logo

ट्रेंडिंग:

AI क्या असली इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन है या अगला डॉट कॉम बबल?

कुछ लोगों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डॉटकॉम बबल की तरह से हो सकता है। हालांकि, जब हम इसकी पड़ताल करते हैं तो इसे पूरी तरह से सच नहीं माना जा सकता।

news image

प्रतीकात्मक तस्वीर । Photo Credit: AI Generated

शेयर करें

संबंधित खबरें

Reporter

1999 में डॉट-कॉम बूम के समय निवेशकों की आंखें भविष्य की संभावनाओं पर टिकी थीं। कमाई और बिज़नेस मॉडल स्पष्ट नहीं थे लेकिन भविष्य का वादा इतना आकर्षक था कि शेयर आसमान छू रहे थे। आज वही माहौल फिर से देखने को मिल रहा है, बस नाम बदल गया है। डॉट-कॉम की जगह अब AI ने ले ली है। हर कॉर्पोरेट प्रेज़ेंटेशन और स्टार्टअप पिच में AI शब्द मौजूद है और निवेशक इसे ‘growth driver' मान रहे हैं। यह समय निवेशकों के लिए उत्साहजनक है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक नई बबल है या सच में अर्थव्यवस्था बदलने वाली तकनीक?

 

AI केवल एक टेक्नोलॉजी नहीं है। इसके समर्थक दावा करते हैं कि यह चौथी औद्योगिक क्रांति है। भाप का इंजन पहली, बिजली दूसरी, कंप्यूटर और इंटरनेट तीसरी औद्योगिक क्रांति में प्रमुख थे। अब AI चौथी क्रांति की भूमिका निभा रहा है। यह सिर्फ IT सेक्टर तक सीमित नहीं है। मैन्युफैक्चरिंग में, हेल्थकेयर में बीमारियों का पता लगाने में, फाइनेंस में फ्रॉड का पता लगाने में, खेती में फसलों के बारे में और मीडिया में कॉन्टेन्ट बनाने में, सभी सेक्टर्स में AI का अच्छा खासा दखल है। यह एक ऐसी टेक्नोलॉजी है, जो हर इंडस्ट्री को छू रही है। यही कारण है कि निवेशक इसे अलग मान रहे हैं।

 

यह भी पढ़ेंः क्या है ChatGPT Health, कैसे काम करेगा यह फीचर, AI बना आपका पर्सनल डॉक्टर?

क्या सिर्फ कहानी बिक रही है?

AI के इकोनॉमिक इफेक्ट को दो हिस्सों में देखा जा सकता है। असली कमाई फिलहाल चिप्स, हार्डवेयर और क्लाउट इन्फ्रास्ट्रक्चर में बन रही है। AI मॉडल को चलाने के लिए हाई-एंड जीपीयू और डेटा सेंटर की जरूरत है, यही असली कैश फ्लो उत्पन्न कर रहा है। इसके अलावा, AI को एंटरप्राइज़ में डिप्लॉय करने के लिए क्लाउड प्लेटफॉर्म महंगे किराए वसूल रहे हैं।

 

कुछ चुनिंदा प्लेटफॉर्म्स सीधे प्रोडक्टिविटी बढ़ा रहे हैं, जैसे कस्टमर सपोर्ट और मार्केटिंग ऑटोमेशन। वहीं, बड़ी संख्या में कंपनियां AI को सिर्फ बढ़ाचढ़ाकर इस्तेमाल कर रही हैं। उनके पास पैसा नहीं है, केवल वैल्युएशन है। यही स्थिति डॉट-कॉम बूम की याद दिलाती है।

नैरेटिव भी चल रहा है

आज AI स्टॉक्स की कीमतें भविष्य की उम्मीदों पर बड़ रही हैं, न कि वर्तमान की कमाई पर। एआई को बढ़ाचढ़ाकर पेश किए जाने से शेयर ऊपर चढ़ता है। जबकि कंपनियों की लागत बढ़ रही है और मार्जिन घट रहे हैं, मार्केट में फिर भी तेजी है। कैपेक्स एक्स्प्लोजन हो रहा है और फ्री कैश फ्लो सिकुड़ रहा है। यह स्थिति दिखाती है कि निवेशक AI की असली ताकत के बजाय AI की कहानी में दांव लगा रहे हैं।

क्या डॉट-कॉम बबल जैसा है?

डॉट-कॉम बूम और आज के AI बूम में कई समानताएं हैं। जैसे- इसको लेकर बहुत ज्यादा उत्साह होना, मौजूदा कमाई का कंपनी की वैल्युएशन से मिसमैच होना और कहीं पीछे न रहने जाने की होड़। हालांकि, फर्क भी है।

 

AI पहले से ही काफी चीजों में बेहतर रिजल्ट दे रहा है, फिर इसमें काफी बड़ी बड़ी कंपनियां शामिल हैं और इसमें बदलाव की क्षमता भी तेज है। जबकि डॉट-कॉम की बात करें तो उसमें अधिकांश कंपनियां आइडिया के ही स्टेज पर थीं। यानी जोखिम है, लेकिन मौका भी अधिक वास्तविक है।

भारत की क्या स्थिति?

भारत AI के मामले में उत्साहित तो है, लेकिन वास्तविक स्थिति मिलीजुली है। बड़े टैलेंट पूल और IT सर्विस का AI-इनेबिल्ड अपग्रेड भारत के लिए एक अवसर है। डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे UPI और DPIs भी AI एडॉप्शन में मदद कर रहे हैं। हालांकि, कोर एआई मॉडल्स भारत में नहीं बन रहे हैं, और फाउंडेशनल टेक्नॉलजी जैसे चिप्स और हाई-एंड क्लाउड सर्विस बाहर से आती हैं। इसका मतलब है कि भारत अभी AI क्रांति का यूज़र ज़्यादा है, ओनर कम। प्रोडक्टिविटी तो बढ़ रही है, लेकिन रेवेन्यू और ओनरशिप अभी कम है।

तो क्या यह बबल है?

अगर देखा जाए तो एआई की स्थिति डॉट-कॉम बबल की तरह से नहीं है। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता है यह बबल फूटेगा, लेकिन बहुत सारी कंपनियां पिक्चर से गायब हो सकती हैं। डॉट-कॉम की तरह, टेक्नोलॉजी बच जाएगी, लेकिन निवेशकों का पैसा सब जगह नहीं बचेगा।

 

यह भी पढ़ें: एक मिनट के लिए X, ChatGPT ठप हो जाए तो कितना नुकसान होता है?

 

AI को लेकर सबसे बड़ी गलती यह मानना है कि जो AI बोलेगा, वही जीतेगा।' असली जीत उन्हीं की होगी जो AI से वास्तविक प्रोडक्टिविटी निकाल सकें, लागत को नियंत्रित कर सकें और इसे सीख सकें।


और पढ़ें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap