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सिर्फ जनता से अपील क्यों? IPL टीमों की फ्लाइट्स रोज फूंक रहीं हजारों लीटर फ्यूल

पीएम नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल-डीजल बचत को लेकर नागरिकों से 7 अपीलें की थीं। कई राज्यों ने इसे अपनाया लेकिन IPL टीमों की यात्रा पर सवाल उठ रहे हैं।

raised questions on IPL teams travel during petrol diesel crisis

धर्मशाला का हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम, Photo Credit: RCBTweets/X

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ईरान युद्ध और हॉरमुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव की वजह से दुनियाभर में आर्थिक अनिश्चितता लगातार बढ़ रही है। ऐसे मुश्किल समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने और जिम्मेदारी से संसाधनों का इस्तेमाल करने की अपील की है। इसी बीच IPL 2026 को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि जब देश संकट के दौर से गुजर रहा है और लोगों से ईंधन बचाने को कहा जा रहा है तो फिर IPL मैचों के लिए इतनी बड़ी मात्रा में ईंधन क्यों खर्च किया जा रहा है?

 

अब कारोबारी और पर्यावरण से जुड़े संगठन सवाल उठा रहे हैं कि IPL के मैच सीमित वेन्यू पर क्यों नहीं कराए जा रहे। इस मुद्दे पर चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने तो यहां तक कह दिया कि IPL मैच खाली स्टेडियम में और सीमित वेन्यू पर होने चाहिए। ऐसे में यह जानना भी जरूरी हो जाता है कि IPL टीमों की फ्लाइट्स में हर रोज करीब कितना लीटर ईंधन खर्च हो रहा है।

 

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IPL टीमों की फ्लाइट्स रोज फूंक रहीं हजारों लीटर फ्यूल

खिलाड़ी और टीम मैनेजमेंट आमतौर पर चार्टर्ड फ्लाइट्स से सफर करते हैं, जिनमें बोइंग 737 और एयरबस A320 जैसे विमान इस्तेमाल होते हैं। इन विमानों में हर घंटे करीब 2,500 से 3,200 लीटर तक ईंधन खर्च होता है। यानी अगर उड़ान करीब 2 घंटे की हो तो एक विमान लगभग 5,000 से 6,000 लीटर तक ईंधन जला देता है। IPL या VIP चार्टर उड़ानों में कई बार विमान खाली सीटों के साथ भी उड़ते हैं, जिससे प्रति यात्री ईंधन खपत और ज्यादा मानी जाती है। ऐसे में एक मैच में अगर एक IPL टीम एक वेन्यू से दूसरे वेन्यू पर खेलने जा रही है तो विमान लगभग 6,000 लीटर तक ईंधन जला देता है।

फाइनल मैच तक विमान कितना लीटर ईंधन इस्तेमाल करेंगे?

10 मई को प्रधानमंत्री ने देशवासियों से  पेट्रोल-डीजल बचाने और जिम्मेदारी से संसाधनों का इस्तेमाल करने की अपील की थी। इसके बाद 11 मई से 18 मई तक IPL के 9 मैच खेले जा चुके हैं। वहीं अब फाइनल तक कुल 11 मैच और बाकी हैं।

 

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अगर टीमों के हवाई सफर का हिसाब देखें तो प्लेऑफ से पहले 10 टीमों की यात्राएं, प्लेऑफ में पहुंचने वाली 4 टीमों के सफर और फाइनल खेलने वाली 2 टीमों की उड़ानों को मिलाकर कुल 16 फ्लाइट्स इस्तेमाल हो सकती हैं। माना जाता है कि करीब 2 घंटे की एक चार्टर्ड विमान से थोड़ा बड़ा हो या लंबी दूरी के लिए ज्यादा वजन लेकर उड़ रहा हो तो लगभग 7 हजार लीटर ईंधन खर्च होता है। ऐसे में IPL फाइनल तक इन सभी यात्राओं में कुल मिलाकर करीब 1,12,000 लीटर (1.12 लाख लीटर) फ्लाइट ईंधन खर्च होने का अनुमान है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या अपील की थी?

ध्यान देने वाली बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में वैश्विक हालात और अनिश्चितता के बीच देशवासियों से सात बड़ी अपीलें की थीं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने वाली अपील की हुई। PM ने कंपनियों और कर्मचारियों से कहा कि जहां तक संभव हो घर से काम करने की आदत अपनाई जाए, ताकि रोजाना होने वाली ईंधन की खपत कम हो और ट्रैफिक जाम से भी राहत मिले।

 

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भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का करीब 80 फीसदी हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। ऐसे में देश के हित में ईंधन की एक-एक बूंद बचाना बेहद जरूरी माना जा रहा है। इसी वजह से अब IPL के दौरान हो रही भारी हवाई यात्राओं और ईंधन खर्च को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।


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