साल 2018 के एशिया कप फाइनल में भारतीय टीम को 222 रन का टारगेट हासिल करने में पसीने छूट गए थे। बांग्लादेश की टीम ने आखिरी गेंद तक लड़ाई लड़ी लेकिन वह एक बार फिर खिताब से दूर रह गई।
ट्रॉफी के साथ जश्न मनाते भारतीय खिलाड़ी। (Photo Credit: ICC/X)
एशिया कप का 15वां संस्करण 2018 में अबूधाबी और दुबई में खेला गया। 2016 में टूर्नामेंट का पिछला संस्करण टी20 फॉर्मेट में आयोजित हुआ था। इस बार टूर्नामेंट का आयोजन वनडेफॉर्मेट में हुआ। 2019 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए ऐसा किया गया। भारतीय टीम के तत्कालीन कप्तान विराट कोहली ने इस टूर्नामेंट सेअपना नाम वापस ले लिया था। तब टीम के हेड कोच रहे रवि शास्त्री ने बताया था कि कोहली को आराम की जरूरत थी।
कोहली की गैरमौजूदगी में टीम इंडिया की कमान रोहित शर्मा को सौंपी गई। टीम में महेंद्र सिंह धोनी, दिनेश कार्तिक, अंबातीरायुडू, शिखर धवन, जसप्रीतबुमराह, भुवनेश्वर कुमार और रवींद्रजडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी थे। वहीं कुलदीप यादव, दीपक चाहर और खलीलअहमद जैसे युवा को भी मौका मिला था। कोहली के नहीं होने के बावजूद भी भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में उतरी थी और वह चैंपियन बनकर ही घर ही लौटी। हालांकि फाइनल मुकाबले में उसे कड़ी चुनौती मिली।
बांग्लादेश ने एक समय भारत को हार की कगार पर धकेल दिया था और वह पहले एशिया कप खिताब के काफी करीब भी पहुंच गई थी। मगर टीम इंडिया ने आखिरी गेंद पर बाजी जीत एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित की।
28 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। लिटन दास और मेहदीहसनमिराज ने 120 रन की साझेदारी कर बांग्लादेश को सॉलिड शुरुआत दी। पार्ट-टाइमरकेधारजाधव ने इस जोड़ी को तोड़ा। उन्होंने मेहदी (32) को रायुडू के हाथों लपकवाया।
इसके बाद विकेटों की झड़ी लग गई। देखते-देखते बांग्लादेश की आधी टीम 151 रन पर पवेलियन लौट गई। हालांकि लिटन दास एक छोर से लगातार बड़े शॉट खेलते रहे। उन्होंने अपने वनडेकरियर का पहला शतक पूरा किया। वह 117 गेंद में 12 चौके और 2 छक्के की मदद से 121 रन बनाकर पवेलियन लौटे। उनका विकेट 188 के स्कोर पर गिरा। लिटन के आउट होने के बाद बाकी बल्लेबाज 34 रन ही जोड़ सके। बांग्लादेश के की पूरी पारी 48.3 ओवर में 222 के स्कोर पर समिट गई। भारत की ओर से कुलदीप यादव ने 3 जबकि केदार जाधव ने 2 विकेट लिए। बुमराह और युजवेंद्र चहल को एक-एक सफलता मिली।
छोटे टारगेट का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने तेज शुरुआत की। कप्तान रोहित और धवन की जोड़ी ने 4.4 ओवर में 35 रन जोड़े। धवन 14 गेंद में 15 रन बनाकर पहले विकेट के रूप में आउट हुए। ओपनिंग जोड़ी टूटने के बाद भारत ने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए और एक समय उसका स्कोर 160 रन पर 5 विकेट हो गया था। रोहित (48), रायुडू (2), दिनेश कार्तिक (37) और धोनी (36) समेत सभी बड़े बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। इसके बाद केदार जाधव की चोट ने भी टीम इंडिया की मुसीबतें बढ़ा दी। वह 167 के कुल स्कोर पर रिटायरहर्ट होकर मैदान से बाहर गए। यहां से जडेजा (23) और भुवनेश्वर (21) ने भारत की पारी आगे बढ़ाई।
दोनों ने सहजता से बल्लेबाजी की। हालांकि लक्ष्य से ठीक पहले जडेजा और भुवनेश्वर लगातार ओवरों में आउट हो गए, जिससे बांग्लादेश ने वापसी कर ली। भारत को आखिरी ओवर में जीत के लिए 6 रन बनाने थे और क्रीज पर चोटिल केदार जाधव और कुलदीप यादव खड़े थे। गेंद महमुदुल्लाह के हाथों में थी। केदार और कुलदीप ने पहली 3 गेंद पर 4 रन बटोरे। चौथी गेंद कुलदीप ने डॉट खेला और इसके बाद उन्होंने अगली गेंद पर सिंगल निकाला। टीम इंडिया को अब 1 गेंद में 1 रन की जरूरत थी। महमुदुल्लाह ने मैच की आखिरी गेंद लेगस्टंप की लाइन में गेंद डाली, जिसे केदार फ्लिक करने के प्रयास में चूक गए। गेंद उनके पैड पर लगकर शॉर्ट फाइन लेग की दिशा में गई। इस बीच केदार और कुलदीप ने 1 रन चुराकर भारत को 3 विकेट से जीत दिला दी।
फाइनल में भारत की प्लेइंग-XI: रोहित शर्मा (कप्तान), शिखर धवन, अंबातीरायुडू, दिनेश कार्तिक, महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर), केदार जाधव, रवींद्रजडेजा, भुवनेश्वर कुमार, कुलदीप यादव, जसप्रीतबुमराह, युजवेंद्र चहल