FIFA वर्ल्ड कप 2026 में लियोनेल मेसी की टीम अर्जेंटीना हारते-हारते बची है। मियामी में खेले गए राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में उसे छोटे से देश केप वर्डे ने नाकों चने चबवा दिए। एक्स्ट्रा समय तक चले इस मुकाबले को जीतने के बाद मेसी और उनकी टीम ने माथे पर छलके पसीने को पोछकर मानों राहत की सांस ली। पहली बार फुटबॉल के महाकुंभ में उतरी केप वर्डे की टीम मुकाबले को पेनल्टी शूटआउट में ले जाती दिख रही थी लेकिन एक्स्ट्रा टाइम के 111वें मिनट में हुए आत्मघाती गोल (Own Goal) ने अर्जेंटीना को निर्णायक बढ़त दिला दी।
क्रिस्टियन रोमेरो का हेडर केप वर्डे के डिफेंडर डाइनी बोर्जेस से टकराकर गोल पोस्ट में चली गई, जिससे अर्जेंटीना को 3-2 की बढ़त मिली और उसने इसे अंत तक कायम रख प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। इसके साथ 'छिपे रूस्तम' केप वर्डे का स्वर्णिम अभियान यही खत्म हो गया। केप वर्डे ने नियमित समय में और फिर एक्स्ट्रा टाइम में बराबरी के गोल दागे। हालांकि निर्णायक पलों में हुए आत्मघाती गोल ने उसकी मेहनत पर पानी फेर दिया। हार के बावजूद अफ्रीका के पश्चिमी तट पर स्थित इस देश ने वर्ल्ड कप के इतिहास के पन्नों में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया।
यह भी पढ़ें: 2015 का वह श्रीलंका टेस्ट टूर, जब दुनिया ने देखा भारतीय टीम का नया दौर
अर्जेंटीना के कोच ने केप वर्डे की जमकर तारीफ की
उलटफेर से बचने के बाद अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने कहा, 'मैं केप वर्डे को क्रेडिट देना चाहूंगा। सच यही है कि जब लोग कहते हैं कि कोई विरोधी टीम कमतर नहीं होती और आज केप वर्डे ने साबित कर दिया कि वह शानदार टीम है।'
मेसी ने वर्ल्ड कप में अपना रिकॉर्ड 20वां गोल दागते हुए अर्जेंटीना को शुरुआती बढ़त दिलाई। इसके बाद लिसांद्रो मार्तिनेज ने 92वें मिनट में गोल दाग अर्जेंटीना को जीत के करीब पहुंचाया। केप वर्डे के लिए सिडनी लोपेज काब्राल और डेरॉय डुआर्टे ने बराबरी के गोल दागकर अर्जेंटीना के फैंस को स्तब्ध कर दिया था। ऐसा लग रहा था कि पेनल्टी शूटआउट से ही फैसला होगा, जिसमें मेसी का सामना वोजिन्हा से होगा लेकिन अर्जेंटीना ने एक्स्ट्रा समय में जीत दर्ज कर ली। अब अर्जेंटीना का सामना मिस्र से होगा, जिसने अटलांटा में पेनल्टी शूटआउट में आस्ट्रेलिया को हराया।
यह भी पढ़ें: 88 साल में पहली बार... FIFA वर्ल्ड कप के नॉकआउट में आखिरकार जीता स्विट्जरलैंड
केप वर्डे के कोच बोले - खिलाड़ियों पर गर्व
केप वर्डे का वर्ल्ड कप में डेब्यू हैरतंगेज रहा। महज 5 लाख की आबादी वाले इस छोटे से देश ने तमाम कयासों को धता बता दिया। 40 साल के गोलकीपर वोजिन्हा उसके स्टार रहे, जिन्होंने स्पेन और उरूग्वे के अलावा सउदी अरब के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अर्जेंटीना के खिलाफ वोजिन्हा ने दस हमले नाकाम किए, जिनमें से पांच मेसी के थे।
केप वर्डे के कोच बुबिस्ता ने कहा, 'हमने दिखा दिया कि हमारा देश क्या है। हमने वर्ल्ड चैंपियन के खिलाफ दो बार बराबरी की और मैच को एक्स्ट्रा टाइम तक ले गए। हमें अपने खिलाड़ियों पर गर्व है, जिन्होंने वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया। हमने अपनी पहचान बनाई।'