दुनिया के प्रसिद्ध निशानेबाज कोच जसपाल राणा का निधन हो चुका है। उन्होंने 49 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। जसपाल राणा ने एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीते थे। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के अध्यक्ष ने बताया कि जसपाल का निधन बृहस्पतिवार की रात को हुआ था। जसपाल बृहस्पतिवार को ही जर्मनी के विश्व कप से लौटकर भारत आ रहे थे। फ्लाइट में ही उन्हें अपनी तबीयत ठीक नहीं लगी थी। इसके बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान ही उनका निधन हो गया। वह ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर के कोच भी रहे हैं।
जसपाल राणा के निधन से खेल जगत में शोक का माहौल है। उन्होंने अपने जीवन में निशानेबाजी खेल में देश का नाम रोशन किया था। जानकारी के लिए बता दें कि जसपाल राणा भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के लिए ‘हाई परफॉर्मेंस कोच’ के रूप में कार्यरत थे। जसपाल राणा को निशानेबाजी में बेहतरीन योगदान के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार दिया गया था। यह पुरस्कार उन्हें 2020 में मिला था।
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खेल जगत में जसपाल का योगदान
जसपाल राणा ने अपने जीवन में न सिर्फ एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीते थे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी कई बार देश का नाम रोशन किया था। जसपाल राणा को सिर्फ एक अच्छे खिलाड़ी के तौर पर ही नहीं जाने जाते था, बल्कि उन्होंने कोच के तौर पर भी कई खिलाड़ियों को निशानेबाजी सिखाई थी।
खिलाड़ियों को सिखाई निशानेबाजी
साल 2012 में जसपाल राणा जूनियर राष्ट्रीय पिस्टल कोच के तौर पर नियुक्त हुए थे। उसके बाद उन्होंने अनीश भानवाला, चिंकी यादव, सौरभ चौधरी और मनु भाकर को निशानेबाजी की ट्रेनिंग दी थी। जसपाल राणा की ट्रेनिंग की बदौलत इन खिलाड़ियों ने भारत के नाम कई मेडल जीते थे।
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मनु भाकर के करियर में दिया योगदान
जसपाल राणा एक बेहतरीन कोच थे, जिन्होंने मनु भाकर के खेल को निखारने में अहम भूमिका निभाई थी। इसी वजह से मनु भाकर ने भारत के लिए कई मेडल जीते। मनु भाकर ने 2024 के पेरिस ओलंपिक में डबल ब्रॅान्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया था।