logo

मूड

ट्रेंडिंग:

कोनेरू हम्पी ने रचा इतिहास, FIDE वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचीं

ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी FIDE महिला वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी हैं। उन्होंने चीन की युक्सिन सोंग को 1.5-0.5 के स्कोर से मात देकर यह उपलब्धि हासिल की।

Koneru Humpy FIDE

कोनेरू हम्पी। (Photo Credit: FIDE/X)

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

भारतीय ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी ने इतिहास रच दिया है। वह जॉर्जिया के बटुमी में खेले जा रहे FIDE महिला वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच गई हैंभारत की नंबर-1 चेस खिलाड़ी हम्पी ने रविवार (20 जुलाई) को चीन की युक्सिन सोंग के साथ दूसरा गेम ड्रॉ खेला। एक दिन पहले ही उन्होंने पहली बाजी जीती थी। इस तरह हम्पी ने 1.5-0.5 के स्कोर के साथ सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर लीकोनेरू हम्पी FIDE महिला वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी हैं।

 

इससे पहले FIDE महिला वर्ल्ड कप में किसी भारतीय का बेस्ट प्रदर्शन क्वार्टर फाइनल में जगह बनाना था। हरिका द्रोणावल्ली ने 2023 के पिछले एडीशन में यह उपलब्धि हासिल की थी। अब हम्पी उनसे आगे निकल गई हैं। सफेद मोहरों से पहला गेम जीतने के बाद हम्पी सेमीफाइनल में पहुंचने से केवल एक ड्रॉ दूर थीं और उन्होंने चीनी खिलाड़ी के खिलाफ दूसरी बाजी कड़े मुकाबले में ड्रॉ कराने के बाद अंतिम-4 में प्रवेश कर लिया।

 

यह भी पढ़ें: कौन हैं कोनेरू हम्पी? पढ़िए पूरी कहानी

 

हम्पी के सामने अब इस खिलाड़ी की चुनौती

कोनेरू हम्पी का सामना अब टॉप सीड चीन की लेई टिंगजी से होगा। चीनी खिलाड़ी ने क्वार्टर फाइनल में मेजबान जॉर्जिया की नाना दजाग्निद्जे को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है। उधर हरिका और दिव्या देशमुख के बीच दूसरा गेम भी ड्रॉ हो गया। अब ये दोनों भारतीय खिलाड़ी सोमवार को टाई-ब्रेकर में भिड़ेंगी, जिसकी विजेता को सेमीफाइनल का टिकट मिलेगा।

 

भारतीय ग्रैंडमास्टर आर वैशीली को निराशा हाथ लगी। वह चीन की झोंगई टैन के खिलाफ दूसरा गेम हारकर बाहर हो गई हैं। वैशाली ने पहला गेम ड्रॉ खेला था।

किसी एक भारतीय का कैंडिडेट्स 2026 में पहुंचना तय

FIDE महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 की शुरुआत में होना है। इस वर्ल्ड कप से कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में 3 खिलाड़ी पहुंचने वाली हैं। अभी वर्ल्ड कप में 5 खिलाड़ियों की चुनौती बची हुई है, जिसमें से 3 भारतीय हैं। ऐसे में अगले कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में कम से कम एक भारतीय खिलाड़ी को जगह मिलना तय हो गया है।


और पढ़ें