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Asian Games: शूटिंग टीम कुछ खास नहीं कर रही, एथलेटिक्स में कितनी उम्मीदें हैं?

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय शूटिंग टीम ने 7 मेडल दिलाए हैं, जिनमें एक भी गोल्ड नहीं है। अब एथलेटिक्स टीम पर निगाहें हैं, जिन्होंने हांगझोऊ में 29 मेडल जीते थे।

Indian Athletics Team Asian Games

भारतीय एथलीट्स, Photo Credit: Athletics Federation Of India/Insta

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एशियन गेम्स 2026 में एथलेटिक्स की प्रतियोगिता शुरू हो गई है, जिसमें भारत के 75 खिलाड़ी उतर रहे हैं। भारत को एथलेटिक्स में ही सबसे ज्यादा मेडल की उम्मीदें हैं। पिछले एशियन गेम्स में एथलेटिक्स टीम ने 29 मेडल दिलाए थे, जिसमें 6 गोल्ड, 14 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज शामिल थे। शूटिंग टीम ने हांगझोऊ में 7 गोल्ड समेत 22 मेडल हासिल किए थे लेकिन इस बार उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रही है।

 

शूटिंग में अब तक 7 मेडल ही आए हैं और उसमें भी एक भी गोल्ड नहीं है। मनु भाकर, ईशा सिंह और सुरुचि सिंह की तिकड़ी 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में कोई मेडल नहीं जीत सकी। उन्हें इस स्पर्धा में बड़ा दावेदार माना जा रहा था। शूटिंग टीम अपने पिछले प्रदर्शन के करीब जाती नहीं दिख रही है। ऐसे में अब एथलेटिक्स टीम पर निगाहें हैं। एथलेटिक्स टीम आज (24 सितंबर) अपने अभियान का आगाज करने जा रही है।

 

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एशलेटिक्स टीम से कितने मेडल की होगी आस?

एशियाड में एथलेटिक्स में भारत अच्छा प्रदर्शन करता रहा है और उम्मीद है कि इस बार भी वह मेडल बटोरने में किसी तरह की कोताही नहीं बरतेगा। 75 सदस्यीय भारतीय एथलेटिक्स टीम का टारगेट 25 से 30 मेडल जीतना होगा। शॉट पुट के स्टार खिलाड़ी तेजिंदरपाल सिंह तूर गोल्ड मेडल की ऐतिहासिक हैट्रिक बनाने की कोशिश करेंगे, जबकि लॉन्ग जम्पर मुरली श्रीशंकर और लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह पिछली बार जीते गए मेडल के रंग को बेहतर करने के इरादे के साथ उतरेंगे। भारत को नीरज चोपड़ा की कमी खलेगी, जो चोट के कारण बाहर हैं।

 

भारत की 4x400 मीटर मिक्स्ड रिले टीम एथलेटिक्स में मेडल का खाता खोल सकती है, जो इस स्पर्धा में मेडल की प्रबल दावेदार है। स्प्रिंटर अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह भी आज अपनी 100 मीटर हीट रेस में भाग लेंगे।

 

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तेजिंदरपाल के पास इतिहास रचने का मौका 

इस एशियन गेम्स में भी तेजिंदरपाल गोल्ड मेडल जीतते हैं तो उनका नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा। वह एक ही स्पर्धा में लगातार 3 एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बन जाएंगे। महान थ्रोअर प्रद्युमन सिंह बराड़ ने 1954 और 1958 के एशियन गेम्स में शॉट पुट में 2 गोल्ड मेडल जीते थे और अगर तेजिंदरपाल जीत जाते हैं तो वह उनसे आगे निकल जाएंगे। हालांकि प्रद्युमन सिंहके नाम 3 गोल्ड मेडल हैं, जिनमें 1954 के एशियाड में डिस्कस थ्रो में जीता गया एक और गोल्ड मेडल शामिल है। 

 

एशियन गेम्स के ट्रैंक एंड फील्ड इवेंट में सबसे ज्यादा गोल्ड और कुल मेडल जीतने का भारतीय रिकॉर्ड पीटी उषा के नाम है। उन्होंने 4 गोल्ड (सभी 1986 सियोल में) और 7 सिल्वर मेडल जीते हैं।

 

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गोल्ड जीतेंगे मुरली श्रीशंकर?

मुरली श्रीशंकर ने पिछले एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था और यह 27 साल का खिलाड़ी इस बार गोल्ड मेडल जीतने का लक्ष्य रखेगा। इस सीजन में उन्होंने जिन सात प्रतियोगिताओं में भाग लिया है, उन सभी में उन्होंने आठ मीटर से अधिक की छलांग लगाई है। मुरली ने इस सीजन में 8.38 मीटर की छलांग लगाई है, जो एशियाई खिलाड़ियों में बेस्ट है। 

 

उन्हें चीन के युआन चेनलोंग और उज्बेकिस्तान के अनवर अनारोव से कड़ी चुनौती मिल सकती है। भारत ने डेविड सोलोमन को भी मैदान में उतारा है, जिन्हें चोटिल शाहनवाज खान की जगह अंतिम समय में टीम में शामिल किया गया है।

गुलवीर जीत सकते हैं 2 मेडल

गुलवीर तीन स्पर्धाओं 1500 मीटर, 5000 मीटर और 10000 मीटर में भाग लेंगे और वह कम से कम 2 मेडल जीतने की कोशिश करेंगे। उन्होंने पिछले एशियन गेम्स में 10,000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। उनके नाम 5000 मीटर और 10000 मीटर दोनों में नेशनल रिकॉर्ड दर्ज है। 

 

गुलवीर का 5000 मीटर रेस में मुकाबला इथियोपिया में जन्मे बहरीन के बिरहानु बलेव से होगा, जो मौजूदा चैंपियन हैं।  गुलवीर को 10000 मीटर रेस में भी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि जापान के धावक मेबुकी सुजुकी भी मुकाबले में हैं।

 

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अविनाश साबले पर भी रहेंगी निगाहें

स्टीपलचेज में अविनाश साबले पर भी सबकी निगाहें रहेंगी। वह अपने 3000 मीटर स्टीपलचेज के खिताब को डिफेंड करने उतर रहे हैं। हालांकि उन्होंने इस सीजन में एक ही प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है। अविनाश को पिछले साल एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट की सर्जरी के बाद लंबे समय तक खेल से दूर रहना पड़ा था। उन्हें आखिरी समय में 5000 मीटर दौड़ में भी शामिल किया गया है, जिसमें उन्होंने पिछले एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। हांगझोऊ में सिल्वर मेडल जीतने वाली लॉन्ग जम्पर एंसी सोजन ने इस सीजन में एशियाई खिलाड़ियों में बेस्ट प्रदर्शन किया है और वह गोल्ड मेडल की दावेदार हैं।

जैवलिन थ्रो में नीरज की गैरमौजूदगी में मेडल आएगा? 

मेंस जैवलिन थ्रो स्पर्धा में नीरज चोपड़ा के बाहर होने से मेडल की उम्मीदें कम हैं। हालांकि रोहित यादव और यशवीर सिंह अपना बेस्ट देना चाहेंगे। गोल्ड मेडल जीतने के प्रबल दावेदार श्रीलंका के रूमेश पथिरागे हैं, जिन्होंने इस सीजन में तीन बार 90 मीटर से अधिक की दूरी तय की है और उनका बेस्ट प्रदर्शन 92.62 मीटर रहा है। पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम भी मेडल की रेस में हैं।

तेजस्विन शंकर को मिलेगी कड़ी चुनौती

नेशनल रिकॉर्ड होल्डर डेकाथलॉन खिलाड़ी तेजस्विन शंकर को जापान के युमा मारुयामा के खिलाफ कड़ी प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहना होगा, जो 10 स्पर्धाओं में 8321 अंकों के साथ एशियन सीजन के चार्ट में शीर्ष पर हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के सिल्वर मेडलिस्ट लॉन्ग जम्पर सर्वेश कुशारे भी मेडल के दावेदार हैं। हालांकि वह भी मामूली चोट से जूझ रहे हैं। उन्हें भी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

 

ट्रिपल जम्पर प्रवीण चित्रवेल और 100 मीटर हर्डल रेस की धाविका ज्योति याराजी ने पिछले एशियन गेम्स में क्रमशः ब्रॉन्ज और सिल्वर मेडल जीते थे लेकिन हाल ही में दोनों को मामूली चोटों से जूझना पड़ा था। विशाल टीके (400 मीटर), पारुल चौधरी (3000 मीटर स्टीपलचेज), हरिता भद्रा (200 मीटर) और पूजा सिंह (ऊंची कूद) मेडल जीतने के अन्य दावेदार हैं।


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