टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत 2007 में हुई थी। पाकिस्तान ने इस टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई लेकिन खिताब नहीं जीत सका। भारतीय टीम के हाथों उसे मुंह की खानी पड़ी। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने 5 रन से मुकाबला जीत ट्रॉफी अपने नाम कर लिया। इस टूर्नामेंट का दूसरा एडिशन दो साल बाद इंग्लैंड में आयोजित हुआ। पाकिस्तानी टीम इस बार मौका नहीं चूकी और श्रीलंका को हराकर खिताबी सपना पूरा किया।
फाइनल में बिखर गई श्रीलंकाई टीम
श्रीलंका का टूर्नामेंट में प्रदर्शन जबरदस्त रहा था। उसने सभी मैच जीतते हुए फाइनल तक का सफर तय किया था। कुमार संगाकारा की कप्तानी में टीम खिताब की प्रबल दावेदार लग रही थी लेकिन फाइनल में वह पूरी तरह से बिखर गई। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए श्रीलंकाई टीम निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 138 रन ही बना पाई, जिसे पाकिस्तान ने 18.4 ओवर में 2 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया।
शाहिद अफरीदी ने 40 गेंद में नाबाद 54 रन की पारी खेलने से पहले 20 रन देकर 1 विकेट झटका था। उन्हें इस बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। हालांकि पाकिस्तान की जीत के हीरो मोहम्मद आमिर को माना जाता है, जिन्होंने पहले ही ओवर में तिलकरत्ने दिलशान (0) का विकेट चटकाया था। दिलशान जबरदस्त फॉर्म में चल रहे थे और वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे।
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दिलशान का विकेट बना टर्निंग पॉइंट
पहले ही ओवर में दिलशान का बड़ा विकेट गंवाने के बाद श्रीलंकाई टीम कभी खुलकर नहीं खेल पाई। उसने जेहान मुबारक (0), सनथ जयसूर्या (17) और माहेला जयवर्धने (1) का भी विकेट पावरप्ले में ही गंवा दिया। ये तीनों विकेट अब्दुल रज्जाक ने लिए। टीम का स्कोर 32/4 होने के बाद संगाकारा ने 52 गेंद में नाबाद 64 रन की कप्तानी पारी खेल श्रीलंका को लड़ने लायक स्कोर तक पहुंचाया लेकिन यह नाकाफी साबित हुआ।
कामरान अकमल (37) और शाहजैब हसन (19) ने पाकिस्तान को सधी हुई शुरुआत दिलाई और फिर अफरीदी और शोएब मलिक (नाबाद 24) ने उसे आसानी से लक्ष्य तक पहुंचा दिया। श्रीलंका को दो साल में दूसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले वह 2007 वनडे वर्ल्ड कप में भी खिताब के करीब पहुंचकर चूक गई थी।
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भारत का कैसा रहा प्रदर्शन?
डिफेंडिंग चैंपियन भारतीय टीम को आसान ग्रुप में रखा गया था। वह बांग्लादेश और आयरलैंड के साथ ग्रुप-सी में थी। टीम इंडिया ने इन दोनों को आसानी से हराकर सुपर-8 में एंट्री ली। सुपर-8 स्टेज में भारतीय टीम साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज, इंग्लैंड के साथ एक ग्रुप में थी। महेंद्र सिंह धोनी ब्रिगेड को सुपर-8 में इन तीनों टीमों से हार का सामना करना पड़ा और वह सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाई।
टी20 वर्ल्ड कप के पहले एडिशन में इन टीमों ने लिया हिस्सा
- पाकिस्तान
- श्रीलंका
- वेस्टइंडीज
- साउथ अफ्रीका
- न्यूजीलैंड
- इंग्लैंड
- भारत
- आयरलैंड
- बांग्लादेश
- नीदरलैंड्स
- ऑस्ट्रेलिया
- स्कॉटलैंड