इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने अब तक 6 मैच जीते हैं, जिसमें से 5 जीत उसने लक्ष्य का पीछा करते हुए हासिल किए हैं। वहीं इस सीजन की तीनों हार उसे टोटल डिफेंड करते समय मिली है। RCB के खिलाफ गुरुवार (30 अप्रैल) को गुजरात टाइटंस (GT) ने 156 रन का टारगेट 15.5 ओवर में हासिल कर लिया। GT ने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए लेकिन उसने 25 गेंद शेष रहते जीत दर्ज कर RCB की गेंदबाजी की पोल खोल दी है।
टोटल डिफेंड करना कब सीखेगी RCB?
डिफेंडिंग चैंपियन RCB मौजूदा सीजन में टोटल डिफेंड करते हुए सिर्फ 1 ही मैच जीत पाई है। RCB को यह जीत तब मिली, जब उसने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ बोर्ड पर 250 रन टांग दिए थे। इसके बाद से RCB टोटल डिफेंड करते हुए कोई मैच नहीं जीती है। उसकी गेंदबाजी के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स ने 202 रन का टारगेट 18 ओवर में चेज कर लिया था।
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दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ RCB 175 रन के टोटल को डिफेंड करते समय जीत की स्थिति में थी लेकिन डेविड मिलर ने उसे हार थमा दी। मिलर ने आखिरी ओवर में 14 रन डिफेंड करने आए रोमारियो शेफर्ड के खिलाफ लगातार दो छक्के और फिर चौका जड़कर DC को जीत दिलाई थी। इस मुकाबले में RCB ने अच्छी गेंदबाजी की थी लेकिन उसे छठे गेंदबाज की कमी खली। सुयश शर्मा 3 ओवर में 31 रन लुटा चुके थे। ऐसे में कप्तान रजत पाटीदार ने शेफर्ड को आखिरी ओवर में गेंद थमाई लेकिन वह RCB को जीत नहीं दिला सके।
अहमदाबाद में GT के खिलाफ RCB की बल्लेबाजी पूरी तरह से फेल रही, जिससे वह बड़ा स्कोर नहीं खड़ा कर सकी। उसके गेंदबाजों के पास उतना मौका नहीं था लेकिन छोटे टारगेट को डिफेंड करते समय, जिस तरह से उनकी धुनाई हुई, उसने सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि अगर पाटीदार टॉस नहीं जीतते हैं और RCB की पहले बल्लेबाजी आ जाती है तो क्या यह गेंदबाजी टीम को जीत दिला पाएगी?
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अब तो हेजलवुड भी पिट गए
RCB को सीजन की शुरुआत से ही पांचवें और छठे गेंदबाज की कमी खल रही है। भुवनेश्वर कुमार बेहतरीन गेंदबाजी कर रहे हैं और टीम को शुरुआती सफलता दिला रहे हैं। जोश हेजलवुड के चोट से उबरने के बाद से RCB की गेंदबाजी मजबूत हुई है। उसने दिल्ली कैपिटल्स को उसके घरेलू मैदान पर 75 रन पर ढेर कर दिया था। मगर अब जब हेजलवुड (0/55) GT के खिलाफ पिट गए हैं तो सवाल हैं कि उनके और भुवनेश्वर में से किसी एक का बुरा दिन होने पर कौन मोर्चा संभालेगा?
क्रुणाल पंड्या और सुयश शर्मा की स्पिन जोड़ी ने अभी तक संतोषजनक प्रदर्शन किया है। दोनों ने आपस में 16 विकेट बांटे हैं और उनकी इकॉनमी भी 9 के नीचे है। मगर शेफर्ड काफी महंगे साबित हो रहे हैं। उन्होंने अब तक 12.75 रन प्रति ओवर लुटाए हैं। शेफर्ड की इकॉनमी GT वाले मैच के बाद थोड़ी कम हुई है, क्योंकि उन्होंने उस मुकाबले में 4 ओवर में 30 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए।