फुटबॉल के महाकुंभ यानी FIFA वर्ल्ड कप में बुधवार (भारतीय समयानुसार गुरुवार) को आधा सफर पूरा हो गया। देखा जाए तो आधे से भी अधिक, क्योंकि 104 मैच वाले इस टूर्नामेंट में 54 मैच खेले जा चुके हैं और 19 जुलाई को न्यू जर्सी में वर्ल्ड कप चैंपियन का फैसला होने में 50 मैच ही बाकी हैं। टूर्नामेंट के तीनों मेजबान अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको ने राउंड ऑफ 32 में जगह बना ली है। इसके अलावा 10 और टीमों ने भी नॉकआउट स्टेज के लिए क्वालिफाई कर लिया है।
नॉकआउट राउंड के लिए बाकी बचे 19 स्थान के लिए 28 टीमों के बीच मुकाबला है। चेक रिपब्लिक, हैती, तुर्की, ट्यूनीशिया, जॉर्डन, कतर और पनामा ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई है। 9 और टीमों का ग्रुप स्टेज ही टिकट कटना तय है।
टूर्नामेंट में स्टार खिलाड़ियों का प्रदर्शन जबरदस्त रहा है। अर्जेंटीना के लियोनल मेसी ने सबसे ज्यादा 5 गोल किए हैं। वहीं फ्रांस के किलियन एमबापे नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड और ब्राजील के विनीसियस जूनियर ने चार-चार गोल दागे हैं।
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FIFA वर्ल्ड कप का सर्वकालिक रिकॉर्ड टूटने के करीब
इस बार के टूर्नामेंट में FIFA वर्ल्ड कप के सर्वकालिक रिकॉर्ड का टूटना तय है। यह इतिहास का सबसे बड़ा फुटबॉल वर्ल्ड कप है, जिसमें 104 मैच हो रहे हैं, जबकि पिछले सात वर्ल्ड कप में इस्तेमाल किए गए फॉर्मेट में सिर्फ 64 मैच होते थे। 4 साल पहले कतर में 172 गोल हुए थे। वहीं इस वर्ल्ड कप में अब तक 54 मैच में 161 गोल हो चुके हैं। एक या दो दिन में नया रिकॉर्ड बन जाएगा।
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इस टूर्नामेंट में हर मैच में गोल करने का औसत 50 सालों में सबसे ज्यादा है। इस बार औसतन प्रत्येक मैच में 3 गोल (2.98) हो रहे हैं। स्पेन में 1982 में हर मैच में औसतन 2.81 गोल हुए थे, जबकि 1970 में मैक्सिको में 2.97 गोल और 1958 में स्वीडन में 3.60 गोल हुए थे। स्विट्जरलैंड में 1954 में हुए वर्ल्ड कप में हर मैच में सर्वाधिक औसतन 5.38 गोल हुए थे। उस टूर्नामेंट में एक मैच का फाइन स्कोर 7-5 था, जो आज भी मेंस वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे अधिक गोल वाला मैच है।