म से पहले का साझा धार्मिक ढांचा।
विशेषताएं
- अग्नि और सोम की पूजा
- यज्ञीय परंपरा
- देवताओं का अग्नि के माध्यम से आह्वान
हिंदू धर्म से समानता
- यही परंपरा आगे चलकर हिंदू धर्म में विकसित हुई
- अग्नि देव की अवधारणा यहीं से आई
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प्राचीन यूनानी धर्म
- ग्रीक सभ्यता में अग्नि को पवित्र माना जाता था
- अग्नि से जुड़े देव
- हेस्तिया – गृह और पवित्र अग्नि की देवी
- मंदिरों और घरों में पवित्र अग्नि प्रज्वलित रहती थी
हिंदू धर्म से समानता
- गृह अग्नि की परंपरा
- अग्नि को परिवार और समाज की रक्षा करने वाली शक्ति मानना
रोमन धर्म
ग्रीक परंपरा से प्रभावित रोमन सभ्यता।
मुख्य मान्यताएं
- देवी वेस्टा – पवित्र अग्नि की देवी
- वेस्टल वर्जिन्स के जरिए अग्नि की निरंतर रक्षा
हिंदू धर्म से समानता
- अखंड अग्नि की परंपरा
- अग्नि को राज्य और समाज की स्थिरता का प्रतीक मानना
शिन्तो धर्म (जापान)
पूरी तरह अग्निपूजक नहीं लेकिन अग्नि को पवित्र तत्व के रूप में मानना
अग्नि का स्थान
- शुद्धिकरण के लिए अग्नि अनुष्ठान
- अग्नि देवता कागुत्सुची
हिंदू धर्म से समानता
- अग्नि के जरिए शुद्धि
- प्राकृतिक तत्वों की पूजा
प्राचीन स्लाव और नॉर्डिक परंपराएं
यूरोप की आदिम सभ्यताओं में भी अग्नि को पवित्र माना गया।
विशेषताएं
- अग्नि को जीवन और सुरक्षा का प्रतीक मानना
- अनुष्ठानों में अग्नि का इस्तेमाल
हिंदू धर्म से समानता
- अग्नि को दैवी तत्व मानना
- सामाजिक और धार्मिक अनुष्ठानों में अग्नि की भूमिका