देवदत्त पडिक्कल की कप्तानी में कर्नाटक ने 11 साल का सूखा खत्म कर दिया है। कर्नाटक ने 2014-15 सीजन में चैंपियन बनने के बाद आखिरकार रणजी ट्रॉफी फाइनल में एंट्री ले ली है। टीम ने सेमीफाइनल में पहली पारी की बढ़त के आधार पर उत्तराखंड को शिकस्त देकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई है, जहां उसकी भिड़ंत जम्मू-कश्मीर से होगी। जम्मू-कश्मीर की टीम बंगाल को हराकर फाइनल में पहुंची है।
पडिक्कल बने प्लेयर ऑफ द मैच
लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में कर्नाटक ने पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर 736 रन बनाए। कप्तान पडिक्कल ने बेहतरीन दोहरा शतक जड़ा। उन्होंने 330 गेंद में 232 रन की पारी खेली। इसके अलावा केएल राहुल और रविचंद्रन स्मरण ने भी शतक ठोके। राहुल ने 141, जबकि स्मरण ने 135 रन बनाए।
कर्नाटक के विशाल स्कोर के जवाब उत्तराखंड की टीम अपनी पहली पारी में 233 पर ही सिमट गई, जिसके बाद उसकी हार तय हो गई थी। कर्नाटक को 503 रन की विशाल बढ़त मिली। उसकी ओर से विद्याधर पाटिल और विजयकुमार वैशाख ने 3-3 विकेट लिए। वहीं श्रेयस गोपाल के खाते में 2 विकेट रहे।
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कर्नाटक ने बड़ी लीड हासिल करने के बाद उत्तराखंड को फॉलोऑन न देकर फिर से बल्लेबाजी किया और अपनी दूसरी पारी में 323 रन बना दिए। इस तरह उसने उत्तराखंड के सामने 827 रन का असंभव सा टारगेट रखा। इस लक्ष्य का पीछा करते हुए उत्तराखंड ने 6 विकेट के नुकसान पर 260 रन बनाए और मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ। नियमों के मुताबिक, कर्नाटक की टीम पहली पारी की बढ़त के आधार पर विजयी घोषित हुई और उसने खिताबी मुकाबले में कदम रखा। कप्तान पडिक्कल प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए।
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9वीं बार रणजी चैंपियन बनेगा कर्नाटक?
कर्नाटक रणजी ट्रॉफी इतिहास की दूसरी सबसे सफल टीम है। वह अब तक 8 बार रणजी चैंपियन बन चुकी है। उसकी निगाहें 9वीं बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाने पर होंगी। हालांकि उसे जम्मू-कश्मीर से सावधान रहना होगा, जिसमें आकिब नबी जैसा तूफानी गेंदबाज है।
सबसे ज्यादा रणजी ट्रॉफी जीतने वाली टीमें
- मुंबई - 42
- कर्नाटक - 8
- दिल्ली - 7
- मध्य प्रदेश - 5
- बड़ौदा - 5