न्यूजीलैंड ने भारतीय टीम के घर में फिर से सेंध लगा दी है। सवा साल पहले 3 मैचों की टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया का सूपड़ा साफ करने के बाद कीवी टीम ने भारतीय सरजमीं पर वनडे सीरीज भी जीत ली है। न्यूजीलैंड ने इंदौर में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे में भारत को 41 रन से हराकर 2-1 से सीरीज पर कब्जा जमा लिया है। यह भारतीय सरजमीं पर उसकी पहली वनडे सीरीज जीत है।
कीवी टीम ने पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर 8 विकेट के नुकसान पर 337 रन का स्कोर खड़ा किया था। डेरिल मिचेल (131 गेंद में 137 रन) और ग्लेन फिलिप्स (88 गेंद में 106 रन) ने शतकीय पारियां खेली, जिससे न्यूजीलैंड ने खराब शुरुआत से उबरकर भारत के सामने विशाल लक्ष्य रखा। जवाब में भारतीय टीम की भी शुरुआत खराब रही।
टीम इंडिया ने 71 रन पर 4 विकेट गंवा दिए। विराट कोहली ने लोअर ऑर्डर के साथ मिलकर जमकर लड़ाई लड़ी लेकिन उनकी मेहनत बेकार चली गई। भारत की पूरी पारी 296 रन पर ही सिमट गई। कोहली ने 108 गेंद में 124 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 10 चौके और 3 छक्के निकले। वह 9वें विकेट के रूप में आउट हुए।
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कोहली-हर्षित ने जगा दी थी उम्मीद
विराट कोहली ने नीतीश कुमार रेड्डी के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 88 रन की साझेदारी कर भारत को शुरुआती झटके से उबारा। नीतीश रेड्डी 57 गेंद में 53 रन बनाकर क्रिस्टियन क्लार्क का शिकार बने। उनके जाने के बाद रवींद्र जडेजा (12) भी जल्दी पवेलियन लौट गए। ऐसा लगा कि भारतीय टीम की पारी 200-225 रन तक पहुंचते-पहुंचते सिमट जाएगी लेकिन कोहली और हर्षित राणा ने सातवें विकेट के लिए 69 गेंद में 99 रन की साझेदारी कर जीत की आस जगा दी थी।
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इंदौर में लग रहा था कि कोहली और हर्षित चमत्कारिक जीत दिला देंगे लेकिन जैक फॉल्क्स ने हर्षित (43 गेंद में 52 रन) को चलता कर उम्मीदें ध्वस्त कर दी। हर्षित के आउट होने के बाद कोहली सिर्फ बाउंड्री लगाना चाहते थे, क्योंकि दूसरे छोर पर कुलदीप खड़े थे। उन्होंने 46वें ओवर की पहली दो गेदों पर दो चौका जड़ टारगेट को 28 गेंद में 46 रन पर ला दिया था। इस ओवर की चौथी गेंद पर उन्होंने फिर से बड़े शॉट का प्रयास किया लेकिन इस बार वह लॉन्ग ऑफ को क्लियर नहीं कर पाए और इसके साथ ही भारत की हार सुनिश्चित हो गई।