भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेला जा रहा दूसरा टेस्ट मैच रोमांचक मोड़ पर है। आज (27 अगस्त) मुकाबले का पांचवां और आखिरी दिन है। फॉलोऑन खेल रही श्रीलंकाई टीम के पुछल्ले बल्लेबाजों ने टीम इंडिया के पसीने छुड़ा दिए हैं। भारतीय गेंदबाज आज 40 ओवर से ज्यादा डाल चुके हैं लेकिन उनके हाथ दो ही सफलता लगी है। इस सीरीज में भारतीय टीम के लिए सिरदर्द बन चुके सोनल दिनुशा ने एक छोर से मोर्चा संभाल रखा है।
दिनुशा ने फॉलोऑन खेल रही श्रीलंकाई टीम की बढ़त 150 के करीब पहुंचा दी है। भारतीय टीम ने जब चौथे दिन के आखिरी सेशन में 218 के स्कोर पर श्रीलंका को छठा झटका दिया, तब उसे जीत बेहद करीब नजर आ रही थी लेकिन श्रीलंका हैरतअंगेज वापसी से अब तीनों नतीजे मुमकिन दिख रहे हैं। मुकाबला ड्रॉ होने की ज्यादा संभावना है। अगर भारतीय टीम जल्दी से श्रीलंका को समेट देती है, तो उसे टारगेट हासिल करने के लिए पर्याप्त ओवर मिल सकते हैं। श्रीलंका के जीतने के चांसेज कम हैं लेकिन उसे मैच से बाहर नहीं माना जा सकता। ऐसा इसलिए, क्योंकि श्रीलंका में चौथी पारी में बैटिंग करना बेहद मुश्किल होता है।
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श्रीलंका में भारत का टेस्ट रन चेज रिकॉर्ड
भारतीय टीम ने श्रीलंकाई सरजमीं पर अब तक 2 टेस्ट मैचों में लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत हासिल की है। उसने 2001 में कप्तान सौरव गांगुली की नाबाद 98 रन की पारी की मदद से 264 रन के टारगेट को लांघ दिया था। भारतीय टीम यह मुकाबला 7 विकेट से जीती थी। इसके 9 साल बाद कोलंबो के पी सारा ओवल में टीम इंडिया ने 257 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 5 विकेट से जीत दर्ज की थी।
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भारत ने रन चेज में 64 रन पर ही 4 विकेट खो दिए थे। यहां से वीवीएस लक्ष्मण (नाबाद 103) ने पहले
सचिन तेंदुलकर
(54) और फिर
सुरेश रैना
के साथ मिलकर टीम को जीत दिला दी। भारतीय टीम श्रीलंका में रन चेज करते हुए 2 टेस्ट गंवा भी चुकी है। सबसे पहले 1985 में श्रीलंका ने 348 रन का टारगेट सेट करने के बाद टीम इंडिया को 198 पर समेट दिया था। वहीं 2015 गॉल टेस्ट में भारतीय टीम 176 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 112 पर सिमट गई थी।