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हिमाचल रणजी टीम घोषित, पुखराज मान को कमान, 6 नए खिलाड़ियों को मौका

रणजी में हिमाचल ने युवा चेहरे पुखराज पर दांव खेला है। पुखराज रणजी टीम की कमान संभालेंगे। वनडे और टी-20 में खेल चुके तीन खिलाड़ियों को लाल गेंद के क्रिकेट में खुद को साबित करने का मौका है।

रणजी खिलाडी पुखराज मान, Photo Credit-Social Media

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रणजी ट्रॉफी 2026-27 के नए सत्र में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट टीम युवा प्रतिभाओं और अनुभवी खिलाड़ियों के संतुलन के साथ मैदान में उतरेगी। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) ने 15 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। टीम की कमान पुखराज मान को सौंपी गई है। इस बार चयनकर्ताओं ने छह नए खिलाड़ियों को रणजी ट्रॉफी में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया है। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों में उभर रही क्रिकेट प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर के घरेलू क्रिकेट में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

 

टीम चयन में सबसे खास बात यह है कि तीन ऐसे खिलाड़ियों को भी जगह मिली है, जो हिमाचल की ओर से वनडे और टी-20 प्रारूप में खेल चुके हैं, लेकिन अब पहली बार रणजी ट्रॉफी के लंबे प्रारूप में अपनी क्षमता साबित करेंगे। इनमें ऊना के अमनप्रीत सिंह, ऋतिक कालिया और नितिन शर्मा शामिल हैं। वहीं, शिमला के जितेंद्र और वैभव काल्टा तथा लाहौल-स्पीति के हर्षित संदल पहली बार हिमाचल की सीनियर टीम की ओर से रणजी ट्रॉफी में खेलेंगे।

सफेद गेंद से लाल गेंद तक, खिलाड़ियों की होगी असली परीक्षा

सीमित ओवरों के क्रिकेट और रणजी ट्रॉफी के चार दिवसीय मुकाबलों में काफी अंतर होता है। वनडे और टी-20 में जहां खिलाड़ियों को कम समय में तेजी से रन बनाने और निर्धारित ओवरों में बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती रहती है, वहीं रणजी ट्रॉफी में बल्लेबाजों की तकनीक, धैर्य, एकाग्रता और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने की क्षमता की परीक्षा होती है। ऐसे में अमनप्रीत सिंह, ऋतिक कालिया और नितिन शर्मा के लिए यह सत्र महत्वपूर्ण रहने वाला है।

 

तीनों खिलाड़ी प्रदेश के लिए सीमित ओवरों का क्रिकेट खेल चुके हैं। अब उन्हें लाल गेंद के प्रारूप में अपनी उपयोगिता साबित करने का अवसर मिलेगा। दूसरी ओर, जितेंद्र, वैभव काल्टा और हर्षित संदल के सामने सीनियर स्तर पर अपने प्रदर्शन से टीम में जगह मजबूत करने की चुनौती होगी। युवा खिलाड़ियों को मौका देने का यह फैसला हिमाचल की क्रिकेट व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इन खिलाड़ियों का वास्तविक आकलन उनके प्रदर्शन और टीम के परिणामों के आधार पर ही हो सकेगा।

 

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पुखराज मान के नेतृत्व में अनुभव और पेशेवर खिलाड़ियों का सहारा

एचपीसीए ने टीम की कमान पुखराज मान को सौंपी है। उनके साथ आर्यमान धालीवाल और नेहाल वढेरा को भी पेशेवर खिलाड़ियों के रूप में टीम में शामिल किया गया है। इस तरह 15 सदस्यीय दल में तीन पेशेवर खिलाड़ी होंगे। टीम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों के खिलाड़ियों को प्रतिनिधित्व मिला है। हमीरपुर से शुभम अरोड़ा, कांगड़ा से आकाश वशिष्ठ, अर्पित गुलेरिया और इनेश महाजन को जगह मिली है। शिमला से जितेंद्र, मुकुल नेगी और वैभव काल्टा टीम में शामिल हैं।

 

ऊना से अमनप्रीत सिंह, ऋतिक कालिया और नितिन शर्मा को चुना गया है। सोलन से दिवेश और लाहौल-स्पीति से हर्षित संदल भी टीम का हिस्सा होंगे। टीम में विभिन्न जिलों के खिलाड़ियों की मौजूदगी प्रदेश में क्रिकेट प्रतिभाओं के व्यापक आधार को दर्शाती है। अब इन खिलाड़ियों को सामूहिक प्रदर्शन के जरिए चयनकर्ताओं के भरोसे पर खरा उतरना होगा।

अनुभवी कोचिंग स्टाफ के जिम्मे टीम को तैयार करने की चुनौती

रणजी ट्रॉफी के लंबे सत्र को ध्यान में रखते हुए एचपीसीए ने टीम के लिए कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ भी तय किया है। विनीत सक्सेना मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे। गगनदीप सिंह गेंदबाजी कोच और शकुन सैनी क्षेत्ररक्षण कोच होंगे। सपोर्ट स्टाफ में फिजियो सौरव ठाकुर, शक्ति एवं अनुकूलन कोच जरनैल सिंह और वीडियो विश्लेषक राज किरीट कपाड़िया सहित अन्य सदस्य शामिल हैं। टीम मैनेजर की जिम्मेदारी राजेश पुरी संभालेंगे। चार दिवसीय मुकाबलों में खिलाड़ियों की फिटनेस, चोटों से बचाव, गेंदबाजी में निरंतरता और मैच की परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बनाना बेहद अहम होता है। ऐसे में कोचिंग स्टाफ की भूमिका भी टीम के प्रदर्शन में महत्वपूर्ण रहेगी।

 

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11 अक्तूबर से शुरू होगा हिमाचल का अभियान

हिमाचल प्रदेश की टीम रणजी ट्रॉफी 2026-27 में अपने अभियान की शुरुआत 11 अक्तूबर को हरियाणा के खिलाफ लाहली में करेगी। इसके बाद 18 से 21 अक्तूबर तक बिलासपुर में मुंबई से मुकाबला होगा। 26 से 29 अक्तूबर तक टीम चंडीगढ़ के खिलाफ खेलेगी। नवंबर में हिमाचल का मुकाबला 2 से 5 नवंबर तक धर्मशाला में राजस्थान से होगा। इसके बाद जनवरी में 17 से 20 जनवरी तक तमिलनाडु के खिलाफ मैच निर्धारित है। हिमाचल 24 से 27 जनवरी तक धर्मशाला में उत्तराखंड और 1 से 4 फरवरी तक धर्मशाला में रेलवे के खिलाफ खेलेगा। लगातार मुकाबलों के बीच टीम को खिलाड़ियों की फिटनेस बनाए रखने के साथ-साथ बल्लेबाजी और गेंदबाजी में निरंतरता भी दिखानी होगी।

एचपीसीए ने युवा प्रतिभाओं को दिया अवसर

एचपीसीए के सचिव मनुज शर्मा के अनुसार, इस बार टीम चयन में युवा खिलाड़ियों को अवसर देने के साथ अनुभव का संतुलन बनाने पर जोर दिया गया है। 15 सदस्यीय टीम में छह नए खिलाड़ियों और तीन पेशेवर खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। अब देखना होगा कि युवा खिलाड़ियों को मिला यह अवसर हिमाचल के रणजी अभियान को कितनी मजबूती देता है। टीम के सामने एक ओर नए खिलाड़ियों को बड़े प्रारूप के अनुरूप ढालने की चुनौती होगी, तो दूसरी ओर अनुभवी खिलाड़ियों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर मुकाबलों में परिणाम हासिल करने का लक्ष्य रहेगा।


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