FIFA वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे मुकाबले में फ्रांस का सामना इंग्लैंड से हुआ, जिसमें उसे 4-6 से हार झेलनी पड़ी। हालांकि इस मुकाबले में उसके स्टार स्ट्राइकर किलियन एमबापे ने दो गोल दाग बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। एमबापे ने वर्ल्ड कप में अपने कुल गोल की संख्या 22 तक पहुंचाई और लियोनल मेसी को पीछे छोड़ दिया। एमबापे ने इस वर्ल्ड कप में 10 गोल किए। वह 'गोल्डन बूट' की रेस में भी मेसी से आगे निकल गए हैं। यह पुरस्कार टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को दिया जाता है।
एमबापे ने 48वें मिनट में गोलकीपर डीन हेंडरसन को छकाते हुए फ्रांस के लिए पहला गोल किया। इस समय तक इंग्लैंड ने 4-0 की बढ़त बना ली थी। इसके बाद 66वें मिनट में उन्होंने लगभग 14 गज की दूरी से बाएं पैर से शॉट मारकर फिर से हेंडरसन को पछाड़ा और मेसी के वर्ल्ड कप में सर्वाधिक 21 गोल के करियर रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। एमबापे के दूसरे गोल से फ्रांस ने स्कोर 3-4 किया लेकिन टीम जीत दर्ज करने में नाकाम रही।
फ्रांस की टीम सेमीफाइनल में स्पेन से हारकर लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल में जगह बनाने से चूक गई थी। एमबापे ने चार साल पहले कतर में हुए वर्ल्ड कप में 8 गोल करके गोल्डन बूट जीता था। उस वर्ल्ड कप के फाइनल में फ्रांस पेनल्टी शूटआउट में मेसी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना की टीम से हार गया था।
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इंग्लैंड ने पहले हाफ में लगाई गोल की झड़ी
इंग्लैंड की ओर से बुकायो साका ने हैट्रिक लगाई। उन्होंने 37वें मिनट और पहले हाफ के इंजरी टाइम में गोल करने के बाद 87वें मिनट में पेनल्टी से अपना तीसरा गोल करके इंग्लैंड के लिए अपने करियर की दूसरी हैट्रिक पूरी की। इंग्लैंड के लिए डेकलान राइस और एजरी कोंसा ने भी पहले हाफ में गोल किए, जिससे हाफ टाइम तक टीम 4-0 से आगे हो गई। रोमांचक दूसरे हाफ में भी इंग्लैंड ने अपनी बढ़त बनाए रखी और 1966 में चैंपियन बनने के बाद वर्ल्ड कप में अपना सबसे अच्छा नतीजा हासिल किया। इंग्लैंड के लिए छठा गोल जूड बेलिंघम ने दूसरे हाफ के इंजरी टाइम के आठवें मिनट में किया, जो टूर्नामेंट में उनका सातवां गोल था।
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फ्रांस और इंग्लैंड के बीच खेला गया मुकाबला 1982 में हंगरी की अल सल्वाडोर पर 10-1 की जीत के बाद वर्ल्ड कप में सबसे अधिक गोल वाला मैच रहा। तीसरे स्थान के मैच में इससे पहले कभी भी 10 गोल नहीं हुए थे।