भारत और अफगानिस्तान के बीच मुल्लांपुर में खेले जा रहे टेस्ट मैच में मानव सुथार ने कहर बरपा दिया है। इस मुकाबले के जरिए अपने टेस्ट करियर की शुरुआत कर रहे सुथार ने 3 विकेट लेकर भारत को ड्राइविंग सीट पर पहुंचा दिया है। सुथार की घातक गेंदबाजी की बदौलत भारत ने अपनी पहली पारी में 564 रन बनाने के बाद अफगानिस्तान की आधी टीम 113 रन पर समेट दी है। दूसरे दिन (7 जून) का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया 451 रन से आगे है और वह विशाल जीत की तरफ बढ़ती दिख रही है।
राजस्थान से आने वाले युवा लेफ्ट आर्म स्पिनर सुथार ने दूसरे दिन के खेल के दौरान ब्रॉडकास्टर से बताया कि क्रिकेट को करियर बनाने पर उन्हें लोगों ने काफी हतोत्साहित किया लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 23 साल के इस खिलाड़ी ने घरेलू क्रिकेट और इंडिया-ए की ओर से लगातार अच्छे प्रदर्शन के बलबूते पर भारतीय टीम में जगह बनाई है।
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गांव की गलियों में सीखा क्रिकेट का ककहरा
सुथार ने जियोस्टार पर कहा, 'क्रिकेट हमेशा से मेरे परिवार का एक अहम हिस्सा रहा है। मेरे पिताजी को क्रिकेट बहुत पसंद है और घर में सभी लोग नियमित रूप से मैच देखते हैं। बचपन में मैं भी उनके साथ बैठकर मैच देखा करता था। यहीं से क्रिकेट के प्रति मेरी दिलचस्पी बढ़ी। मैंने अपने दोस्तों के साथ गलियों में खेलना शुरू किया। गली क्रिकेट में मैंने इस खेल का ककहरा सीखा। जैसे - बल्ला पकड़ना और गेंदबाजी करना।'
उन्होंने कहा, 'जब मैं 10 या 11 साल का था, तब मैंने एक अच्छी क्रिकेट अकादमी में दाखिला लिया। कोच धीरज सर और विनोद सर के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग शुरू की। उन्होंने मुझे सही तकनीक सिखाई और मेरे खेल को बेहतर बनाने में मदद की।' सुथार ने आगे कहा, 'मुझे पहली बड़ी सफलता तब मिली जब मैं अंडर-14 वर्ग में राजस्थान के लिए खेला। उससे मुझे काफी प्रेरणा मिली और मुझे लगा कि मैं क्रिकेट को अपना करियर बना सकता हूं।'
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लोगों ने कहा समय बर्बाद कर रहे हो - सुथार
सुथार के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने तक का सफर आसान नहीं रहा लेकिन टीम में एक स्थान के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए उन्होंने हौसला नहीं खोया और मेहनत करते रहे। उन्होंने कहा, 'भारत जैसे बड़ी जनसंख्या वाले देश में क्रिकेट में सफल होना कभी आसान नहीं होता। कुछ ही स्थान के लिए कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं। मुझे भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने मुझे अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में कोई संभावना नहीं है और मैं अपना समय बर्बाद कर रहा हूं।'
सुथार ने कहा, 'लेकिन मैंने हार नहीं मानी। मैं लगातार कड़ी मेहनत करता रहा। मुझे भारतीय टीम में चुने जाने की उम्मीद थी। यह इंतजार का खेल था और मैंने धैर्य बनाए रखा।'
इंटरनेशनल डेब्यू करना सपना सच होने जैसा
सुथार ने 2022-23 रणजी सीजन से ही लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने अब तक 29 फर्स्ट क्लास मैचों में 129 विकेट लिए हैं। उन्होंने बल्लेबाजी में भी अच्छा प्रदर्शन किया और खुद को एक ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया है। उनके नाम पर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अभी तक एक शतक और छह अर्धशतक दर्ज है।
सुथार ने कहा, 'भारतीय टीम में जगह बनाकर अच्छा लग रहा है। घरेलू क्रिकेट और इंडिया-ए के लिए की गई सारी मेहनत रंग लाई है। इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करना मेरे लिए एक सपने के सच होने जैसा है। सारी कुर्बानियों का आखिरकार फल मिल गया। मैं देश के लिए अपना बेस्ट प्रदर्शन करने के लिए तैयार हूं।'