भारतीय फुटबॉल इस समय गंभीर अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। देश की सबसे बड़ी फ्रेंचाइजी फुटबॉल लीग इंडियन सुपर लीग (ISL) के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। लीग के आयोजन को लेकर जारी कानूनी विवाद और फैसले में हो रही देरी ने खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और फैंस सभी की चिंता बढ़ा दी है। हालात ऐसे बन गए हैं कि अब भारतीय और विदेशी खिलाड़ी मैदान पर उतरने के बजाय अपने करियर और भविष्य को लेकर असमंजस में हैं। इसी बेचैनी के बीच भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल संस्था FIFA से हस्तक्षेप की अपील की है, जिससे देश में फुटबॉल की यह ठहरी हुई रफ्तार फिर से आगे बढ़ सके और ISL को लेकर फैली अनिश्चितता जल्द खत्म हो।
कई सुनवाइयों और समय-सीमा तय होने के बावजूद अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इंडियन सुपर लीग (ISL) इस सीजन में होगी या नहीं। इस अनिश्चितता की वजह से देशी और विदेशी फुटबॉल खिलाड़ी काफी परेशान हैं। अब खिलाड़ियों ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए FIFA से मदद की गुहार लगाई है। भारतीय टीम के सीनियर खिलाड़ी सुनील छेत्री, गुरप्रीत सिंह संधू और संदीश झिंगन ने भी देश में फुटबॉल की स्थिति सुधारने के लिए FIFA से दखल देने की मांग की है।
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दरअसल, ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) और फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (FSDL) के बीच मास्टर राइट्स एग्रीमेंट (MRA) को लेकर विवाद चल रहा है। इसी कानूनी पेंच की वजह से इंडियन सुपर लीग इस सीजन में अब तक शुरू नहीं हो पाई है। 25 अगस्त को खबर आई थी कि सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को आपसी मतभेद सुलझाने के निर्देश दिए हैं लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकल सका है।
खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किया
गुरप्रीत सिंह संधू ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में कहा कि अब जनवरी का महीना चल रहा है और इस वक्त तक ISL के मुकाबले टीवी पर होने चाहिए थे। वहीं भारतीय टीम के डिफेंडर संदीश झिंगन ने कहा कि इस समय खिलाड़ी ISL खेलने के बजाय डर और निराशा के माहौल से गुजर रहे हैं।4
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सुनील छेत्री ने कहा कि खिलाड़ी, स्टाफ और फैंस सभी को यह जानने का हक है कि आगे क्या होने वाला है। गुरप्रीत ने भी दोहराया कि मौजूदा हालात में खिलाड़ी मैदान पर खेलने के बजाय अनिश्चितता और चिंता में जी रहे हैं।
AIFF और FSDL के बीच नया समझौता नहीं
AIFF और ISL की आयोजक कंपनी FSDL के बीच मास्टर राइट्स एग्रीमेंट का नवीनीकरण न होने की वजह से ISL का 2025-26 सीजन रुका हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट ने AIFF को निर्देश दिया है कि जब तक AIFF से जुड़े मामले पर अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक वह FSDL के साथ कोई नया समझौता न करे।
2010 में हुआ था 15 साल का करार
AIFF और FSDL के बीच साल 2010 में 15 साल का समझौता हुआ था। इसके तहत FSDL हर साल AIFF को 50 करोड़ रुपये देता है और बदले में उसे भारतीय फुटबॉल के प्रसारण, संचालन और प्रचार के अधिकार मिले थे, जिनमें ISL और भारतीय राष्ट्रीय टीम भी शामिल हैं।