logo

मूड

ट्रेंडिंग:

इंडिया-A के आंकड़े दे रहे संकेत, वैभव को डेब्यू से पहले सुधारनी होंगी ये कमियां

वैभव सूर्यवंशी उस भारतीय टीम में शामिल हैं जो आयरलैंड और इंग्लैंड का दौरा करेगी। इस दौरे से पहले वैभव श्रीलंका में हो रही ट्राई-सीरीज में खेल रहे हैं। इस सीरीज में उनकी बैटिंग कुछ खास नहीं रही है।

Ahead Vaibhav Sooryavanshi debut 3 Shortcomings to improve

वैभव सूर्यवंशी, Photo Credit: Social Media

IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने राजस्थान रॉयल्स के लिए जमकर रन बनाए और अपनी बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा। टूर्नामेंट खत्म होते ही उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। अब उनका इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने का सपना भी पूरा होने के बेहद करीब है। हालांकि इस समय वैभव श्रीलंका में खेली जा रही ट्राई सीरीज में इंडिया-ए टीम का हिस्सा हैं। यहां उनका बल्ला वैसा नहीं चला है, जैसी उनसे उम्मीद की जा रही थी। वह IPL वाली विस्फोटक फॉर्म भी दोहरा नहीं सके हैं। ऐसे में उनके प्रदर्शन को देखते हुए इंटरनेशनल डेब्यू की राह में एक नई मुश्किल खड़ी हो सकती है।

 

श्रीलंका में चल रही ट्राई सीरीज में इंडिया-ए ने अब तक तीन मुकाबले खेले हैं लेकिन टीम को सिर्फ एक मैच में जीत मिली है। इन तीनों मैचों में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का बल्ला कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाया है। उन्होंने अब तक कुल 79 रन ही बनाए हैं।

 

यह भी पढ़ें: आखिरी गेंद पर हुआ ड्रामा, सुपर ओवर में इंडिया-A को हराकर जीता श्रीलंका-A

 

वैभव पहले मैच में 14 रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बाद दूसरे मुकाबले में उन्होंने 44 रन की पारी खेली, जबकि तीसरे मैच में उनके बल्ले से 21 रन निकले। हर मैच में उन्होंने अच्छी शुरुआत जरूर की लेकिन उसे बड़ी पारी में नहीं बदल सके। यही वजह है कि अब तक इस सीरीज में उनके नाम कोई बड़ी पारी दर्ज नहीं हो पाई है।

वैभव को इन 3 कमियां पर करना होगा काम

  • पहली कमजोरी: अफगानिस्तान-ए के खिलाफ मैच में अब्दुल्लाह अहमदजई की शॉर्ट गेंद पर वैभव जिस तरह आउट हुए उसने विरोधी टीमों को उनके खिलाफ एक बड़ा हथियार दे दिया है। जब गेंदबाज राउंड द विकेट आकर शरीर पर तेज बाउंसर फेंकते हैं तो वैभव को हाथ खोलने या रूम बनाने में परेशानी होती है। ऐसे में आयरलैंड और इंग्लैंड की उछाल भरी पिचों पर तेज गेंदबाज उन्हें लगातार शॉर्ट गेंदों से ही टारगेट करेंगे। वैभव को हर शॉर्ट गेंद पर रैंप या अपर-कट खेलने की जिद छोड़नी होगी। उन्हें अपने बैकफुट डिफेंस और पुल शॉट के सेलेक्शन को बेहतर करना होगा।
  • दूसरी कमजोरी: श्रीलंका-ए के खिलाफ तीसरे मैच में वैभव ने कप्तान सहान अराचिगे की ऑफ-स्पिन पर टर्न के खिलाफ शॉट खेलने के चक्कर में अपना विकेट गंवाया। टी-20 फॉर्मेट में पावरप्ले का फायदा उठाने की जल्दी में वह गेंद की लाइन को पूरी तरह समझे बिना ही अंधाधुंध बल्ला चला रहे हैं। ऐसे में इंटरनेशनल लेवल पर मिस्ट्री स्पिनर्स और अनुभवी धीमे गेंदबाज उनकी इस जल्दबाजी का पूरा फायदा उठाएंगे। वैभव को स्पिन के खिलाफ क्रीज का इस्तेमाल करना होगा और गेंद की लाइन के साथ खेलने की आदत डालनी होगी।
  • तीसरी कमजोरी: इंडिया-ए के तीनों मैचों में एक बात बिल्कुल कॉमन दिखी कि वैभव क्रीज पर सेट लग रहे थे और शानदार बाउंड्रीज लगा रहे थे लेकिन तभी अचानक एक खराब शॉट खेलकर आउट हो गए। वह अच्छी शुरुआत को 50 या 70+ जैसे बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पा रहे हैं। IPL की सपाट पिचों पर 200+ के स्ट्राइक रेट से बैटिंग करना अलग बात है लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में हालात के हिसाब से गियर बदलना आना चाहिए। उन्हें केवल अटैकिंग मोड में रहने के बजाय पारी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाने पर ध्यान देना होगा।


और पढ़ें