कॉमनवेल्थ गेम्स: 10 हजार मीटर में पहला मेडल, सिर्फ 2 गोल्ड, कहां तक पहुंचा भारत?
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के तीन और पदक पक्के हो गए हैं। अभी तक सिर्फ 2 गोल्ड जीत पाए भारत को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में उस पर सोने की बरसात होगी और उसकी स्थिति में सुधार होगा।

पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी, Photo Credit: Social Media
इस साल के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेडल टैली में भारत मुश्किल से टॉप 10 में बना हुआ है। कम से कम तीन और मेडल पक्के हो गए हैं लेकिन स्थिति में सुधार के लिए इनका गोल्ड में बदलना जरूरी है। अभी तक सिर्फ 2 गोल्ड मेडल जीत सका भारत इस बार अभी 9वें नंबर पर मौजूद है। 2022 में 22 गोल्ड मेडल जीतने वाला भारत चौथे नंबर पर रहा था। भले ही अभी उसे कई गोल्ड जीतने की उम्मीद है लेकिन रफ्तार काफी धीमी चल रही है। इस बीच भारत ने पहली बार 10 हजार मीटर की स्पर्धा में पहली बार मेडल जीतकर एतिहास रचा है। मंगलवार को भारत ने दो मेडल जीते और तीन मेडल पक्के कर लिए।
कॉमनवेल्थ गेम्स के छठे दिन हरजिंदर कौर ने वेट लिफ्टिंग के महिलाओं के 69 किग्रा वजन वर्ग में सिल्वर मेडल जीता जबकि गुलवीर सिंह ने 10 हजार मीटर में दूसरा स्थान हासिल किया जिससे भारत दो पदक जीतने में सफल रहा। मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए मंगलवार को तीन और पदक पक्के किए। मुक्केबाजी में अब भारत के चार पदक पक्के हो गए हैं क्योंकि अनुभवी लवलीना बोरगोहेन सेमीफाइनल से अपना अभियान शुरू करेंगी जिससे उनका भी पदक पहले से ही पक्का है। एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज प्रीति पवार (54 किग्रा), मौजूदा एशियाई चैंपियन प्रिया घंघास (60 किग्रा ) और जादुमणि सिंह (55 किग्रा) ने अपने-अपने भार वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के लिए पदक सुनिश्चित कर दिए।
9वें नंबर पर है भारत
अभी तक दो गोल्ड, 7 सिल्वर और 3 कांस्य पदक सहित कुल 12 पदक जीतकर तालिका में नौवें स्थान पर है। बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 में 71 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक तीने वाली 29 वर्षीय हरजिंदर ने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक करते हुए वेट लिफ्टिंग में भारत के लिए मौजूदा खेलों का सातवां पदक हासिल किया। हरजिंदर ने तीनों वर्ग (स्नैच, क्लीन और जर्क और कुल वजन) में अपना निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया जो पिछले चार साल में उनकी प्रगति को दर्शाता है।
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पंजाब के नाभा की रहने वाली पांच फीट तीन इंच की हरजिंदर ने स्नैच में दो बार राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड बेहतर किया। उन्होंने पहले 99 किग्रा वजन उठाकर नया रिकॉर्ड बनाया और फिर अंतिम प्रयास में 101 किग्रा वजन उठाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। इसके बाद क्लीन और जर्क में भी उन्होंने रिकॉर्ड प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने पहले 123 किग्रा और फिर 126 किग्रा वजन सफलतापूर्वक उठाया जिससे उनका कुल वजन 227 किग्रा रहा। हालांकि, उनके शानदार प्रदर्शन के बावजूद कनाडा की चार्लोट सिमोनो ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। सिमोनो ने तीनों वर्ग (स्नैच, क्लीन एवं जर्क और कुल वजन) में राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने स्नैच में 108 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 132 किग्रा वजन उठाकर कुल 240 किग्रा का नया राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड बनाया। वह हरजिंदर से 13 किग्रा आगे रहीं।
गुलवीर सिंह ने रच दिया इतिहास
गुलवीर राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में पुरुष 10 हजार मीटर स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बन गए। गुलवीर ने अंतिम लैप में जबरदस्त तेजी दिखाते हुए 27 मिनट 49.78 सेकेंड का समय निकाला और दूसरे स्थान पर रहते हुए भारत की झोली में रजत पदक डाला। ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने 27 मिनट 48.93 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। महिलाओं की ऊंची कूद में भारत को निराशा हाथ लगी जब एशियाई चैंपियन पूजा सिंह 1.82 मीटर की ऊंचाई पार करने में असफल रहीं और प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। 19 वर्षीय पूजा का यह राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण था। भारी बारिश के कारण प्रतियोगिता कुछ समय के लिए बाधित भी हुई। खेल दोबारा शुरू होने के बाद भी पूजा अपने तीसरे और अंतिम प्रयास में 1.82 मीटर की ऊंचाई पार नहीं कर सकीं जिससे उनका अभियान समाप्त हो गया।
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मुक्केबाजी में महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग में उतरीं 22 वर्षीय प्रीति पवार ने उत्तरी आयरलैंड की निकोल क्लाइड को एकतरफा मुकाबले में 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर अंतिम चार में प्रवेश कर कम से कम कांस्य पदक पक्का कर किया। महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग में मौजूदा एशियाई चैंपियन 20 वर्षीय प्रिया घंघास ने स्कॉटलैंड की स्थानीय दावेदार नियाम मिशेल को 4-1 के स्प्लिट डिसीजन के चलते हराया। पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में जादुमणि सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में दिन का तीसरा पदक पक्का किया। जादुमणि ने क्वार्टरफाइनल में जाम्बिया के म्वेंगो म्वाले को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया।
कहां मिली निराशा?
पूर्व एशियाई चैंपियन और विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता परवीन हुड्डा को महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा जबकि कपिल पोखरिया का राष्ट्रमंडल खेलों में अभियान क्वार्टर फाइनल में समाप्त हो गया। उन्हें पुरुषों के 90 किग्रा वर्ग में रॉबर्ट मैकनल्टी के खिलाफ एकतरफा मुकाबले में सर्वसम्मत फैसले से हार का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी भारतीय धावक विशाल टीके ने पुरुषों की 400 मीटर दौड़ के सेमीफाइनल में प्रवेश कर देश की पदक उम्मीदों को जीवित रखा। इस स्पर्धा में एक अन्य भारतीय राजेश रमेश अगले दौर में जगह बनाने से चूक गए। तमिलनाडु के 22 वर्षीय विशाल ने इसी साल मई में 44.98 सेकेंड का समय निकालकर 45 सेकेंड की बाधा तोड़ने वाला पहला भारतीय बनने की उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया थ। उन्होंने पहले दौर की छठी हीट में 46.49 सेकेंड का समय लेकर दूसरा स्थान हासिल किया।
राजेश रमेश तीसरी हीट में 47.43 सेकेंड का समय निकालकर तीसरे स्थान पर रहे और बाहर हो गए। सभी हीट के परिणामों को मिलाकर देखा जाए तो विशाल का 46.49 सेकेंड का समय सेमीफाइनल में पहुंचे 16 धावकों में 14वां सबसे तेज रहा। पुरुष 400 मीटर के सेमीफाइनल मुकाबले 30 जुलाई को आयोजित होंगे।
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लॉन बॉल्स में जीता भारत
भारत की पुरुष लॉन बॉल्स जोड़ी ने सेक्शन बी के पुरुष पेयर्स वर्ग के पहले दौर के दूसरे मुकाबले में कुक आइलैंड्स को रोमांचक टाईब्रेकर में हराया। भारतीय जोड़ी के लीड नवनीत सिंह और स्किप दिनेश कुमार ने धीमी शुरुआत की और शुरुआती बढ़त लेने के बावजूद पहला सेट 2-5 से गंवा दिया। पोइला एपीई और जेसन लिंडसे की कुक आइलैंड्स की जोड़ी के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों ने दूसरे सेट में शानदार वापसी की। कड़े मुकाबले में नवनीत और दिनेश ने अधिकतर समय मामूली बढ़त बनाए रखी और दबाव के क्षणों में संयम दिखाते हुए दूसरा सेट 6-5 से जीत लिया जिससे मुकाबला टाईब्रेकर तक पहुंच गया। निर्णायक टाईब्रेकर में भारतीय जोड़ी ने अपना धैर्य बनाए रखा और 1-0 से जीत दर्ज कर मुकाबला अपने नाम किया।
भारतीय तैराक श्रीहरि नटराज पुरुष 100 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहे। नटराज सेमीफाइनल की हीट नंबर दो में 55.52 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहे। उन्होंने सेमीफाइनल में हिस्सा ले रहे 16 तैराकों के बीच कुल 12वां स्थान हासिल किया जबकि शीर्ष आठ तैराकों ने फाइनल में जगह बनाई। दक्षिण अफ्रीका के पीटर कोएट्जे सेमीफाइनल में 52.20 सेकेंड के समय के साथ शीर्ष पर रहे। पैरा तैराकी में बुदिगिना और इमाम पुरुषों की 50 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा के फाइनल में क्रमश: छठे और आठवें स्थान पर रहते हुए पदक जीतने में नाकाम रहे। छठे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाने वाले बुदिगिना ने पदक रेस में भी 25.68 सेकेंड का समय लेकर छठा स्थान ही हासिल किया।
इमाम ने भी अपने क्वालीफाइंग वाले नतीजे को ही दोहराया और 28.28 सेकेंड के समय के साथ आठवें स्थान पर रहे। भारतीय पैरा तैराक रवि वीरा वेंकट भवन बुदिगिना और अली इमाम मंगलवार को यहां राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुषों की 50 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा के फाइनल में क्रमश: छठे और आठवें स्थान पर रहते हुए पदक जीतने में नाकाम रहे।छठे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाने वाले बुदिगिना पदक रेस में भी 25.68 सेकेंड का समय लेकर छठा स्थान ही हासिल किया। इमाम ने भी अपनी क्वालीफाइंग वाले नतीजे को ही दोहराया और 28.28 सेकेंड के समय के साथ आठवें स्थान पर रहे। वहीं साजन प्रकाश अपनी हीट में आठवें और कुल मिलाकर 28वें स्थान पर रहने के बाद पुरुषों की 50 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा के सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाए। 32 वर्ष के साजन क्वालीफाइंग के नौवें और अंतिम ग्रुप का हिस्सा थे। उन्होंने 24.94 सेकेंड का समय लिया और इस तरह से प्रतियोगिता से बाहर हो गए।
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