भारत के ललित सहरावत ने अमेरिका के मैक्स एमिलियानो नोवरी को 7-0 हराकर ग्रीको रोमन वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में जगह बना ली है। ललित ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में कजाकिस्तान के इस्कर कुरबायेव से भिड़ेंगे। अगर ललित यह मैच जीत जाते हैं तो वर्ल्ड चैंपियनशिप में ग्रीको रोमन में मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे। संदीप तुलसी यादव एकमात्र भारतीय हैं, जिन्होंने 2013 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
ललित के अलावा तीन अन्य भारतीय पहलवान हारे
ललित जहां इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े हैं वहीं एशियन गेम्स के सिल्वर मेडलिस्ट नितेश सिवाच सहित तीन अन्य भारतीय पहलवान शुरुआती मुकाबलों से आगे नहीं बढ़ पाए। सिवाच को 97 किलोग्राम वर्ग में जर्मनी के एंटोन व्यूएग से हार का सामना करना पड़ा। जर्मनी के खिलाड़ी ने तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत हासिल की।
करणजीत (72 किलोग्राम) अपने क्वालिफाइंग मुकाबले में जापान के रिनतारो सोगबे से 2-3 से हार गए। करणजीत अच्छी स्थिति में थे लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा पाए, जबकि सोगबे ने जवाबी हमला करके अंक बनाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया। जोगिंदर राठी को 130 किलोग्राम वर्ग में तुर्किए के पहलवान और मौजूदा यूरोपीय चैंपियन रिजा कायाल्प से करारी हार का सामना करना पड़ा।
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ललित कौन हैं?
हरियाणा के पानीपत से आने वाले 23 साल के ललित ने हाल ही में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था। ललित न बचपन में ही अपनी मां को खो दिया था। उनके पिता ने उन्हें पाला-पोसा है। उन्होंने 15 साल की उम्र में सोनीपत के रायपुर स्पोर्ट्स अखाड़े से अपने रेसलिंग करियर की शुरुआत की। शुरुआती दिनों में उनकी मुलाकात साथी पहलवान विजय गहलावत से हुई, जो आगे चलकर उनके मेंटर और बड़े भाई बने। ललित और विजय ने रायपुर में इंडियन नेवी टीम के साथ कोच कुलदीप सिंह सेहरावत के अंडर ट्रेनिंग किया है।